Darbhanga Drowning News: दरभंगा में दहला देने वाली घटना! स्कूल से लौटा मासूम, दोस्तों संग नदी में नहाने उतरा, डूबा, मौत, 3 KM दूर मिला शव। शुक्रवार से शनिवार तक मचा रहा कोहराम:
बिहार के दरभंगा जिले में एक दुखद घटना सामने आई है, जहां नदी में नहाते समय अमृत सहनी के 13 वर्षीय बेटे विजय कुमार की डूबने से मौत हो गई। इस हादसे के बाद पूरे इलाके में मातम पसर गया है, जबकि मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। यह घटना एपीएम थाना क्षेत्र अंतर्गत हायाघाट नगर पंचायत में हुई, जिसने सभी को झकझोर कर रख दिया है।
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हायाघाट में दर्दनाक हादसा, तीन किमी दूर मिला शव
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे विजय कुमार की मौत नदी में डूबने से हो गई। विजय स्कूल से घर लौटने के बाद अपने दोस्तों के साथ घर के सामने बह रही नदी में नहाने गया था। नहाते समय वह गहरे पानी में चला गया और पानी के तेज बहाव में फंसकर बाहर नहीं निकल पाया, जिससे उसकी दर्दनाक मौत हो गई। जब विजय काफी देर तक घर नहीं लौटा, तो परिवारवालों को चिंता हुई और उन्होंने उसकी तलाश शुरू कर दी।
स्थानीय लोगों और परिजनों ने मिलकर नदी के घाट पर काफी खोजबीन की, लेकिन शुक्रवार को उसका कोई पता नहीं चल सका। पूरे इलाके में बच्चे के लापता होने की खबर फैल गई और लोगों की भीड़ नदी किनारे जमा हो गई। शनिवार सुबह, यानी घटना के एक दिन बाद, विजय का शव घटनास्थल से लगभग तीन किलोमीटर दूर नदी किनारे बरामद किया गया। शव मिलने के बाद परिवार में चीख-पुकार मच गई और पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।
मां का हृदयविदारक बयान, परिवार में पसरा मातम
मृतक विजय की मां शोभा देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने बताया कि उनके तीन बेटे हैं और विजय उनमें सबसे बड़ा था। बेटे की असमय मौत ने उन्हें पूरी तरह तोड़ दिया है। शोभा देवी ने बताया कि विजय स्कूल से लौटने के बाद दोस्तों के साथ नदी में नहाने गया था, लेकिन वह फिर कभी घर वापस नहीं आ सका। इस Bihar Accident News ने एक बार फिर नदी किनारे रहने वाले बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिवार के अन्य सदस्यों और रिश्तेदारों का भी बुरा हाल है। छोटे भाई-बहन अपने बड़े भाई को खोने के गम में डूबे हुए हैं।
गांव के लोगों ने बताया कि विजय एक होनहार बच्चा था और सभी से घुलमिलकर रहता था। उसकी मौत से गांव के हर व्यक्ति को गहरा सदमा लगा है। यह घटना सिर्फ एक परिवार का दुख नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए एक चेतावनी है कि बच्चों को ऐसे खतरों से दूर रखने के लिए और अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है। स्थानीय प्रशासन और सामाजिक संगठनों को इस दिशा में प्रभावी कदम उठाने चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
प्रशासन की कार्रवाई और मुआवजे का आश्वासन
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और अंचल अधिकारी मौके पर पहुंचे। एपीएम थाना प्रभारी राजीव रंजन ने बताया कि पुलिस ने शव को अपने कब्जे में ले लिया है और उसे पोस्टमार्टम के लिए दरभंगा मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (DMCH) भेज दिया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि पुलिस आगे की कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा कर रही है। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि मामले की पूरी जांच हो।
अंचल कर्मी धीरज कुमार ने इस दुखद घड़ी में पीड़ित परिवार को सांत्वना दी। उन्होंने बताया कि इस घटना की विस्तृत रिपोर्ट वरीय अधिकारियों को भेजी जाएगी। सरकार की ओर से आपदा सहायता के तहत मिलने वाली मुआवजा राशि को जल्द से जल्द पीड़ित परिवार तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। यह आश्वासन परिवार के दर्द को कम तो नहीं कर सकता, लेकिन आर्थिक रूप से कुछ राहत जरूर दे सकता है। स्थानीय विधायक और अन्य जन प्रतिनिधियों ने भी परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की है और हर संभव मदद का भरोसा दिलाया है।
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इस तरह की घटनाएं अक्सर लापरवाही और जागरूकता की कमी के कारण होती हैं। नदियों और अन्य जल निकायों के पास बच्चों को अकेला न छोड़ने की सलाह दी जाती है, खासकर यदि उन्हें तैरना न आता हो। विजय की मौत ने एक बार फिर से इस बात पर जोर दिया है कि बच्चों की सुरक्षा को कभी भी हल्के में नहीं लेना चाहिए।
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