back to top
⮜ शहर चुनें
मार्च, 22, 2026
spot_img

42 साल बाद बिहार में होगा कुछ ख़ास, 28 राज्यों से आ रहे है …जानिए

spot_img
- Advertisement -

पटना। 20 और 21 जनवरी को बिहार विधानसभा में अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारियों का सम्मेलन आयोजित होगा। यह सम्मेलन संवैधानिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने और संसद-विधायिका की भूमिका पर चर्चा का एक मंच बनेगा। 1982 के बाद पहली बार यह आयोजन बिहार में हो रहा है।

- Advertisement -

सम्मेलन की विशेषताएं

  • उद्घाटन:
    • उद्घाटन लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला करेंगे।
    • राज्यसभा के उपाध्यक्ष हरिवंश विशेष रूप से मौजूद रहेंगे।
  • शामिल होंगे:
    • 28 राज्यों के विधानसभा अध्यक्ष।
    • 6 विधान परिषदों के सभापति।
    • केंद्र शासित प्रदेशों के स्पीकर।
    • कुल लगभग 300 अतिथि।
  • स्थल:
    • उद्घाटन और समापन सत्र बिहार विधानसभा के सेंट्रल हॉल में होगा।
    • 19 जनवरी को अतिथि पटना पहुंचेंगे।
यह भी पढ़ें:  Bihar Diwas: बिहार दिवस पर Patna गांधी मैदान बना उत्सव का अखाड़ा, CM Nitish ने किया भव्य उद्घाटन

कार्यक्रम का एजेंडा

  • संवैधानिक व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में संसद और विधायिका की भूमिका।
  • विधायिकाओं की वर्तमान चुनौतियां और समाधान।
  • लोकसभा और विधानसभाओं में नियमों की प्रभावशीलता।

पर्यटन स्थलों का भ्रमण

21 जनवरी को समापन के बाद अतिथियों के लिए पटना के प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण आयोजित होगा। इसमें शामिल हैं:

- Advertisement -
  1. हरि मंदिर साहिब गुरुद्वारा।
  2. बापू टावर।
  3. सभ्यता द्वार।
  4. बिहार संग्रहालय।
यह भी पढ़ें:  Bihar Crop Loss: बिहार में बेमौसम मार, किसानों की फसल बर्बाद, अब मिलेगा मुआवजा!

तैयारियां जोरों पर

  • विधानसभा अध्यक्ष नंदकिशोर यादव तैयारियों की व्यक्तिगत निगरानी कर रहे हैं।
  • प्रोटोकॉल और लाइजन अधिकारियों को अतिथियों के परिवहन, आवास, और अन्य व्यवस्थाओं में कोई कमी न रहने देने के निर्देश दिए गए हैं।

महत्वपूर्ण तथ्य

  • बिहार में यह सम्मेलन 85वीं बार हो रहा है।
  • पिछली बार 1982 में जब यह आयोजन हुआ था, तब कांग्रेस के राधानंदन झा विधानसभा अध्यक्ष थे।
यह भी पढ़ें:  Bihar Politics: बिहार में फिर चमकेगा 'छोटे सरकार' का सिक्का? पढ़िए... Anant Singh की जेल से रिहाई, भव्य स्वागत की तैयारी और क्या होगा 'छोटे सरकार' का अगला कदम?

निष्कर्ष

यह सम्मेलन न केवल विधायिका की भूमिका को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि बिहार की सांस्कृतिक और प्रशासनिक क्षमताओं को प्रदर्शित करने का भी अवसर है। बिहार सरकार और विधानसभा प्रशासन इसे सफल बनाने में जुटा है।

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

Mahindra XEV 9S ने रचा इतिहास: EV सेगमेंट में शीर्ष स्थान हासिल कर MG और Tata को पछाड़ा

Mahindra XEV 9S: भारतीय इलेक्ट्रिक वाहन बाजार में प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है, लेकिन...

Darbhanga News: सतीघाट में Bhagwat Katha की अमृत वर्षा, कपिल-देवहूति संवाद सुन झूमे श्रद्धालु, खुला सृष्टि का अनूठा रहस्य

Bhagwat Katha: जैसे सागर में लहरें उठती हैं, ठीक वैसे ही कुशेश्वरस्थान के सतीघाट...

धुरंधर 2 की सच्चाई: विवेक सिन्हा ने दिया ‘Propaganda’ के आरोपों का करारा जवाब!

Dhurandhar 2 News: धुरंधर 2 की सच्चाई: विवेक सिन्हा ने दिया 'Propaganda' के आरोपों...
error: कॉपी नहीं, शेयर करें