
Bihar Migrants: होली का रंग अभी उतरा भी नहीं था कि रोजी-रोटी की पुकार ने फिर परदेस का रास्ता दिखा दिया। बिहार के स्टेशनों और बस अड्डों पर एक बार फिर प्रवासियों की भीड़ उमड़ पड़ी है, सबकी मंजिल वही दिल्ली या कोई और बड़ा शहर।
Bihar Migrants: होली के बाद परदेस वापसी का सिलसिला
होली का त्योहार खत्म होते ही बिहार के विभिन्न जिलों से परदेश लौटने वाले श्रमिकों और कामगारों की भीड़ रेलवे स्टेशनों और बस अड्डों पर उमड़ पड़ी है। हजारों की संख्या में लोग दिल्ली, मुंबई, गुजरात और अन्य राज्यों में अपने कार्यस्थलों की ओर रुख कर रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि ट्रेनों में पैर रखने तक की जगह नहीं मिल रही। सीटों के लिए मारामारी मची है और सबसे बड़ी समस्या तत्काल टिकट की अनुपलब्धता है। यात्री घंटों कतार में खड़े होकर भी मायूस लौट रहे हैं। इसी मजबूरी का फायदा उठाकर निजी बस संचालक मनमाना किराया वसूल रहे हैं, जिससे आम यात्रियों की जेब पर सीधा असर पड़ रहा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
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सीतामढ़ी से दिल्ली तक का सफर: बसों की बढ़ती मांग
रेलवे की इस किल्लत के बीच प्रवासियों के लिए बसें ही एकमात्र सहारा बन गई हैं। खासकर सीतामढ़ी जैसे छोटे शहरों से भी अब दिल्ली जैसे महानगरों के लिए सीधी बस सेवाएं उपलब्ध हैं। जानकारी के अनुसार, सीतामढ़ी से दिल्ली के लिए रोजाना 5 से 6 बसें रवाना हो रही हैं, जो यात्रियों को सीधे उनकी मंजिल तक पहुंचा रही हैं।
Sitamarhi to Delhi Bus: घर वापसी की मीठी यादों के बाद अब काम पर लौटने की जद्दोजहद शुरू हो गई है, और इस सफर में भारतीय रेल की पटरियां छोटी पड़ती दिख रही हैं। रेलवे टिकट काउंटरों पर लगी लंबी कतारें और तत्काल टिकट की मायावी दुनिया में उलझे यात्री अब एक नए विकल्प की ओर रुख कर रहे हैं। ऐसे में, सीतामढ़ी से दिल्ली का सफर तय करने वालों के लिए सरकारी बसें संकटमोचक बनकर उभरी हैं।
Sitamarhi to Delhi Bus का सफर हुआ आसान
ट्रेनों में कन्फर्म टिकट न मिल पाने की समस्या से जूझ रहे यात्रियों के लिए बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (BSRTC) ने बड़ी राहत दी है। सीतामढ़ी के कांटा चौक स्थित सरकारी बस स्टैंड पर इन दिनों दिल्ली जाने वाले यात्रियों का तांता लगा हुआ है। कई यात्रियों ने बताया कि घंटों लाइन में लगने के बाद भी जब ट्रेन का तत्काल टिकट नहीं मिला, तो उन्होंने मजबूरी में बस से सफर करने का फैसला किया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह स्थिति केवल सीतामढ़ी की नहीं, बल्कि बिहार के कई छोटे शहरों की है, जहां से लोग काम के लिए महानगरों का रुख करते हैं।
अब बड़ी संख्या में यात्री आरामदायक बिहार रोडवेज बस का विकल्प चुन रहे हैं, जिससे उनका सफर बिना किसी परेशानी के पूरा हो सके। निगम द्वारा दिल्ली के लिए रोजाना कई बसों का संचालन किया जा रहा है, जो यात्रियों की बढ़ती मांग को पूरा करने में मदद कर रही हैं।
रोजाना 300 से ज्यादा यात्री कर रहे सफर
निगम के स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, सीतामढ़ी से हर दिन लगभग पांच से छह बसें दिल्ली समेत अन्य बड़े शहरों के लिए रवाना हो रही हैं। इन बसों में यात्रियों के आराम का पूरा ध्यान रखा गया है। प्रत्येक बस में 30 चेयर सीट और 30 स्लीपर सीटें होती हैं, जिससे एक बस में लगभग 60 यात्री आसानी से अपनी यात्रा पूरी कर सकते हैं।
आंकड़ों पर गौर करें तो अकेले रविवार और सोमवार को ही पांच बसें दिल्ली के लिए रवाना हुईं, जिनमें करीब 300 यात्रियों ने सफर किया। बसों में यात्रियों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा जा रहा है ताकि लंबी दूरी की यात्रा आरामदायक रहे। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह बढ़ती संख्या बताती है कि ट्रेनों में भीड़ का दबाव कितना अधिक है।
यात्रियों की सुविधा के लिए कई टिकट काउंटर
यात्रियों को टिकट के लिए परेशान न होना पड़े, इसके लिए शहर और आसपास के कई इलाकों में टिकट काउंटर खोले गए हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यात्री अपनी सुविधा के अनुसार कांटा चौक, बाइपास बस स्टैंड, होटल सितायन के पीछे, सोनबरसा, भूतही चौक, भिठ्ठामोड़, सुरसंड, शिवहर, रुन्नीसैदपुर, कुम्मा चौक, बेला और परिहार स्थित काउंटरों से टिकट खरीद सकते हैं।
जानें किराया और समय
दिल्ली जाने वाली इन आधुनिक बसों का किराया भी काफी किफायती रखा गया है। निगम ने सिटिंग सीट के लिए 1183 रुपये प्रति यात्री और स्लीपर सीट के लिए 1785 रुपये प्रति यात्री का किराया तय किया है। ये सभी बसें कांटा चौक से रोजाना दोपहर 12:40 बजे से 2:40 बजे के बीच दिल्ली के लिए प्रस्थान करती हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह समय-सारणी यात्रियों को दिन के उजाले में अपनी यात्रा शुरू करने की सुविधा देती है।
हालांकि, इन बसों का किराया ट्रेनों की तुलना में अधिक होता है, लेकिन टिकट आसानी से उपलब्ध होने और सीधी कनेक्टिविटी के कारण प्रवासी इसे प्राथमिकता दे रहे हैं। यह स्थिति दर्शाती है कि राज्य में परिवहन सुविधाओं को और बेहतर करने की आवश्यकता है, खासकर त्योहारों के मौसम में जब प्रवासियों का आवागमन चरम पर होता है। आपको यह जानकारी पसंद आ रही है क्योंकि आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।





