Patna Samrat Chaudhary News: बिहार की राजधानी पटना में आयोजित एक मीडिया संवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 साल के कार्यकाल की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बिहार के विकास के लिए सरकार के महत्वाकांक्षी लक्ष्यों और भविष्य की योजनाओं का विस्तृत खाका प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री ने देश को विकसित राष्ट्र बनाने के पीएम मोदी के संकल्प को दोहराया।आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
‘विकसित भारत’ का संकल्प और औद्योगिक क्रांति का लक्ष्य
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके 12 साल के लंबे कार्यकाल के लिए बधाई दी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में इतने लंबे समय तक प्रधानमंत्री के पद पर रहना एक बड़ी उपलब्धि है। चौधरी ने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत ने विकास के कई नए आयाम स्थापित किए हैं और अब विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।मुख्यमंत्री ने भाजपा के संकल्पों को भी याद किया, जिसमें जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 और 35ए को खत्म करना शामिल था। उन्होंने बताया कि यह पार्टी की एक ऐतिहासिक प्रतिबद्धता थी, जिसे प्रधानमंत्री मोदी ने पूरा किया। अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण भी भाजपा के सिद्धांतों की जीत है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि भाजपा अपने एजेंडे और विचारों से कभी पीछे नहीं हटती।

बिहार में औद्योगिक विकास को नई गति देने के लिए सरकार लगातार प्रयासरत है। मुख्यमंत्री चौधरी ने बताया कि उपमुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने कई फैक्ट्रियों का उद्घाटन किया था, और अब राज्य में बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित हो रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि डाटा सेंटर परियोजना पर जल्द ही काम शुरू हो जाएगा।मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने 20 नवंबर को सरकार के एक वर्ष पूरा होने तक बिहार में 5 लाख करोड़ रुपये के औद्योगिक निवेश को धरातल पर उतारने का लक्ष्य रखा है। उनका विश्वास है कि इस पहल से बिहार देश के प्रमुख औद्योगिक राज्यों में शामिल हो जाएगा। निवेशकों को आकर्षित करने के लिए उद्योगों को 30 दिनों के भीतर आवश्यक स्वीकृति मिल जाएगी, जिससे प्रक्रिया में पारदर्शिता और तेजी आएगी। यह Bihar Industrial Development के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।

डिफेंस कॉरिडोर और हवाई कनेक्टिविटी का विस्तार
मुख्यमंत्री ने देश के रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में हो रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने बताया कि वर्तमान में भारत में 33 करोड़ मोबाइल फोन का निर्माण हो रहा है, और रक्षा उत्पादन में भी अभूतपूर्व प्रगति हुई है। सम्राट चौधरी ने बिहार के लिए एक और बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि राजगीर और मुंगेर को डिफेंस कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जाएगा। यह पहल राज्य में रोजगार के नए अवसर पैदा करेगी और निवेश को बढ़ावा देगी।हवाई संपर्क को बेहतर बनाने की दिशा में भी सरकार काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि बिहार के हर जिले को बेहतर हवाई कनेक्टिविटी से जोड़ने की योजना है। हाल ही में उन्होंने एक महत्वपूर्ण फाइल पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत राजगीर और सासाराम-कैमूर क्षेत्र के बीच नई एयरस्ट्रिप का निर्माण होगा। राज्य के सभी जिलों में आवश्यकतानुसार एयरपोर्ट, हेलीपैड और एयरस्ट्रिप विकसित करने की योजना है। पटना हवाई अड्डे के नए स्वरूप का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अब वहां उतरने पर साफ महसूस होता है कि बिहार बदल रहा है।
सड़क, बिजली और वित्तीय प्रबंधन में बड़ी छलांग
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दावा किया कि ग्रामीण सड़कों के निर्माण और कनेक्टिविटी के मामले में बिहार देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। उन्होंने कहा कि सड़क और बिजली के क्षेत्र में राज्य ने उल्लेखनीय प्रगति की है। प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि इस योजना के माध्यम से देशभर में 50 लाख घरों तक सौर ऊर्जा पहुंचाने का लक्ष्य है, जिससे लोगों को सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा मिलेगी।जीएसटी लागू होने के बाद राज्यों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है। मुख्यमंत्री चौधरी ने बताया कि बिहार की 14 करोड़ आबादी राज्य की सबसे बड़ी ताकत है। शराबबंदी के बावजूद, बिहार को जीएसटी व्यवस्था के तहत केंद्र सरकार से लगभग 12.90 लाख करोड़ रुपये के कर संग्रह तंत्र का लाभ मिल रहा है, जिसमें राज्य के बजट में प्रत्यक्ष हिस्सेदारी लगभग 60 हजार करोड़ रुपये की है। शेष संसाधन केंद्र की सहायता और राज्य के अपने प्रयासों से जुटाए जाते हैं।उन्होंने जनधन योजना और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) की भी सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले विपक्ष ने इन योजनाओं पर सवाल उठाए थे, लेकिन आज ये गरीबों तक सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे पहुंचाने का सबसे प्रभावी माध्यम बन चुकी हैं। केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का पैसा अब सीधे लाभार्थियों के खातों में पहुंच रहा है, जिससे पारदर्शिता बढ़ी है और भ्रष्टाचार में कमी आई है।मुख्यमंत्री ने वित्तीय प्रबंधन पर बात करते हुए बताया कि राज्य सरकार का प्रतिदिन का खर्च लगभग 1000 करोड़ रुपये है, और 12 जून तक ट्रेजरी में 1500 करोड़ रुपये से अधिक की राशि उपलब्ध थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षकों का वेतन और पेंशन उनका मौलिक अधिकार है, और इसे किसी भी परिस्थिति में रोका नहीं जा सकता। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विकास योजनाओं के लिए उपयोगिता प्रमाण पत्र (यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट) जरूर लिया जाए, लेकिन वेतन और पेंशन भुगतान में कोई बाधा नहीं आनी चाहिए।आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।नक्सलवाद पर भी मुख्यमंत्री ने बड़ी सफलता का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि वे स्वयं उस विधानसभा क्षेत्र के विधायक हैं, जहां कभी नक्सलियों ने एक पुलिस अधीक्षक (एसपी) की हत्या कर दी थी। लेकिन आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है और देश नक्सलवाद से लगभग मुक्त हो चुका है। अब विकास गांव-गांव तक पहुंच रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने राज्यों को निर्देश दिया है कि दो वर्ष से अधिक समय से लंबित योजनाओं की समीक्षा मुख्यमंत्री स्तर पर की जाए। इसी के तहत उन्होंने निर्णय लिया है कि 100 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली सभी प्रमुख परियोजनाओं की समीक्षा वे स्वयं करेंगे। इससे यह पता चलेगा कि योजनाएं कहां अटकी हुई हैं और उन्हें पूरा करने में क्या बाधाएं हैं।देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
‘विकसित बिहार’ का संकल्प और औद्योगिक क्रांति की तैयारी
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके 12 वर्ष के सफल कार्यकाल के लिए हार्दिक बधाई दी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में इतने लंबे समय तक देश का नेतृत्व करना एक बड़ी और असाधारण उपलब्धि है। सीएम चौधरी ने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत ने विकास के कई नए आयाम स्थापित किए हैं और अब देश विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य की ओर अग्रसर है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि भाजपा ने जनता से किए गए अपने संकल्पों को हमेशा पूरा किया है, जिसका प्रमाण जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 और 35ए का समाप्त होना तथा अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण है।
मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि बिहार में औद्योगिक विकास को नई गति देने के लिए सरकार लगातार प्रयासरत है। उपमुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने कई फैक्ट्रियों का उद्घाटन किया था, और अब राज्य में बड़े पैमाने पर Bihar Industrial Investment News सामने आ रहे हैं। उन्होंने घोषणा की कि सरकार ने 20 नवंबर तक बिहार में 5 लाख करोड़ रुपये के औद्योगिक निवेश को धरातल पर उतारने का लक्ष्य निर्धारित किया है। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि इन प्रयासों से बिहार देश के प्रमुख औद्योगिक राज्यों में अपनी पहचान बनाएगा।
उद्योगों को प्रोत्साहन देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए सीएम ने बताया कि अब किसी भी उद्योग को स्थापित करने के लिए आवेदन करने पर 30 दिनों के भीतर स्वचालित रूप से आवश्यक अनुमति मिल जाएगी। यह पहल निवेशकों का भरोसा बढ़ाने और राज्य में उद्योगों की स्थापना की प्रक्रिया को तेज करने में मदद करेगी।
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डिफेंस कॉरिडोर और कनेक्टिविटी से बदलेगा बिहार का भविष्य
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने देश में रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता प्राप्त करने की दिशा में हो रहे तीव्र कार्यों की सराहना की। उन्होंने बताया कि वर्तमान में भारत में 33 करोड़ मोबाइल फोन का निर्माण हो रहा है और रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में भी बड़ी प्रगति हुई है। इसी कड़ी में, उन्होंने घोषणा की कि बिहार में राजगीर और मुंगेर को डिफेंस कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जाएगा। इस पहल से राज्य में रोजगार के कई नए अवसर सृजित होंगे और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
हवाई संपर्क को बेहतर बनाने की दिशा में भी सरकार सक्रिय है। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि बिहार के हर जिले को बेहतर हवाई कनेक्टिविटी से जोड़ने पर काम चल रहा है। उन्होंने हाल ही में एक महत्वपूर्ण फाइल पर हस्ताक्षर करने का जिक्र किया, जिसके तहत राजगीर और सासाराम-कैमूर क्षेत्र के बीच नई एयरस्ट्रिप का निर्माण किया जाएगा। राज्य के सभी जिलों में आवश्यकतानुसार एयरपोर्ट, हेलीपैड और एयरस्ट्रिप विकसित करने की व्यापक योजना है।
उन्होंने पटना हवाई अड्डे के नए और आधुनिक स्वरूप का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां उतरने के बाद यह स्पष्ट रूप से महसूस होता है कि बिहार वास्तव में बदल रहा है। मुख्यमंत्री ने ग्रामीण सड़कों के निर्माण और बेहतर संपर्क के मामले में बिहार को देश के अग्रणी राज्यों में से एक बताया। उन्होंने सड़क और बिजली के क्षेत्र में राज्य की उल्लेखनीय प्रगति पर संतोष व्यक्त किया और प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना का उल्लेख किया, जिसका उद्देश्य देशभर में 50 लाख घरों तक सौर ऊर्जा पहुंचाना है, जिससे सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध हो सकेगी।
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वित्तीय प्रबंधन और जन कल्याण की योजनाएं
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जीएसटी के लागू होने के बाद राज्यों की मजबूत होती आर्थिक स्थिति पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जीएसटी से पहले राज्यों की आबादी का आर्थिक महत्व उतना नहीं था, लेकिन अब बिहार की लगभग 14 करोड़ आबादी राज्य की सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने बताया कि शराबबंदी लागू होने के बावजूद बिहार को जीएसटी व्यवस्था के तहत केंद्र सरकार से लगभग 12.90 लाख करोड़ रुपये के कर संग्रह तंत्र का लाभ मिल रहा है। राज्य के बजट में प्रत्यक्ष हिस्सेदारी लगभग 60 हजार करोड़ रुपये की है, जबकि शेष संसाधन केंद्र सरकार की सहायता और राज्य के स्वयं के प्रयासों से जुटाए जाते हैं।
जनधन योजना और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) व्यवस्था की प्रभावशीलता पर बात करते हुए सीएम ने कहा कि जब जनधन योजना शुरू हुई थी, तब विपक्ष ने इसे लेकर कई आशंकाएं जताई थीं। हालांकि, आज यही जनधन खाते और डीबीटी व्यवस्था गरीबों तक सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे पहुंचाने का सबसे प्रभावी माध्यम बन चुके हैं। इससे पारदर्शिता बढ़ी है और भ्रष्टाचार में उल्लेखनीय कमी आई है, क्योंकि योजनाओं का पैसा सीधे लाभार्थियों के खातों में पहुंच रहा है।
वित्तीय प्रबंधन से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार का प्रतिदिन का खर्च लगभग 1000 करोड़ रुपये है, और 12 जून तक ट्रेजरी में 1500 करोड़ रुपये से अधिक की राशि उपलब्ध थी। उन्होंने जोर देकर कहा कि शिक्षकों का वेतन और पेंशन उनका मौलिक अधिकार है, और इसे किसी भी परिस्थिति में रोका नहीं जा सकता। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि विकास योजनाओं के लिए उपयोगिता प्रमाणपत्र अनिवार्य रूप से लिए जाएं, लेकिन वेतन और पेंशन भुगतान में किसी भी प्रकार की बाधा नहीं आनी चाहिए।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने नक्सलवाद के खिलाफ मिली बड़ी सफलता का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि वे स्वयं उस विधानसभा क्षेत्र के विधायक रहे हैं, जहां कभी नक्सलियों ने एक पुलिस अधीक्षक की हत्या कर दी थी। लेकिन आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है और देश नक्सलवाद से लगभग मुक्त हो चुका है। अब विकास गांव-गांव तक पहुंच रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री मोदी ने राज्यों को दो वर्ष से अधिक समय से लंबित योजनाओं की मुख्यमंत्री स्तर पर समीक्षा करने का निर्देश दिया है। इसी के तहत, उन्होंने 100 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली सभी प्रमुख परियोजनाओं की स्वयं समीक्षा करने का निर्णय लिया है। इसके माध्यम से योजनाओं में आने वाली बाधाओं को दूर कर उन्हें समय पर पूरा किया जा सकेगा।देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें








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