Patna Encounter News: राजधानी पटना के मसौढ़ी में पुलिस और अपराधियों के बीच हुई भीषण मुठभेड़ के बाद पटना जोन के पुलिस महानिरीक्षक (IG) जितेंद्र राणा ने अपराधियों को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि खाकी पर हमला करने वाले किसी भी अपराधी को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। आईजी राणा ने इस पूरे मामले में सख्त तेवर दिखाते हुए घटनास्थल का जायजा लिया और पुलिस टीम की पीठ भी थपथपाई।आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
मसौढ़ी मुठभेड़: एक ढेर, सात गिरफ्तार, भारी मात्रा में हथियार बरामद
आईजी जितेंद्र राणा ने मसौढ़ी के मणिचक पहुंचकर उस स्थान का बारीकी से निरीक्षण किया, जहां पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ हुई थी। इस दौरान उन्होंने पुलिस टीम के अदम्य साहस की सराहना की और बताया कि पुलिस की जवाबी कार्रवाई में एक शातिर अपराधी ढेर हो गया है। इसके साथ ही, सात अन्य अपराधियों को भी भारी मात्रा में आधुनिक हथियारों और नकदी के साथ सफलतापूर्वक दबोच लिया गया है।
उन्होंने आगे बताया कि यह कार्रवाई अपहृत एक युवक रंजन को अपराधियों के चंगुल से छुड़ाने के लिए की गई थी। पुलिस दल जब युवक को बचाने मणिचक पहुंचा, तो अपराधियों ने उन पर जानलेवा हमला कर दिया। पुलिस ने इस हमले का मुंहतोड़ जवाब दिया, जिसमें एक अपराधी की मौत हो गई और कई अन्य पुलिस के हत्थे चढ़ गए।
पुलिस पर हमला कानून का सीधा अपमान: आईजी राणा
आईजी राणा ने इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बीते शुक्रवार देर शाम पुलिस टीम अपहृत युवक को बचाने के लिए मणिचक पहुंची थी। अपराधियों ने पुलिस दल को देखते ही गोलियां चला दीं, जिसके बाद पुलिस को भी आत्मरक्षा में फायरिंग करनी पड़ी। पुलिस की गोली से मारे गए अपराधी की पहचान सोनकुकरा निवासी मोहम्मद मुजफ्फर के पुत्र मोहम्मद हैदर अली के रूप में हुई है।उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पुलिस पर हमला करना सीधे तौर पर कानून का अपमान है और इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आईजी ने यह भी स्पष्ट किया कि अपराधियों के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा और ऐसे तत्वों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा जो कानून-व्यवस्था को चुनौती देने की कोशिश करेंगे।
आधुनिक हथियार और लाखों की नकदी जब्त, पुलिसकर्मियों को मिलेगा इनाम
पुलिस ने इस मुठभेड़ में शामिल सभी सातों अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया है। इन अपराधियों के पास से पुलिस ने कई आधुनिक पिस्तौल, बड़ी संख्या में जिंदा कारतूस और 3.98 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। आईजी जितेंद्र राणा ने मुठभेड़ के दौरान अपनी जान जोखिम में डालकर अदम्य साहस और शौर्य का प्रदर्शन करने वाले पुलिस अधिकारियों और जवानों की जमकर प्रशंसा की।उन्होंने सभी जांबाज पुलिसकर्मियों को उनकी बहादुरी के लिए पुरस्कृत करने की भी घोषणा की। इसके साथ ही, उन्होंने स्थानीय निवासियों का भी दिल से आभार व्यक्त किया, जिन्होंने इस चुनौतीपूर्ण अभियान में पुलिस का सहयोग किया और अपराधियों को पकड़ने में मदद की। आईजी ने गिरफ्तार किए गए सभी सात अपराधियों के पूरे आपराधिक इतिहास को खंगालने के निर्देश दिए हैं ताकि उनके पुराने मामलों का भी खुलासा हो सके।इस ऑपरेशन के दौरान घटनास्थल पर पूर्वी सिटी एसपी परिचय कुमार, एएसपी कमल मीणा और मसौढ़ी थानाध्यक्ष विवेक भारती सहित भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद था, जिन्होंने पूरे मामले को संभाला।देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
घायल पुलिसकर्मियों से एम्स में मिले आईजी, बढ़ाया हौसला
मसौढ़ी मुठभेड़ के बाद आईजी जितेंद्र राणा शनिवार को पटना एम्स पहुंचे। उन्होंने मुठभेड़ में घायल हुए पुलिस अधिकारियों और जवानों का हालचाल जाना और उनके स्वास्थ्य के बारे में डॉक्टरों से जानकारी ली। अस्पताल परिसर में दिनभर पुलिस अधिकारियों और घायल जवानों के परिजनों की आवाजाही लगी रही, जिससे गहमागहमी का माहौल बना रहा।प्राप्त जानकारी के अनुसार, शुक्रवार देर शाम हुई इस मुठभेड़ में मसौढ़ी थाना के अपर थानाध्यक्ष राहुल कुमार के पैर में गोली लगी थी। वहीं, सब इंस्पेक्टर संजय कुमार के हाथ को छूते हुए गोली निकल गई थी। दोनों बहादुर पुलिसकर्मियों की जान को फिलहाल कोई खतरा नहीं है और वे अब खतरे से बाहर हैं।आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।शनिवार दोपहर एम्स पहुंचकर आईजी जितेंद्र राणा ने दोनों घायल पुलिस अधिकारियों से विस्तार से बात की और उनका मनोबल बढ़ाया। उन्होंने अस्पताल के डॉक्टरों को निर्देश दिए कि घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा प्रदान की जाए ताकि वे जल्द से जल्द स्वस्थ हो सकें। आईजी राणा ने इस बात पर जोर दिया कि इन पुलिस अधिकारियों ने अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए साहस, बहादुरी और समर्पण का असाधारण परिचय दिया है। चिकित्सकों ने आईजी को सूचित किया कि दोनों पुलिस अधिकारियों की स्थिति स्थिर है और उनके स्वास्थ्य में लगातार सुधार हो रहा है। आईजी ने घायल पुलिसकर्मियों के परिजनों से भी मुलाकात की और उन्हें आश्वस्त किया कि पुलिस विभाग उनकी हरसंभव सहायता और सहयोग प्रदान करेगा।







