
Bihar Vigilance Trap: बिहार में भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार! निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने मौलाना मजरूल हक अरबी एंड फ़ारसी विश्वविद्यालय के सहायक कुलसचिव को ढाई लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई तब हुई जब अधिकारी एक पुराने कॉलेज को दोबारा मान्यता दिलाने के नाम पर पैसे मांग रहा था। सनुल्लाह खान नामक इस सहायक कुलसचिव की गिरफ्तारी से विश्वविद्यालय परिसर में हड़कंप मच गया है।
Bihar Vigilance Trap: कैसे हुआ खुलासा?
दरअसल, रामानंद महतो नामक शिकायतकर्ता ने निगरानी अन्वेषण ब्यूरो से संपर्क किया था। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपने ज्ञान संसाधन केंद्र के लिए सभी आवश्यक शुल्क जमा कर दिए थे और छात्रों का नामांकन भी करा लिया था। दो कॉलेजों में क्रमशः 40 और 35 छात्रों की परीक्षाएं भी सफलतापूर्वक संपन्न हो चुकी थीं। सभी दस्तावेज विश्वविद्यालय में जमा करने के बावजूद उन्हें रसीद नहीं दी जा रही थी। उनसे साफ कहा गया कि बिना पैसे दिए उनका काम आगे नहीं बढ़ेगा।
महतो ने बताया कि सहायक कुलसचिव सनुल्लाह खान ने उनसे सीधे ढाई लाख रुपये की मांग की थी। इस दौरान संबंधित कार्यालय को भी बंद कर दिया गया, जिससे उन पर दबाव बढ़ गया। आखिरकार, उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई के लिए निगरानी विभाग का दरवाजा खटखटाया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
निगरानी टीम ने ऐसे बिछाया जाल
शिकायत मिलने के बाद, निगरानी डीएसपी श्याम बाबू प्रसाद के नेतृत्व में मामले की जांच की गई। जांच में शिकायत सही पाए जाने पर एफआईआर दर्ज की गई और एक विशेष ट्रैप टीम का गठन किया गया। योजना के तहत, जैसे ही आरोपी सहायक कुलसचिव सनुल्लाह खान ने रिश्वत की रकम ढाई लाख रुपये ली, निगरानी टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया। मौके से रिश्वत की रकम भी बरामद कर ली गई है। यह मामला बिहार में विश्वविद्यालय भ्रष्टाचार की जड़ों को उजागर करता है।
उच्च स्तरीय जांच की आशंका
प्राथमिक जांच में यह भी सामने आया है कि इस पूरे मामले में सिर्फ सनुल्लाह खान ही नहीं, बल्कि और भी कई लोगों की संलिप्तता हो सकती है। कुछ आरोप विश्वविद्यालय के उच्च स्तरीय अधिकारियों तक भी पहुंच रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी। फिलहाल, निगरानी टीम पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है और इस Bihar Vigilance Trap से जुड़े हर पहलू को खंगाल रही है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। आगे की कार्रवाई जारी है।







