Patna Corruption News: बिहार के प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की नई जांच रिपोर्ट ने हड़कंप मचा दिया है। पटना में ED ने एक सनसनीखेज खुलासा किया है। आरोपी रिशु श्री ने IAS अधिकारियों और उनके परिवारों को विदेश यात्राएं स्पॉन्सर करके 265.73 करोड़ रुपये का एक विशाल अवैध साम्राज्य खड़ा कर लिया था। यह खुलासा संजीव हंस मामले की जांच के दौरान हुआ है, जिसने पूरे सरकारी सिस्टम को हाईजैक कर लिया था।
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Patna Corruption News: करोड़ों के टेंडर और अफसरों की मनचाही पोस्टिंग का खेल
जांच एजेंसी के अनुसार, रिशु श्री ने टेंडर हथियाने और मनपसंद अफसरों की पोस्टिंग कराने के लिए करोड़ों रुपये पानी की तरह बहाए। उसका रसूख सचिवालय से लेकर नगर निगमों तक फैला हुआ था। वह सिर्फ टेंडर मैनेज ही नहीं करता था, बल्कि यह भी तय करता था कि किस विभाग में कौन सचिव बनेगा और किस शहर में किस नगर आयुक्त की तैनाती होगी। अधिकारियों को मनपसंद जगह पोस्टिंग दिलाने के बदले वह मोटा कमीशन वसूलता था।
सीतामढ़ी में नगर आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार पाने के लिए मुमुक्षु चौधरी ने उच्च अधिकारियों को 25 लाख रुपये दिए थे। यह बात मुमुक्षु चौधरी ने खुद स्वीकार की है, जिससे इस भ्रष्टाचार की गहराई का अंदाजा लगाया जा सकता है।
स्वच्छ गंगा मिशन से हुई सबसे बड़ी अवैध कमाई
ED की जांच रिपोर्ट के अनुसार, रिशु श्री की काली कमाई का सबसे बड़ा हिस्सा स्वच्छ गंगा मिशन से आया। उसने अकेले इस मिशन से 185.25 करोड़ रुपये कमाए। इस अवैध कमाई को छिपाने और ट्रांसफर करने के लिए हवाला नेटवर्क का सहारा लिया गया। सारा लेनदेन पूरी तरह कैश और हवाला के जरिए होता था ताकि कोई डिजिटल सबूत न बचे।
अफसरों को पक्ष में करने के लिए लाखों रुपये खर्च किए गए। बुडको के तत्कालीन प्रबंध निदेशक और IAS अधिकारी योगेश कुमार सागर को रिशु श्री ने भरपूर लाभ पहुंचाया। योगेश कुमार सागर और उनके परिवार के छह सदस्यों को ऑस्ट्रिया की यात्रा कराई गई। इसी तरह IAS अधिकारी अभिलाषा शर्मा और उनके परिवार की विदेश यात्रा पर भी रिशु श्री ने 19 लाख रुपये खर्च किए। व्हाट्सएप चैट से यह भी खुलासा हुआ है कि बीएमएसआईसीएल के तत्कालीन एमडी धर्मेंद्र ने भी ऐसी ही विदेश यात्राएं की थीं। इन यात्राओं के बदले रिशु श्री की संस्थाओं को बड़े ठेके दिए गए।
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ED को फेसटाइम पर सुसाइड की धमकी, चौंकाने वाले खुलासे जारी
रिशु श्री ED की जांच से बचने के लिए लगातार हथकंडे अपना रहा है। उसने ईडी से बचने के लिए फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट का सहारा लिया। सितंबर 2025 में ईडी ने पटना एसएसपी को पत्र लिखकर एक बड़ी जानकारी दी थी। रिशु श्री फेसटाइम और टेलीग्राम ऐप के जरिए अधिकारियों को आत्महत्या करने की धमकी दे रहा है। फिलहाल केंद्रीय एजेंसी इस पूरे सिंडिकेट की गहराई से जांच कर रही है। अफसरों की लग्जरी जरूरतों को पूरा करके टेंडर की शर्तें पहले ही रिशु श्री के हिसाब से तय हो जाती थीं।
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