
बिहार के लाखों शिक्षक अभ्यर्थियों का इंतजार अब और भी रोमांचक मोड़ पर पहुँच गया है! क्या जनवरी के अंत तक आएगी बहुप्रतीक्षित BPSC TRE 4.0 की अधिसूचना, या फिर एक बार फिर होगा इंतजार? शिक्षा मंत्री के ताजा बयान और विभाग के अंदरखाने से मिल रही जानकारी ने हलचल मचा दी है, जानिए इस मेगा भर्ती से जुड़ी हर अहम बात…
शिक्षक बहाली पर शिक्षा मंत्री का बड़ा बयान
बिहार में चौथी चरण की शिक्षक बहाली (BPSC TRE 4.0) का नोटिफिकेशन 26 जनवरी तक जारी कर दिया जाएगा। यह महत्वपूर्ण जानकारी बिहार के शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने गोपालगंज के भोरे में पत्रकारों से बातचीत के दौरान दी। वे भोरे स्थित गंडक परिसर में आयोजित एनडीए कार्यकर्ताओं के भोज में शिरकत करने पहुंचे थे। मंत्री ने बताया कि इस चरण में प्राथमिक, मध्य विद्यालय और प्लस-टू स्तर पर 27,000 से अधिक पदों पर शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। शिक्षा विभाग सभी जिलों से रिक्तियों का अद्यतन ब्योरा मंगा रहा है। एक बार रोस्टर तैयार होते ही, इस बड़ी बहाली की औपचारिक शुरुआत कर दी जाएगी। सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि नई नियुक्तियों से विद्यालयों में शिक्षकों की कमी को पूरी तरह दूर किया जा सके और राज्य में शिक्षा की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार आए।
क्यों हो रही है नियुक्ति प्रक्रिया में देरी?
हालांकि, इस शिक्षक बहाली में तय समय से देरी की आशंका बनी हुई है। इसका मुख्य कारण यह है कि शिक्षा विभाग को अभी तक राज्य के 38 जिलों में से केवल 15 जिलों से ही कक्षा एक से 12 तक के शिक्षकों की रिक्ति का विवरण मिल पाया है। सभी जिलों से रिक्तियों की जानकारी नहीं मिलने के कारण विद्यालय अध्यापक नियुक्ति परीक्षा (टीआरई 4) के आयोजन की तिथि भी तय नहीं हो पा रही है। जिन 15 जिलों ने अब तक शिक्षकों की रिक्ति भेजी है, उनमें रोहतास, भोजपुर, औरंगाबाद, पश्चिम चंपारण, शिवहर, पटना, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, बांका और गया प्रमुख हैं। सभी जिलों से रिक्तियों का विवरण प्राप्त होने और रोस्टर क्लियरेंस के बाद ही इन रिक्तियों को बीपीएससी को भेजा जाएगा, जिसके बाद ही नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
संभावित पदों की संख्या और एसटीईटी की स्थिति
शिक्षा विभाग लगातार बीपीएससी के साथ समन्वय बनाकर काम कर रहा है, ताकि भर्ती प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी हो सके। आपको बता दें कि राज्य में कुल 78 हजार प्रारंभिक से लेकर उच्च माध्यमिक स्कूलों में शिक्षकों के रिक्त पदों की सूचना मांगी जा रही है। इस प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों ने जिलों को पत्र भेजने के साथ-साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भी रिक्तियों की मांग की है। पिछले दिनों शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. बी. राजेन्दर ने रिक्ति नहीं भेजने वाले जिलों के अधिकारियों को सख्त हिदायत भी दी थी, लेकिन इसके बावजूद कई जिलों से जानकारी नहीं मिल पाई है। इससे पहले, 21 सितंबर को तत्कालीन शिक्षा मंत्री ने प्रेस वार्ता में बताया था कि सितंबर अंत तक रिक्ति बीपीएससी को भेज दी जाएगी और टीआरई 4 दिसंबर तक आयोजित हो जाएगी। तब टीआरई 4 में संभावित रिक्ति 26 हजार बताई गई थी। शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, विभिन्न जिलों से कक्षा एक से 12 तक लगभग एक लाख शिक्षकों की रिक्ति आने की संभावना है। वहीं, विभिन्न विषयों के लिए एसटीईटी (माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा) अभी भी आयोजित की जा रही है, जबकि पहले 16 नवंबर को परिणाम जारी करने की बात कही गई थी।
डोमिसाइल नीति से बिहार के युवाओं को मिलेगा फायदा
टीआरई 4 में पहली बार एक नई व्यवस्था लागू की जा रही है, जिसके तहत राज्य के युवाओं के लिए लगभग 85 प्रतिशत सीटें आरक्षित होंगी। इसका मतलब है कि केवल 15 प्रतिशत सीटों पर ही दूसरे राज्यों के निवासी और बिहार के वैसे निवासी जिनकी मैट्रिक और इंटरमीडिएट की डिग्री दूसरे राज्यों की है, उनकी भर्ती हो पाएगी। इस डोमिसाइल नीति के लागू होने से बिहार के अधिक से अधिक युवाओं को अपने ही राज्य में शिक्षक बनने का सुनहरा अवसर मिलेगा।
महिला अभ्यर्थियों के लिए विशेष आरक्षण
महिला अभ्यर्थियों के लिए भी इस बार विशेष प्रावधान किए गए हैं। कक्षा 5 तक के शिक्षक भर्ती में 50 प्रतिशत आरक्षण का लाभ केवल बिहार की महिला अभ्यर्थियों को ही मिलेगा। अन्य श्रेणियों में भी बिहार की महिला अभ्यर्थियों को 35 प्रतिशत आरक्षण का लाभ दिया जाएगा। पिछले तीन चरणों की शिक्षक बहाली में उत्तर प्रदेश और झारखंड सहित अन्य राज्यों से काफी संख्या में महिला अभ्यर्थियों की नियुक्ति हुई थी, जिसे देखते हुए यह कदम उठाया गया है।
पिछले चरणों की सफलता और आगे की राह
पिछले दो वर्षों में बीपीएससी की अनुशंसा पर तीन चरणों में कुल 2 लाख 68 हजार 548 अध्यापकों की सफल बहाली हुई है। इनमें से पहले चरण में 1 लाख 2 हजार 871 और दूसरे चरण में 69 हजार 500 अध्यापक नियुक्त किए गए थे। शिक्षा विभाग की योजना है कि शिक्षकों की नियुक्ति दो चरणों में पूरी की जाए, जिससे विद्यालयों में शिक्षकों की कमी को स्थायी रूप से दूर किया जा सके और बिहार की शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा मिल सके।



