
Data Center: बिहार के बिहटा में अब सिर्फ ईंट-पत्थर ही नहीं, बल्कि डिजिटल भविष्य की नींव भी रखी जा रही है। जल्द ही बिहटा का सिकंदरपुर एक हाई-टेक हब बनने वाला है, जहां आधुनिक तकनीक और सैकड़ों नौकरियों का संगम होगा। 50.75 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली यह यूनिट 450 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार देगी, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए नए रास्ते खुलेंगे।
बिहटा बनेगा आधुनिक Data Center और कॉल सेंटर हब
बिहार सरकार के उद्योग विभाग ने राज्य में डिजिटल क्रांति की ओर एक और बड़ा कदम बढ़ाया है। संजीवनी मीडिया एंड टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड द्वारा बिहटा के सिकंदरपुर में एक आधुनिक Data Center और कॉल सेंटर यूनिट स्थापित की जा रही है। प्रोजेक्ट स्वीकृति समिति ने इस 50.75 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। बियाडा (BIADA) ने भी इस प्रोजेक्ट के लिए भूमि आवंटन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। यह यूनिट न केवल डाटा स्टोरेज का काम करेगी, बल्कि यहां से बड़े स्तर पर कॉल सेंटर का संचालन भी होगा।
फिल्म उद्योग को मिलेगी संजीवनी
इस केंद्र में डाटा सेंटर के साथ-साथ फिल्म एडिटिंग और डिजिटल प्रोसेसिंग की वर्ल्ड क्लास सुविधाएं उपलब्ध होंगी। वर्तमान में बिहार के फिल्म निर्माताओं को अपनी फिल्मों की पोस्ट-प्रोडक्शन और एडिटिंग के लिए दिल्ली या मुंबई जैसे महानगरों का रुख करना पड़ता है, जिससे निर्माण लागत काफी बढ़ जाती है। बिहटा में यह यूनिट शुरू होने से फिल्म उद्योग को संजीवनी मिलेगी। अब स्थानीय स्तर पर ही फिल्मों की एडिटिंग और प्रोसेसिंग संभव होगी, जिससे न केवल फिल्म मेकर्स का पैसा बचेगा बल्कि क्षेत्रीय सिनेमा को भी ग्लोबल पहचान मिलने में आसानी होगी।
बिहार के युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर
राज्य के उद्योग मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल और विभाग के सचिव कुंदन कुमार के मुताबिक, इस यूनिट के शुरू होने से प्रत्यक्ष तौर पर 450 लोगों को सीधा रोजगार मिलेगा। यह उन छात्रों के लिए एक बड़ा अवसर है जो बिहार के इंजीनियरिंग कॉलेजों से आईटी, कंप्यूटर साइंस और एनिमेशन की पढ़ाई कर रहे हैं। अब उन्हें करियर की शुरुआत के लिए पलायन नहीं करना पड़ेगा, और बिहार में ही नए रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। बिहटा का यह सेंटर राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ ‘ब्रेन ड्रेन’ को रोकने में भी अहम भूमिका निभाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि बिहार को केवल लेदर और टेक्सटाइल ही नहीं, बल्कि आईटी और टेक्नोलॉजी सेक्टर में भी अग्रणी बनाया जाए।
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