
फायर सेफ्टी मॉक ड्रिल: बिहार विधानसभा में बुधवार को एक बड़ा दिलचस्प नज़ारा देखने को मिला। अग्निशमन विभाग ने यहाँ गैस सिलेंडर में आग लगने जैसी गंभीर परिस्थितियों से निपटने के लिए लाइव डेमो दिया, जिसे देखकर सभी चौंक गए। इसका मकसद था लोगों को आग से बचाव और आपदा प्रबंधन के महत्वपूर्ण सबक सिखाना। इस विशेष फायर सेफ्टी मॉक ड्रिल का आयोजन विधानसभा परिसर में सुरक्षा तैयारियों को मजबूत करने और लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से किया गया था। बिहार अग्निशमन विभाग की टीम ने बताया कि सिलेंडर में आग लगने पर शुरुआती कुछ मिनटों में क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए, यह जानना बेहद जरूरी है। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार भी मौजूद रहे, उन्होंने कहा कि अगर लोग अग्निशमन विभाग द्वारा बताए गए सुरक्षा उपायों का पालन करें तो आग लगने से होने वाले नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
आग बुझाने की आधुनिक तकनीक और उपकरण
अधिकारियों ने बताया कि छोटी सी लापरवाही बड़े हादसे का कारण बन सकती है, इसी वजह से समय रहते सही कदम उठाना जरूरी होता है। टीम ने मौके पर आग बुझाने वाले उपकरणों का इस्तेमाल भी दिखाया। मॉक ड्रिल के दौरान अग्निशमन कर्मियों ने बहुमंजिला इमारतों में आग लगने की स्थिति से निपटने के लिए नई हाइड्रोलिक फायर गाड़ियों का भी प्रदर्शन किया। इन गाड़ियों की मदद से ऊंची इमारतों तक तेजी से पहुंचकर राहत और बचाव कार्य किया जा सकता है। विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि हाल ही में मुख्यमंत्री की ओर से बिहार अग्निशमन सेवा को नई आधुनिक गाड़ियां उपलब्ध कराई गई हैं, और उन्हें काम करते हुए देखकर बेहद खुशी हुई।
फायर सेफ्टी मॉक ड्रिल का महत्व और सावधानी
विधानसभा अध्यक्ष ने जोर देते हुए कहा कि बदलते शहरी ढांचे और बढ़ती बहुमंजिला इमारतों के बीच फायर सेफ्टी अब बेहद जरूरी विषय बन चुका है। ऐसे में लोगों को सिर्फ सरकारी व्यवस्था पर निर्भर नहीं रहना चाहिए, बल्कि खुद भी सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने आम लोगों से अपील की कि घरों और कार्यालयों में गैस सिलेंडर, बिजली उपकरण और अन्य ज्वलनशील वस्तुओं के इस्तेमाल में सावधानी बरतें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
स्कूलों और दफ्तरों में भी चलेगा जागरूकता अभियान
कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों ने बताया कि आने वाले समय में स्कूलों, सरकारी दफ्तरों और सार्वजनिक स्थानों पर भी इसी तरह के जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। इसका मकसद लोगों को किसी भी आपदा प्रबंधन की स्थिति में घबराने के बजाय सही तरीके से प्रतिक्रिया देने के लिए तैयार करना है।






