
Mukhyamantri Mahila Rojgar Yojana: बिहार की लाखों महिलाओं के लिए बड़ी खबर! नीतीश सरकार ने महिला स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के लिए मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना की दूसरी किस्त जारी करने का ऐलान कर दिया है। इस महीने के अंत तक पात्र लाभार्थियों के बैंक खातों में 20,000 रुपये पहुंच जाएंगे, जिससे उनके सपनों को नई उड़ान मिलेगी।
पटना: बिहार सरकार ने मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत अगली किस्त जारी करने की घोषणा की है, जिससे राज्य भर में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी लाखों महिलाओं को राहत मिली है। ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने शुक्रवार को बताया कि योजना के दूसरे चरण के तहत पात्र लाभार्थियों को इस महीने के भीतर उनके बैंक खातों में 20,000 रुपये प्राप्त होंगे। मंत्री ने यह भी बताया कि सरकार ने सभी आवश्यक सत्यापन और समीक्षा प्रक्रियाओं को पूरा कर लिया है, जिससे वितरण प्रक्रिया में कोई बड़ी देरी नहीं होगी।
2 लाख रुपये की सहायता 5 चरणों में
मंत्री के अनुसार, यह योजना महिलाओं को स्वरोजगार और छोटे व्यावसायिक गतिविधियों में सहायता प्रदान करने के लिए 2 लाख रुपये की कुल वित्तीय सहायता किस्तों में देती है। पहले चरण के दौरान, बिहार में लगभग 1.81 करोड़ महिलाओं के खातों में 10,000 रुपये प्रत्येक स्थानांतरित किए गए थे। इसका उद्देश्य महिलाओं को छोटे पैमाने पर आर्थिक गतिविधियां शुरू करने में मदद करना था। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। अब दूसरे चरण के तहत लाभार्थियों को 20,000 रुपये मिलेंगे। बाद की किस्तों में शामिल हैं:
- तीसरे चरण में 40,000 रुपये
- चौथे चरण में 60,000 रुपये
- अंतिम चरण में 80,000 रुपये
अधिकारियों ने बताया कि चरणबद्ध संरचना को महिला लाभार्थियों के बीच स्वरोजगार उद्यमों के क्रमिक विस्तार और स्थायी आय सृजन को सुनिश्चित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
शहरी महिलाओं को भी मिलेगा लाभ
ग्रामीण विकास मंत्री ने कहा कि शहरी क्षेत्रों में रहने वाली लगभग 18 लाख महिलाओं ने भी इस योजना के तहत आवेदन किया है। उन्होंने बताया कि इन आवेदनों के सत्यापन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। जिन महिलाओं के आवेदन स्वीकृत हो गए हैं, उन्हें इस महीने के दौरान उनके बैंक खातों में 10,000 रुपये की पहली किस्त प्राप्त होगी।
महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता पर जोर
मंत्री ने कहा कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य स्वरोजगार के अवसरों के माध्यम से महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता को मजबूत करना है। उन्होंने बताया कि यह पहल मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्यकाल के दौरान शुरू की गई थी, जिससे बिहार महिलाओं पर विशेष रूप से केंद्रित बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन योजना शुरू करने वाले पहले राज्यों में से एक बन गया। सरकार का लक्ष्य केवल वित्तीय सहायता प्रदान करना नहीं है, बल्कि उद्यमिता और आजीविका के अवसरों के माध्यम से महिलाओं में दीर्घकालिक आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना भी है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। उन्होंने आगे कहा कि चरणबद्ध वित्तीय सहायता कार्यक्रम वर्तमान में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में एक संरचित तरीके से लागू किया जा रहा है।
देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।




