Madhubani Ganja Smuggling: मधुबनी जिले में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) की टीम पर तस्करों ने जानलेवा हमला किया। राजे टोल प्लाजा के पास तस्करों ने अपनी कार से अधिकारियों को कुचलने का प्रयास किया, लेकिन टीम ने हिम्मत नहीं हारी और 15 किलोमीटर तक पीछा कर एक बड़े तस्कर को गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान 100 किलोग्राम गांजा भी जब्त किया गया है।
जान जोखिम में डालकर तस्करों का किया पीछा
घटना उस समय हुई जब मुजफ्फरपुर डीआरआइ की टीम मधुबनी के राजे टोल प्लाजा के पास गांजा से भरी एक संदिग्ध सफेद कार को रोकने के लिए घेराबंदी कर रही थी। अधिकारियों ने जब कार चालक को रुकने का इशारा किया, तो चालक ने गाड़ी रोकने के बजाय सीधे टीम के सदस्यों पर चढ़ा दी। डीआरआइ के अधिकारियों और जवानों ने कूदकर अपनी जान बचाई।




इस जानलेवा हमले के बाद भी टीम ने हार नहीं मानी और लगभग 15 किलोमीटर तक तस्करों की कार का पीछा किया। यह पीछा कमला दियरा तक चला, जहां तस्कर और चालक कार छोड़कर भागने लगे। डीआरआइ जवानों ने अथक प्रयास से एक तस्कर को दबोच लिया। इस दौरान हुई हाथापाई में तस्कर और डीआरआइ के कुछ अधिकारी भी चोटिल हुए हैं।
65 लाख का गांजा जब्त, नालंदा का तस्कर गिरफ्तार
डीआरआइ ने तस्कर की कार को जब्त कर लिया और उसकी तलाशी में 100 किलोग्राम गांजा बरामद किया, जिसकी खुले बाजार में अनुमानित कीमत 65 लाख रुपये बताई जा रही है। गिरफ्तार किए गए तस्कर की पहचान नालंदा जिले के चंडी थाना क्षेत्र निवासी उदय कुमार के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, उदय कुमार एक सिक्योरिटी एजेंसी का संचालन करता है, जिसकी आड़ में वह Madhubani Ganja Smuggling का धंधा करता था।
पुलिस फरार हुए दूसरे तस्कर और चालक की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। डीआरआइ सूत्रों के मुताबिक, उन्हें गुप्त सूचना मिली थी कि त्रिपुरा से एक सफेद रंग की लग्जरी कार में गांजा की बड़ी खेप छिपाकर हाजीपुर ले जाई जा रही है। इसी सूचना के आधार पर टीम ने मधुबनी में घेराबंदी की थी।
“तस्करों ने डीआरआइ टीम पर जानलेवा हमला किया, लेकिन हमारे जवानों ने बहादुरी से काम लेते हुए न केवल एक बड़े तस्कर को पकड़ा, बल्कि 100 किलो गांजा भी जब्त किया। यह हमारी टीम की लगन और साहस का परिणाम है।”
NHGA के फर्जी बोर्ड से दे रहा था चकमा
तस्करों ने पुलिस, उत्पाद विभाग और डीआरआइ अधिकारियों को चकमा देने के लिए अपनी कार पर “एनएचजीए न्यू दिल्ली के जनरल सेक्रेटरी” का फर्जी बोर्ड लगा रखा था। इस लग्जरी कार का नंबर 25 बीएच 5696पी है। डीआरआइ अब कार के मालिक का भी पता लगाने में जुटी है ताकि इस पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके। कार के अंदर 34 पैकेटों में गांजा छिपाया गया था।
डीआरआइ की यह कार्रवाई बिहार में मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। उम्मीद है कि इस गिरफ्तारी से गांजा तस्करी के बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ होगा और इससे जुड़े अन्य लोगों को भी जल्द ही कानून के शिकंजे में लाया जा सकेगा। अधिकारियों ने कहा कि मादक पदार्थों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा।







