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Samrat Cabinet Meeting: बिहार को सौगात! अब गया से बैंकॉक सीधी उड़ानें, कैबिनेट ने 13 अहम फैसलों पर लगाई मुहर

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Samrat Cabinet Meeting: बिहार के आसमान में अब अंतरराष्ट्रीय उड़ानें और चमकेंगी! नीतीश सरकार ने बुधवार को कई बड़े फैसले लिए हैं, जिनमें गया अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से बैंकॉक के लिए सीधी उड़ानें शुरू करने का प्रस्ताव भी शामिल है। यह कदम राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने और अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी मजबूत करने की दिशा में एक अहम पहल है।

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मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कुल 13 एजेंडा आइटमों को मंजूरी दी गई। राज्य सरकार ने इस मार्ग के संचालन के लिए 10.40 करोड़ रुपये के प्रशासनिक व्यय को मंजूरी दी है। अधिकारियों ने बताया कि यह निर्णय राज्य में धार्मिक पर्यटन को नई ऊँचाई देगा और सीधी हवाई सेवा से विदेशी पर्यटकों, विशेष रूप से थाईलैंड के बौद्ध तीर्थयात्रियों की आवाजाही बढ़ेगी, जो हर साल बिहार के बौद्ध विरासत स्थलों का दौरा करते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। सरकार का मानना है कि इससे राज्य में पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्रों से जुड़े रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।

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गया-बैंकॉक उड़ानें: धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

इंडिगो एयरलाइंस को गया और बैंकॉक के बीच सीधी उड़ानें संचालित करने की अनुमति मिलने से बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए बिहार पहुंचना और आसान हो जाएगा। यह विशेष रूप से उन तीर्थयात्रियों के लिए फायदेमंद होगा जो बोधगया और अन्य बौद्ध स्थलों का दर्शन करने आते हैं। इससे न केवल अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी।

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सीमा सुरक्षा होगी और मजबूत

राज्य की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। इसके तहत सीमा सुरक्षा और खुफिया तंत्र को बेहतर बनाने के उद्देश्य से ‘आईजी बॉर्डर’ (IG Border) का एक नया पद सृजित किया जाएगा। यह पहल सीमावर्ती इलाकों में निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सख्त बनाएगी, जिससे राज्य में शांति और व्यवस्था सुनिश्चित होगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।

तकनीकी शिक्षा में बड़ा बदलाव

विज्ञान एवं तकनीकी शिक्षा विभाग में भी व्यापक सुधारों को मंजूरी दी गई है। विभाग के पुनर्गठन के साथ-साथ 53 नए पदों के सृजन को भी स्वीकृति मिली है। यह कदम तकनीकी शिक्षा प्रणाली को मजबूत करेगा, प्रशासनिक कामकाज में तेजी लाएगा और छात्रों के लिए बेहतर शैक्षिक अवसर प्रदान करेगा।

Samrat Cabinet Meeting: कैबिनेट के अन्य अहम फैसले

  • बिहार की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर सुरक्षा और खुफिया जानकारी जुटाने के लिए विशेष शाखा के तहत इंस्पेक्टर जनरल (सीमा) का एक नया पद सृजित किया जाएगा।
  • 15वें वित्त आयोग की सिफारिशों के बाद, वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ग्रामीण स्थानीय निकायों को बिहार आकस्मिकता निधि से 747.97 करोड़ रुपये का अग्रिम मंजूर किया गया।
  • मुख्यमंत्री विकास योजना के तहत सहरसा में एक आउटडोर स्टेडियम के निर्माण के लिए खेल विभाग को 6.61 एकड़ भूमि का निःशुल्क हस्तांतरण किया जाएगा।
  • औरंगाबाद जिले के देव में एक खेल परिसर के निर्माण के लिए भूमि हस्तांतरण को भी मंजूरी दी गई।
  • पटना के पुलिस महानिदेशक को वामपंथी उग्रवाद और खुफिया अभियानों में विशेषज्ञता के आधार पर 50 विशेष कुशल पुलिसकर्मियों को अधिकतम 15 साल की अवधि के लिए प्रतिनियुक्ति पर रखने का अधिकार दिया गया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
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औद्योगिक निवेश और सुरक्षा पर सरकार का जोर

कैबिनेट ने बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति के तहत नालंदा जिले में एक परबॉयल्ड चावल उत्पादन इकाई स्थापित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। अधिकारियों के अनुसार, इस परियोजना में 88.18 करोड़ रुपये का पूंजीगत निवेश होगा और इसकी उत्पादन क्षमता प्रतिदिन 960 मीट्रिक टन होगी। सरकार का अनुमान है कि यह इकाई लगभग 185 कुशल और अकुशल श्रमिकों के लिए रोजगार पैदा करेगी।

बिहार कैबिनेट के बड़े फैसले: 2026 में बदल जाएगी बिहार की तस्वीर! 13 प्रस्तावों से विकास की नई उड़ान

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बिहार में निवेश और औद्योगिक विकास की नई राह

1. नालंदा में 8818 करोड़ का राइस प्रोसेसिंग मेगा प्रोजेक्ट: बिहार सरकार ने नालंदा जिले के अरावां, बेन में मेसर्स पटेल एग्रोइंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड को बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति 2016 के तहत वित्तीय प्रोत्साहन देने की मंजूरी दी है. इस परियोजना के तहत 960 एमटीपीडी (MTPD) क्षमता की आधुनिक चावल प्रसंस्करण इकाई (Par-Boiled Rice Plant) स्थापित की जाएगी. इसमें लगभग 8818 करोड़ रुपये का निवेश होगा और प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से 185 लोगों को रोजगार मिलेगा.

यह सिर्फ एक राइस मिल नहीं है

बिहार एक कृषि आधारित राज्य है, लेकिन यहां वैल्यू एडिशन इंडस्ट्री की कमी रही है. इस प्रोजेक्ट का मकसद कच्चे धान को बड़े पैमाने पर प्रोसेस कर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाना है. इसका सीधा असर किसानों को बेहतर बाजार, स्थानीय ट्रांसपोर्ट सेक्टर को काम, वेयरहाउसिंग और सप्लाई चेन के विस्तार पर पड़ेगा. यह परियोजना बिहार में फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में बिहार में निवेश को और भी बढ़ावा देगी, जिससे किसानों को उपज का बेहतर दाम और युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे.

2. कैमूर में एथेनॉल प्लांट और पावर यूनिट को मंजूरी: कैबिनेट ने कैमूर जिले के कुदरा में ईएसई एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड (ESE Energy Private Limited) की परियोजना को भी हरी झंडी दिखाई है. इसमें 60 केएलपीडी (KLPD) एथेनॉल प्लांट और 2 मेगावाट का को-जेनरेशन पावर प्लांट शामिल है. लगभग 73.45 करोड़ रुपये के इस निवेश से 93 लोगों को रोजगार मिलेगा. भारत सरकार के एथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम को देखते हुए यह फैसला महत्वपूर्ण है, जो गन्ना और मक्का किसानों की मांग बढ़ाएगा, ग्रामीण उद्योग विकसित करेगा और हरित ऊर्जा नीति को बल देगा.

3. गया में 428 करोड़ की जलाशय परियोजना: गया जिले के डोभी प्रखंड में औद्योगिक क्षेत्र के लिए जल उपलब्ध कराने हेतु 428.08 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी मिली है. इसमें जलाशय का निर्माण, पाइपलाइन नेटवर्क, औद्योगिक जलापूर्ति प्रणाली और मोरहर नदी पर संरचना का निर्माण शामिल है. गया क्षेत्र अमृतसर-कोलकाता इंडस्ट्रियल कॉरिडोर का हिस्सा बन रहा है, जहां उद्योगों के लिए पानी, बिजली और लॉजिस्टिक्स जैसी बुनियादी सुविधाएं अत्यंत आवश्यक हैं. यह परियोजना टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग और मैन्युफैक्चरिंग इकाइयों जैसे उद्योगों को आकर्षित कर सकती है. लगभग 324 एकड़ भूमि अधिग्रहित की जाएगी और परियोजना को 48 महीने में पूरा करने का लक्ष्य है. आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।

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ग्रामीण स्वास्थ्य, खेल और सुरक्षा को मिली नई ताकत

4. ग्रामीण स्वास्थ्य के लिए 747 करोड़ रुपये जारी: सरकार ने ग्रामीण स्थानीय निकायों के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए 15वें वित्त आयोग की अनुशंसा पर 747.97 करोड़ रुपये जारी करने को मंजूरी दी है. यह राशि पंचायत स्तरीय स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं और ग्रामीण चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार पर खर्च होगी, जिससे गांव स्तर पर स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर होंगी.

5. छठे राज्य वित्त आयोग की अवधि बढ़ाई गई: कैबिनेट ने छठे राज्य वित्त आयोग की अनुशंसा अवधि को 2026-27 तक बढ़ा दिया है. यह फैसला इसलिए लिया गया क्योंकि नया राज्य वित्त आयोग अभी अपनी अनुशंसाएं नहीं दे पाया है. इससे पंचायतों का फंड नहीं अटकेगा, नगर निकायों का विकास प्रभावित नहीं होगा और विकास कार्यों में रुकावट नहीं आएगी.

6. विज्ञान परिषद में नए पदों को मंजूरी: बिहार काउंसिल ऑन साइंस एंड टेक्नोलॉजी के लिए पदों के पुनर्गठन को मंजूरी दी गई है. 94 स्वीकृत पदों में से 87 पद पुनर्स्थापित किए गए हैं और अतिरिक्त 53 नए पद सृजित किए गए हैं. इसका उद्देश्य वैज्ञानिक अनुसंधान को बढ़ावा देना, प्रशासनिक क्षमता बढ़ाना और छात्रों व शोधकर्ताओं को बेहतर सहायता प्रदान करना है, जो रिसर्च इन्फ्रास्ट्रक्चर को पुनर्जीवित करेगा.

7. Young Professionals Policy 2026 लागू: विज्ञान एवं तकनीकी शिक्षा विभाग ने “Young Professionals Policy 2026” को मंजूरी दी है. इस नीति के तहत विशेषज्ञ युवा पेशेवरों की नियुक्ति तकनीकी संस्थानों, विभागीय परियोजनाओं और रिसर्च व टेक्निकल सपोर्ट में की जाएगी. यह सरकारी विभागों में तकनीकी विशेषज्ञता की कमी को दूर करने और निजी क्षेत्र जैसी प्रतिभाओं को सरकारी संस्थानों से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है.

8. बिहार पुलिस में नया “IG Border” पद: राज्य सरकार ने सीमाई सुरक्षा मजबूत करने के लिए आईजी बॉर्डर (IG Border) का नया पद सृजित किया है. बिहार की सीमाएं नेपाल से जुड़ी हैं और कई अंतरराज्यीय संवेदनशील मार्गों से गुजरती हैं. यह नया पद सीमा सुरक्षा, खुफिया निगरानी, अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण और अंतरराज्यीय समन्वय को मजबूत करेगा, जिससे सरकार की सीमा आधारित अपराधों और तस्करी के प्रति गंभीरता दिखती है.

9. अरवल में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनेगा: अरवल जिले के करपी अंचल में 6.81 एकड़ भूमि खेल विभाग को हस्तांतरित की गई है, जहां आधुनिक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनेगा. इसमें इंडोर हॉल, आउटडोर ग्राउंड्स और ट्रेनिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर जैसी सुविधाएं होंगी. यह छोटे जिलों में खेल ढांचे को विकसित करने की सरकार की नई प्राथमिकता दर्शाता है.

10. औरंगाबाद में बड़ा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स: औरंगाबाद जिले के देव अंचल में भी 13.09 एकड़ भूमि पर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स निर्माण को मंजूरी दी गई है. इसका फायदा क्षेत्रीय खिलाड़ियों को ट्रेनिंग देने, राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं की संभावना बढ़ाने और खेल आधारित रोजगार के अवसर पैदा करने में मिलेगा.

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11. सहरसा में आउटडोर स्टेडियम: सहरसा जिले के सलखुआ में मुख्यमंत्री विकास योजना के तहत 6.61 एकड़ भूमि पर आउटडोर स्टेडियम बनाया जाएगा. यह ग्रामीण खेल प्रतिभाओं को मंच देगा, स्थानीय टूर्नामेंटों को बढ़ावा देगा और क्षेत्र में खेल संस्कृति को विकसित करेगा.

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बिहार कैबिनेट के अन्य प्रमुख फैसले: पर्यटन और प्रशासन

12. गया से बैंकॉक सीधी उड़ान: सरकार ने गया-बैंकॉक नॉन-स्टॉप अंतरराष्ट्रीय उड़ान सेवा को मंजूरी दी है. इंडिगो एयरलाइंस इसे संचालित करेगी और सरकार 10.40 करोड़ रुपये तक की वायेबिलिटी गैप फंडिंग (Viability Gap Funding) प्रदान करेगी. गया बौद्ध पर्यटन का वैश्विक केंद्र है और थाईलैंड, म्यांमार, श्रीलंका, जापान जैसे देशों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां आते हैं. इस फैसले से विदेशी पर्यटन बढ़ेगा, होटल उद्योग, स्थानीय व्यापार और अंतरराष्ट्रीय पहचान मजबूत होगी. टैक्सी, ट्रैवल एजेंसी, रेस्तरां, हैंडीक्राफ्ट और स्थानीय बाजार जैसे सभी क्षेत्रों को सीधा फायदा मिलेगा.

13. STF में 50 विशेषज्ञ जवान तैनात होंगे: वामपंथी उग्रवाद के खिलाफ कार्रवाई मजबूत करने के लिए एसटीएफ (STF) में 50 विशेष दक्ष पुलिसकर्मियों की तैनाती को मंजूरी दी गई है. इनका चयन अनुभव, खुफिया क्षमता और विशेष अभियान कौशल के आधार पर होगा और अधिकतम 15 वर्ष तक प्रतिनियुक्ति की जाएगी. इसका मतलब है कि सरकार नक्सल विरोधी अभियानों को और अधिक पेशेवर और इंटेलिजेंस आधारित बनाना चाहती है.

कुल मिलाकर, इन बिहार कैबिनेट के बड़े फैसले को अगर ध्यान से देखा जाए तो सरकार चार बड़े क्षेत्रों पर फोकस कर रही है: उद्योग आधारित अर्थव्यवस्था (राइस प्रोसेसिंग, एथेनॉल, इंडस्ट्रियल कॉरिडोर), इंफ्रास्ट्रक्चर और पर्यटन (गया-बैंकॉक उड़ान, जलाशय, खेल परिसर), ग्रामीण प्रशासन और स्वास्थ्य (पंचायत फंडिंग, हेल्थ ग्रांट) तथा सुरक्षा और प्रशासनिक आधुनिकीकरण (आईजी बॉर्डर, एसटीएफ विस्तार, यंग प्रोफेशनल्स नीति). कुल मिलाकर, इन फैसलों से स्पष्ट है कि सरकार बिहार में निवेश आकर्षित करने और औद्योगिक विकास को गति देने पर विशेष ध्यान दे रही है.

राजनीतिक तौर पर देखें तो यह कैबिनेट ग्रामीण विकास + निवेश + रोजगार + पर्यटन + सुरक्षा का मिश्रित मॉडल पेश करती है, जिसमें सरकार विकास और प्रशासनिक नियंत्रण दोनों को साथ लेकर चलना चाहती है. देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

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ये सभी कैबिनेट निर्णय राज्य सरकार के बुनियादी ढांचे के विस्तार, पर्यटन विकास, औद्योगिक विकास और आंतरिक सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने पर केंद्रित हैं। अधिकारियों ने कहा कि खेल के बुनियादी ढांचे और अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी, जैसे गया-बैंकॉक उड़ानें से जुड़े प्रोजेक्ट, क्षेत्रीय विकास में सुधार लाने और बिहार को एक पर्यटन व निवेश गंतव्य के रूप में पहचान दिलाने में मदद करेंगे।

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