Patna EOU Raid: बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने पटना के एक बड़े भू-माफिया, संजय कुमार उर्फ संतोष कुमार यादव, जिसे संतोष डॉन के नाम से भी जाना जाता है, के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस मुख्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, संतोष डॉन फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर जमीन पर अवैध कब्जा करने, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से रंगदारी मांगने और हत्या के प्रयास जैसे कई गंभीर अपराधों में शामिल रहा है।
वह पिछले 11 सालों से एक संगठित आपराधिक गिरोह चला रहा था, जिसके माध्यम से उसने करोड़ों की संपत्ति अर्जित की। इस कार्रवाई से बिहार लैंड माफिया में हड़कंप मच गया है। उसकी अवैध गतिविधियों के कारण समाज में तनाव का माहौल बना हुआ था।
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अपराध की दुनिया में संतोष डॉन का उदय
वर्ष 2015 में संतोष डॉन का नाम पहली बार अपराध जगत से जुड़ा। पुलिस जांच में सामने आया है कि 2015 से पहले उसके पास पैतृक संपत्ति के रूप में केवल 7 कट्ठा जमीन थी। इसके बाद, 2017 से 2025 के बीच, उसने अपने और अपने परिवार के सदस्यों के नाम पर करोड़ों रुपये की आपराधिक संपत्ति पंजीकृत कराई।
वह अक्सर फर्जी मोबाइल सिम का उपयोग करके अपने अपराधों को अंजाम देता था। संतोष डॉन के खिलाफ पटना के फतुहा, खुसरूपुर और नालंदा के भागनबिगहा, सोहसराय, रहुई सहित कई थानों में कुल 30 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इन मामलों में रंगदारी, चोरी, लूटपाट, हत्या का प्रयास और आर्म्स एक्ट जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।
परिजनों और सहयोगियों के नाम पर 11.50 करोड़ की संपत्ति
आर्थिक अपराध थाना में संतोष डॉन समेत उसके संगठित गिरोह के कुल 26 सदस्यों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। जांच में पता चला कि संतोष डॉन ने अपने नाम पर नालंदा और पटना के विभिन्न निबंधन कार्यालयों में कुल 22 संपत्तियां दर्ज कराई हैं, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 4.44 करोड़ रुपये है। ये संपत्तियां इमामगंज, सिकंदरपुर, तुफानगंज, सुकरबेगचक, कटौना, हरदासबीघा, कासिमपुर, भूसकी, छोटकी नवादा और बैकटपुर जैसे गाँवों में स्थित हैं।
इसके अलावा, उसकी मां लालती देवी के नाम पर लगभग 3.36 करोड़ रुपये की 23 संपत्तियां, पत्नी अंजू देवी के नाम पर 1.30 करोड़ रुपये की 9 संपत्तियां, सास मानो देवी के नाम पर 83.45 लाख रुपये की 4 संपत्तियां और भाई बाल्मीकी यादव व उसकी पत्नी रिंकु देवी के नाम पर 1.15 करोड़ रुपये की संपत्ति पंजीकृत है। कुल मिलाकर, लगभग 11.50 करोड़ रुपये की संपत्ति परिवार के सदस्यों के नाम पर मिली है। उसके सहयोगी मिक्कु कुमार, कर्मवीर, रौशन कुमार, रंजीत सिंह, बिट्टु कुमार, सत्य प्रकाश, संजीव कुमार और दिलीप कुमार के नाम पर भी 1.79 करोड़ रुपये की 17 संपत्तियां पाई गई हैं।
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25 ठिकानों पर छापेमारी और गिरफ्तारी
आर्थिक अपराध इकाई ने 13 जून की सुबह 9 बजे से विशेष कार्य बल (STF) के साथ मिलकर पटना और नालंदा जिला पुलिस के सहयोग से कुल 25 ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। इस छापेमारी में संजय कुमार उर्फ संतोष डॉन, बाल्मीकी प्रसाद, मिक्कु कुमार, पिक्कु कुमार, निक्कु कुमार, रविन्द्र कुमार, ललेन्द्र कुमार, कन्हैया यादव, रौशन कुमार, सत्यप्रकाश, अजीत कुमार, धर्मवीर कुमार, राजेश रंजन, धर्मवीर सिंह, राय बहादुर सिंह, राजेन्द्र सिंह, गुड्डु कुमार, शेखर यादव, दिलीप कुमार, शशिभूषण कुमार, शैलेश कुमार, नीतीश कुमार, राकेश साहु, रंधीर कुमार, संजीत कुमार और रंजीत सिंह सहित 26 अभियुक्तों के ठिकानों को निशाना बनाया गया।
छापेमारी के दौरान मुख्य अभियुक्त संतोष डॉन के घर से 5,60,000 रुपये नकद, जमीन एग्रीमेंट के कागजात और निवेश के दस्तावेज बरामद हुए। इसके साथ ही, एक स्कॉर्पियो (GJ15BB2181), एक फॉर्च्यूनर (BR01PH0747) और एक महिंद्रा जीप (BR01BF9357) भी जब्त की गई। अभियुक्त सत्यप्रकाश के घर से 2 लाख रुपये नकद, 14 जमीन निबंधन के कागजात और 7 एग्रीमेंट पेपर मिले। दिलीप कुमार के घर से 15,50,000 रुपये नकद और दो दस्तावेज, जबकि रंजीत सिंह के घर से 3,97,000 रुपये नकद, 13 दस्तावेज और चार एग्रीमेंट पेपर बरामद हुए। ललेन्द्र कुमार उर्फ नरेन्द्र कुमार के घर से भी एक स्कॉर्पियो (BR01KC5322) जब्त की गई है। इस कार्रवाई में अब तक राकेश साहु, रंजीत सिंह, शशिभूषण कुमार और रविन्द्र कुमार सहित चार अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है।
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इस बड़े खुलासे से पुलिस की कार्रवाई और अपराध जगत पर उसकी पकड़ मजबूत हुई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई भू-माफियाओं के खिलाफ एक सख्त संदेश है और भविष्य में भी ऐसी कार्रवाईयां जारी रहेंगी।







