
बिहार पॉलिटिक्स: जीतन राम मांझी, जो कभी बिहार के मुख्यमंत्री रहे, अब केंद्रीय मंत्री की कुर्सी संभाल रहे हैं। सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने पर उनके भीतर भावनाओं का ऐसा ज्वार उमड़ा कि उनकी आंखों से एक साथ सुख और दुख के आंसू बह निकले। आखिर क्यों इतनी भावुकता में दिखे मांझी?
केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने बिहार के नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के शपथ ग्रहण पर अपनी गहरी भावनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने पिछले 20 सालों तक जिस तरह सरकार चलाई, अगर उसमें कोई कमी रह भी गई होगी, तो सम्राट चौधरी उसे पूरा करते हुए बिहार को और आगे ले जाएंगे।
सम्राट चौधरी के नेतृत्व पर जीतन राम मांझी की प्रतिक्रिया
मांझी ने अपने दिल की बात कहते हुए बताया कि उनकी दो आंखों में से एक से सुख के आंसू बह रहे हैं, तो दूसरी से दुख के। सुख इसलिए कि नए मुख्यमंत्री के रूप में सम्राट चौधरी ने पदभार संभाला है। इस मौके पर आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
नीतीश कुमार के प्रति जीतन राम मांझी की कृतज्ञता
दुख के आंसू बहने का कारण बताते हुए जीतन राम मांझी ने कहा कि आज जो पहचान उनकी है, वह नीतीश कुमार की देन है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर 2014 में नीतीश कुमार ने उन्हें मुख्यमंत्री पद पर नहीं बिठाया होता, तो उनकी इतनी चर्चा नहीं होती। उन्होंने एक दलित के बच्चे को मुख्यमंत्री पद पर बिठाया, जिसके लिए वह हमेशा उनके आभारी रहेंगे। स्वाभाविक है कि ऐसे समय में उनकी आंखों से आंसू कैसे न आते।
भावुक हुए मांझी, बताया अपने आंसुओं का राज
मांझी ने अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हुए कहा कि यह राजनीतिक घटनाक्रम और बिहार पॉलिटिक्स का एक ऐसा मोड़ है, जहां वह व्यक्तिगत और राजनीतिक दोनों स्तर पर भावुक महसूस कर रहे हैं। सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बिहार के विकास की उम्मीद है।
यह प्रतिक्रिया दर्शाती है कि राजनीति में व्यक्तिगत संबंध और पुरानी देनदारियां कितनी महत्वपूर्ण होती हैं। जीतन राम मांझी का यह बयान बिहार पॉलिटिक्स में चर्चा का विषय बना हुआ है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें







