Patna Cyber Crime News: बिहार की राजधानी पटना में साइबर ठगी का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां ठगों ने स्मार्ट मीटर अपडेट करने का झांसा देकर एक व्यक्ति के बैंक खाते से 1.78 लाख रुपये उड़ा लिए। धोखेबाजों ने महज 100 रुपये के रिचार्ज का लालच देकर पीड़ित को अपने जाल में फंसाया और फिर उसके मोबाइल को हैक कर लिया।
कुछ ही मिनटों में, हैकर्स ने पीड़ित के बैंक खाते से बड़ी रकम निकाल ली, जिससे वह स्तब्ध रह गया। इस घटना ने साइबर सुरक्षा को लेकर लोगों में नई चिंताएं पैदा कर दी हैं। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
स्मार्ट मीटर अपडेट के नाम पर ठगी का जाल
यह घटना पटनासिटी इलाके के निवासी मो. कमाल अहमद के साथ हुई। उन्हें एक अज्ञात नंबर से कॉल आया, जिसमें फोन करने वाले ने खुद को बिजली विभाग का कर्मचारी बताया। ठग ने कमाल अहमद को कहा कि उनके स्मार्ट मीटर को तुरंत अपडेट करना होगा, अन्यथा बिजली कनेक्शन काट दिया जाएगा।
अपडेट के लिए केवल 100 रुपये का रिचार्ज करने की बात कही गई। इसके बाद ठगों ने पीड़ित को एक लिंक भेजा और उसी के माध्यम से भुगतान करने का निर्देश दिया। जैसे ही कमाल अहमद ने उस फर्जी लिंक पर क्लिक करके 100 रुपये का भुगतान किया, उनका मोबाइल फोन हैक हो गया।
मोबाइल हैक होते ही खाली हुआ खाता
मोबाइल हैक होते ही, ठगों ने तुरंत बैंक खाते तक अपनी पहुंच बना ली। पलक झपकते ही मो. कमाल अहमद के बैंक खाते से 1.78 लाख रुपये निकाल लिए गए। जब तक पीड़ित को इस धोखे का एहसास होता और वह कुछ समझ पाता, तब तक पूरी रकम गायब हो चुकी थी।
इस घटना से कमाल अहमद को गहरा सदमा लगा है। उन्होंने तत्काल पटना साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए फर्जी लिंक और इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबरों की ट्रेसिंग शुरू कर दी है।
बढ़ते साइबर अपराधों से कैसे बचें?
पटना साइबर थाने के अधिकारियों के अनुसार, बिजली मीटर अपडेट करने के नाम पर होने वाली ठगी के मामलों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। लगभग हर दिन ऐसे नए मामले सामने आ रहे हैं, जहां लोग धोखेबाजों के झांसे में आकर अपनी मेहनत की कमाई गंवा रहे हैं। इस तरह के Smart Meter Scam News तेजी से फैल रहे हैं और लोगों को सावधान रहने की जरूरत है।
पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी अनजान कॉल या संदेश पर भरोसा न करें। विशेष रूप से बिजली विभाग या किसी अन्य सरकारी सेवा के नाम पर आने वाले ऐसे लिंक या फोन कॉल पूरी तरह से फर्जी हो सकते हैं। कभी भी किसी अनधिकृत लिंक पर क्लिक न करें और न ही अपनी व्यक्तिगत या बैंक संबंधी जानकारी साझा करें।
आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
अधिकारियों का कहना है कि बिजली विभाग कभी भी स्मार्ट मीटर अपडेट के लिए फोन या एसएमएस के माध्यम से लिंक नहीं भेजता है। यदि आपको ऐसा कोई संदेश मिलता है, तो उसे तुरंत हटा दें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी पुलिस को दें। अपनी वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हमेशा सतर्क और जागरूक रहें।
देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें







