spot_img

42 साल बाद बिहार में होगा कुछ ख़ास, 28 राज्यों से आ रहे है …जानिए

spot_img
- Advertisement -

पटना। 20 और 21 जनवरी को बिहार विधानसभा में अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारियों का सम्मेलन आयोजित होगा। यह सम्मेलन संवैधानिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने और संसद-विधायिका की भूमिका पर चर्चा का एक मंच बनेगा। 1982 के बाद पहली बार यह आयोजन बिहार में हो रहा है।

- Advertisement -

सम्मेलन की विशेषताएं

  • उद्घाटन:
    • उद्घाटन लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला करेंगे।
    • राज्यसभा के उपाध्यक्ष हरिवंश विशेष रूप से मौजूद रहेंगे।
  • शामिल होंगे:
    • 28 राज्यों के विधानसभा अध्यक्ष।
    • 6 विधान परिषदों के सभापति।
    • केंद्र शासित प्रदेशों के स्पीकर।
    • कुल लगभग 300 अतिथि।
  • स्थल:
    • उद्घाटन और समापन सत्र बिहार विधानसभा के सेंट्रल हॉल में होगा।
    • 19 जनवरी को अतिथि पटना पहुंचेंगे।
यह भी पढ़ें:  Bihar Medical College News: सरकारी मेडिकल कॉलेजों की बदहाली पर सरकार चिंतित,फैकल्टी की कमी, संसाधनों की भरमार फिर भी बदहाली, सरकार ने इनसे मांगी मदद

कार्यक्रम का एजेंडा

  • संवैधानिक व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में संसद और विधायिका की भूमिका।
  • विधायिकाओं की वर्तमान चुनौतियां और समाधान।
  • लोकसभा और विधानसभाओं में नियमों की प्रभावशीलता।

पर्यटन स्थलों का भ्रमण

21 जनवरी को समापन के बाद अतिथियों के लिए पटना के प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण आयोजित होगा। इसमें शामिल हैं:

- Advertisement -
  1. हरि मंदिर साहिब गुरुद्वारा।
  2. बापू टावर।
  3. सभ्यता द्वार।
  4. बिहार संग्रहालय।
यह भी पढ़ें:  Bihar Health News: बिहार में डॉक्टरों की निजी प्रैक्टिस पर बैन, PPP मोड में आएंगे मेडिकल कॉलेज, बड़े बदलाव की तैयारी!

तैयारियां जोरों पर

  • विधानसभा अध्यक्ष नंदकिशोर यादव तैयारियों की व्यक्तिगत निगरानी कर रहे हैं।
  • प्रोटोकॉल और लाइजन अधिकारियों को अतिथियों के परिवहन, आवास, और अन्य व्यवस्थाओं में कोई कमी न रहने देने के निर्देश दिए गए हैं।

महत्वपूर्ण तथ्य

  • बिहार में यह सम्मेलन 85वीं बार हो रहा है।
  • पिछली बार 1982 में जब यह आयोजन हुआ था, तब कांग्रेस के राधानंदन झा विधानसभा अध्यक्ष थे।
यह भी पढ़ें:  Indian Railway: कटिहार-अमृतसर के बीच चलेगी स्पेशल ट्रेन, लाखों यात्रियों को मिलेगी बड़ी राहत!

निष्कर्ष

यह सम्मेलन न केवल विधायिका की भूमिका को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि बिहार की सांस्कृतिक और प्रशासनिक क्षमताओं को प्रदर्शित करने का भी अवसर है। बिहार सरकार और विधानसभा प्रशासन इसे सफल बनाने में जुटा है।

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

IPL 2026: IPL 2026 में राजस्थान रॉयल्स की कमान रियान पराग के हाथों में: जानिए क्यों हुआ यह बड़ा फैसला

IPL 2026: इंडियन प्रीमियर लीग 2026 से पहले क्रिकेट जगत में हलचल तेज हो...

IPL 2026: कैमरून ग्रीन की चोट पर क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया का बड़ा बयान, मुंबई इंडियंस की बढ़ी चिंता!

IPL 2026: क्रिकेट प्रेमियों के दिलों की धड़कनें तेज करने वाले इंडियन प्रीमियर लीग...

हुंडई वेन्यू: सुरक्षा में बेजोड़, Tata Nexon को मिली कड़ी टक्कर!

Hyundai Venue: अगर आप एक ऐसी SUV की तलाश में हैं जो स्टाइल, परफॉरमेंस...