Bihar Weather: दक्षिण-पश्चिम मानसून के बिहार पहुंचने के बावजूद प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में भीषण गर्मी, तेज धूप और उच्च आर्द्रता से लोग परेशान हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बिहार के 24 जिलों के लिए आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। इनमें से 14 जिलों को ऑरेंज अलर्ट पर रखा गया है, जबकि 10 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी हुआ है।
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मौसम विभाग के अनुसार, प्रभावित क्षेत्रों में 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। बीते 24 घंटों में सुपौल में बारिश दर्ज की गई, वहीं शेखपुरा और पटना जैसे जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। मौसम कार्यालय ने संकेत दिया है कि अगले तीन से चार दिनों तक अधिकतम तापमान में कोई खास बदलाव आने की उम्मीद नहीं है।
मानसून के बावजूद बिहार में क्यों जारी है गर्मी का कहर?
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के आगमन का यह अर्थ नहीं कि राज्य के सभी हिस्सों में तुरंत व्यापक और लगातार बारिश होगी। मानसून की गतिविधि धीरे-धीरे आगे बढ़ती है और बादलों के छाने तथा वर्षा की तीव्रता एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र में भिन्न होती है। वर्तमान में बिहार के कई हिस्सों में धूप और बादलों का मिश्रण देखने को मिल रहा है।
जिन क्षेत्रों में अभी तक पर्याप्त वर्षा नहीं हुई है, वहां तेज सौर विकिरण और वातावरण में उच्च नमी के कारण उमस और बेचैनी बढ़ रही है। नतीजतन, मानसून की शुरुआत के बावजूद, लोगों को सामान्य से अधिक असहज स्थिति का सामना करना पड़ रहा है।
इन 24 जिलों के लिए IMD का अलर्ट, जानें अपने क्षेत्र का हाल
मौसम विभाग ने आगामी दिनों में उत्तरी और पूर्वी जिलों में बारिश की अधिक संभावना जताई है। कई क्षेत्रों में बिजली कड़कने के साथ आंधी भी आ सकती है। वहीं, दक्षिणी और मध्य बिहार के कुछ हिस्सों में अभी भी सामान्य से अधिक तापमान दर्ज होने की उम्मीद है।
राजधानी पटना में मंगलवार को आंशिक रूप से बादल छाए रहने और कुछ इलाकों में हल्की बारिश की संभावना है। हालांकि, दिन भर उमस भरी स्थिति बनी रहेगी। राज्य की राजधानी में अधिकतम तापमान 37 से 39 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है।
किसानों को राहत, लेकिन आमजन को अभी और करना होगा इंतजार
मानसून की बारिश शुरू होने से खरीफ की बुवाई की तैयारी कर रहे किसानों को राहत मिली है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि मिट्टी में नमी बढ़ने से राज्य भर में बुवाई की गतिविधियों और धान की रोपाई में तेजी आएगी।
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यह बारिश धान की खेती के लिए अपने खेतों को तैयार कर रहे किसानों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद साबित होगी। इससे सिंचाई पर निर्भरता कम होगी और उत्पादन लागत में भी कमी आ सकती है। हालांकि, आमजन को भीषण गर्मी से पूरी तरह राहत के लिए अभी कुछ और दिनों का इंतजार करना पड़ सकता है।







