Patna Agriculture News: बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने राज्य के किसानों को खुशहाल और आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दिया है। उनका मानना है कि जब किसान समृद्ध होंगे, तभी बिहार और पूरे देश में भी समृद्धि आएगी। उन्होंने सभी किसानों से प्राकृतिक और जैविक खेती अपनाने की अपील की है।मंत्री ने कहा कि सरकार कृषि क्षेत्र में व्यापक सुधार लाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उनका लक्ष्य है कि किसान सिर्फ उत्पादन ही नहीं, बल्कि आर्थिक रूप से भी सशक्त बनें। कृषि क्षेत्र में बदलाव लाने के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं।शुक्रवार को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पटना के बामेती सभागार में शारदीय (खरीफ) महा अभियान- 2026 कर्मशाला का उद्घाटन किया गया। इस मौके पर मंत्री सिन्हा ने बताया कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नेतृत्व में किसानों की आय बढ़ाने तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं चल रही हैं। इन पहलों का उद्देश्य किसानों के जीवन स्तर को बेहतर बनाना है।
उन्होंने इस बात पर बल दिया कि धरती की उर्वरा शक्ति को बनाए रखने और पर्यावरण संतुलन के लिए रासायनिक उर्वरकों का अत्यधिक उपयोग कम करना होगा। किसानों को धीरे-धीरे जैविक और प्राकृतिक खेती की ओर अग्रसर होना चाहिए। रासायनिक खाद के प्रयोग से मिट्टी की गुणवत्ता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।मंत्री ने जंगलों का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां बिना किसी रासायनिक खाद के पेड़-पौधे हरे-भरे रहते हैं और पर्यावरण भी स्वस्थ रहता है। यह प्रकृति का सबसे बड़ा प्रमाण है कि प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करके बेहतर उत्पादन और स्वस्थ वातावरण दोनों संभव हैं। हमें प्रकृति से प्रेरणा लेनी चाहिए।
प्राकृतिक खेती से सुधरेगा मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण
विजय कुमार सिन्हा ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान में लोगों में कई बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। इसका एक प्रमुख कारण भोजन में रासायनिक तत्वों की बढ़ती मात्रा है। यदि लोगों को स्वस्थ रखना है, तो प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना अनिवार्य है।प्राकृतिक खेती न केवल मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार करेगी, बल्कि इससे मानव स्वास्थ्य भी बेहतर होगा। राज्य सरकार प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए विशेष योजनाएं चला रही है। बिहार किसान समाचार के अनुसार, इन प्रयासों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों को सम्मानित भी किया जाएगा, ताकि अन्य कृषक भी उनसे प्रेरणा लेकर इस महत्वपूर्ण अभियान में शामिल हो सकें।आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।मंत्री ने किसानों से आग्रह किया कि वे आधुनिक कृषि तकनीकों के साथ-साथ पर्यावरण के अनुकूल कृषि पद्धतियों को भी अपनाएं। यह समय की मांग है कि हम टिकाऊ कृषि की ओर बढ़ें, जो भविष्य के लिए भी लाभदायक हो।
कर्मशाला में विशेषज्ञों और कृषकों का संगम
इस महत्वपूर्ण कर्मशाला की अध्यक्षता कृषि विभाग के प्रधान सचिव नर्मदेश्वर लाल ने की। कार्यक्रम में कृषि विभाग के अधिकारियों, वैज्ञानिकों, कृषि विशेषज्ञों और राज्य के विभिन्न जिलों से आए किसानों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। यह एक साझा मंच था जहां ज्ञान और अनुभव का आदान-प्रदान हुआ।सत्र के दौरान खरीफ मौसम की तैयारियों, उन्नत कृषि तकनीकों, बीज की उपलब्धता, सिंचाई की बेहतर व्यवस्था और विभिन्न कृषि योजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन पर विस्तृत चर्चा हुई। किसानों को खरीफ फसलों की अच्छी पैदावार के लिए वैज्ञानिक सलाह भी दी गई, जिससे उन्हें नवीनतम जानकारी मिली।देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करेंपर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ टिकाऊ कृषि प्रणाली विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया। कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों से सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने और कृषि उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में अपनी भूमिका निभाने का आह्वान किया। यह सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।इस अवसर पर कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने स्वयं पौधारोपण भी किया, जो पर्यावरण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह संदेश देता है कि हमें पर्यावरण की रक्षा के लिए सक्रिय रूप से योगदान देना चाहिए।आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।







