back to top
⮜ शहर चुनें
फ़रवरी, 21, 2026
spot_img

42 साल बाद बिहार में होगा कुछ ख़ास, 28 राज्यों से आ रहे है …जानिए

spot_img
- Advertisement - Advertisement

पटना। 20 और 21 जनवरी को बिहार विधानसभा में अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारियों का सम्मेलन आयोजित होगा। यह सम्मेलन संवैधानिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने और संसद-विधायिका की भूमिका पर चर्चा का एक मंच बनेगा। 1982 के बाद पहली बार यह आयोजन बिहार में हो रहा है।

- Advertisement -

सम्मेलन की विशेषताएं

  • उद्घाटन:
    • उद्घाटन लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला करेंगे।
    • राज्यसभा के उपाध्यक्ष हरिवंश विशेष रूप से मौजूद रहेंगे।
  • शामिल होंगे:
    • 28 राज्यों के विधानसभा अध्यक्ष।
    • 6 विधान परिषदों के सभापति।
    • केंद्र शासित प्रदेशों के स्पीकर।
    • कुल लगभग 300 अतिथि।
  • स्थल:
    • उद्घाटन और समापन सत्र बिहार विधानसभा के सेंट्रल हॉल में होगा।
    • 19 जनवरी को अतिथि पटना पहुंचेंगे।
यह भी पढ़ें:  Bihar Rajya Sabha Election 2026: बिहार में राज्यसभा की 5 सीटों पर फंसा पेंच, NDA के अंदर ही मची खींचतान!

कार्यक्रम का एजेंडा

  • संवैधानिक व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में संसद और विधायिका की भूमिका।
  • विधायिकाओं की वर्तमान चुनौतियां और समाधान।
  • लोकसभा और विधानसभाओं में नियमों की प्रभावशीलता।

पर्यटन स्थलों का भ्रमण

21 जनवरी को समापन के बाद अतिथियों के लिए पटना के प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण आयोजित होगा। इसमें शामिल हैं:

- Advertisement -
  1. हरि मंदिर साहिब गुरुद्वारा।
  2. बापू टावर।
  3. सभ्यता द्वार।
  4. बिहार संग्रहालय।
यह भी पढ़ें:  Bihar Police Recruitment Scam: बिहार पुलिस भर्ती घोटाला सिपाही परीक्षा में सॉल्वर गैंग का भंडाफोड़, कई जिलों के 7 जालसाज गिरफ्तार

तैयारियां जोरों पर

  • विधानसभा अध्यक्ष नंदकिशोर यादव तैयारियों की व्यक्तिगत निगरानी कर रहे हैं।
  • प्रोटोकॉल और लाइजन अधिकारियों को अतिथियों के परिवहन, आवास, और अन्य व्यवस्थाओं में कोई कमी न रहने देने के निर्देश दिए गए हैं।

महत्वपूर्ण तथ्य

  • बिहार में यह सम्मेलन 85वीं बार हो रहा है।
  • पिछली बार 1982 में जब यह आयोजन हुआ था, तब कांग्रेस के राधानंदन झा विधानसभा अध्यक्ष थे।
यह भी पढ़ें:  Bihar Law and Order: तेजस्वी यादव का नीतीश सरकार पर बड़ा हमला, बिहार में कानून-व्यवस्था और पुलिस पर गंभीर तीर आर-पार

निष्कर्ष

यह सम्मेलन न केवल विधायिका की भूमिका को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि बिहार की सांस्कृतिक और प्रशासनिक क्षमताओं को प्रदर्शित करने का भी अवसर है। बिहार सरकार और विधानसभा प्रशासन इसे सफल बनाने में जुटा है।

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

21 फरवरी 2026: आज पाएं फ्री दमदार रिवॉर्ड्स के साथ Free Fire MAX Redeem Codes

Free Fire MAX Redeem Codes: मोबाइल गेमिंग की दुनिया में रोमांच और प्रतिस्पर्धा लगातार...

धुरंधर 2: रणवीर सिंह की ‘धुरंधर 2’ की डबिंग हुई पूरी, इस धांसू तारीख को सिनेमाघरों में मचाएगी धमाल!

Dhurandhar 2 News: रणवीर सिंह की 'धुरंधर' ने जिस तरह बॉक्स ऑफिस पर धूम...

Malayalam Horror Films: दिल दहला देने वाली ये फिल्में कर देंगी आपकी रूह कांपने पर मजबूर!

Malayalam Horror Films: इस वीकेंड अगर आप अपनी शाम को सिहरन और रोमांच से...

वॉशिंग मशीन: नया जैसा चमकाने के लिए अपनाएं ये स्मार्ट टिप्स

Washing Machine: अगर आपकी वॉशिंग मशीन धीरे-धीरे अपनी चमक खो रही है, दुर्गंध दे...
error: कॉपी नहीं, शेयर करें