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No Confidence Motion: ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव: सदन में सत्ता-विपक्ष के बीच तीखी तकरार, राहुल गांधी पर रिजिजू का पलटवार

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No Confidence Motion: सदन की तपती बहस में, जहाँ शब्दों के बाण चलते हैं और सत्ता-विपक्ष की रस्साकशी जारी रहती है, एक बार फिर लोकतंत्र के मंदिर में मर्यादाओं की अग्निपरीक्षा हुई। मंगलवार को लोकसभा में ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने एक बार फिर अपनी धारदार टिप्पणी से सत्ता पक्ष को घेरा। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सत्ताधारी पक्ष के लाख दबाव के बावजूद सच का दामन नहीं छोड़ा है। प्रियंका गांधी ने जोर देते हुए कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश में केवल एक ही शख्स है जिसने सत्ता पक्ष के सामने अपना सिर नहीं झुकाया है, और वह हैं विपक्ष के नेता। सत्ता पक्ष उनके द्वारा बोले गए सच को स्वीकार नहीं कर पा रहा है।

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अविश्वास प्रस्ताव पर बहस: राहुल गांधी के ‘सच’ पर रिजिजू का वार

इसी बीच, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने अविश्वास प्रस्ताव पर तीखा पलटवार किया। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष को हटाने के प्रस्ताव पर जवाब देते हुए विपक्षी दलों पर सदन की गरिमा भंग करने और जनभावना के विपरीत काम करने का आरोप लगाया। रिजिजू ने कहा कि विपक्ष अध्यक्ष की शक्तियों को अपने कब्जे में लेना चाहता है। नारेबाजी करते विपक्षी सांसदों पर कटाक्ष करते हुए, मंत्री रिजिजू ने राहुल गांधी के एक पुराने बयान का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अगर कोई सदस्य खुद को Lok Sabha Speaker से ऊपर समझता है, तो ऐसे व्यक्ति के लिए उनके पास कोई इलाज नहीं है।

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किरेन रिजिजू ने अपनी बात जारी रखते हुए कहा कि संविधान और सदन के स्थापित नियमों के अनुसार, अध्यक्ष के किसी भी निर्णय को आज तक चुनौती नहीं दी गई है। उन्होंने उस घटना का भी जिक्र किया जिससे उन्हें ठेस पहुंची थी, जब एक विपक्षी सांसद ने कहा था कि ‘मुझे संसद में बोलने के लिए किसी से अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है’। यह बयान सदन के रिकॉर्ड में दर्ज है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। मंत्री ने सवाल उठाया कि जब विपक्ष के नेता ने ऐसा कहा था कि ‘संसद में बोलना मेरा अधिकार है’, तो कांग्रेस के वरिष्ठ सदस्यों ने उन्हें क्यों नहीं समझाया कि इस सदन में प्रधानमंत्री, मंत्री या विपक्ष के नेता भले ही मौजूद हों, लेकिन बोलने के लिए अध्यक्ष की अनुमति अनिवार्य है।

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संसदीय मर्यादा और अध्यक्ष का अधिकार

रिजिजू ने सदन को संबोधित करते हुए यह भी कहा कि अगर आप बिना अनुमति के ऐसा करते हैं और फिर शिकायत करते हैं कि आपका माइक्रोफोन बंद कर दिया गया है, तो यह उचित नहीं है। उन्होंने दृढ़ता से कहा कि अगर कोई खुद को अध्यक्ष से ऊपर समझता है, तो उनके पास ऐसे सदस्यों के लिए कोई समाधान नहीं है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। आज सुबह कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश करने का प्रस्ताव सदन में रखा था।

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