Patna Health News: बिहार के सरकारी अस्पतालों की व्यवस्था सुधारने को लेकर स्वास्थ्य विभाग अब एक्शन मोड में आ गया है। स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने 1 जून को एक बड़ी समीक्षा बैठक बुलाई है। इस बैठक में राज्यभर के सिविल सर्जन, मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्य और अधीक्षक शामिल होंगे। अस्पतालों की कार्यप्रणाली को लेकर अहम फैसले लिए जाएंगे।
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सरकारी अस्पतालों की बदहाली पर ‘महामंथन’: क्या है योजना?
स्वास्थ्य मंत्री की अध्यक्षता में होने वाली इस अहम बैठक में राज्य के सरकारी अस्पतालों की मौजूदा स्थिति पर विस्तृत चर्चा होगी। सूत्रों के मुताबिक, बैठक में अगले 15 दिनों के लिए अस्पतालों की कार्ययोजना तैयार की जाएगी। विशेष तौर पर सरकारी अस्पतालों में मरीजों को मिलने वाले इलाज, साफ-सफाई की व्यवस्था, दवाओं की उपलब्धता, डॉक्टरों की नियमित उपस्थिति और मरीजों को दी जाने वाली अन्य सुविधाओं पर फोकस किया जाएगा। विभाग का स्पष्ट लक्ष्य है कि सरकारी अस्पतालों में आने वाले हर मरीज को गुणवत्तापूर्ण और समय पर इलाज मिल सके।
Patna Health News: लापरवाही पर होगी सीधी कार्रवाई, औचक निरीक्षण भी
जानकारी के अनुसार, स्वास्थ्य मंत्री सभी अधिकारियों को अस्पतालों की व्यवस्था सुधारने का स्पष्ट टास्क देंगे और जवाबदेही तय की जाएगी। स्वास्थ्य सचिव कुमार रवि भी बैठक में मौजूद रहेंगे। माना जा रहा है कि बैठक के दौरान जिलावार अस्पतालों की रिपोर्ट ली जाएगी और जिन अस्पतालों से लगातार शिकायतें मिल रही हैं, वहां विशेष निगरानी रखने का निर्देश दिया जा सकता है। सूत्रों के मुताबिक, समीक्षा बैठक के बाद स्वास्थ्य मंत्री खुद भी अस्पतालों का औचक निरीक्षण शुरू करेंगे। इस दौरान अगर निरीक्षण में किसी भी तरह की लापरवाही या गड़बड़ी सामने आती है, तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई तय मानी जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग के इस कदम को सरकारी अस्पतालों की व्यवस्था में बड़ा बदलाव लाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। पिछले दिनों कई अस्पतालों से बदइंतजामी और डॉक्टरों की अनुपस्थिति की शिकायतें सामने आने के बाद विभाग ने यह सख्त रुख अपनाया है।
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अस्पताल प्रशासन को अब मरीजों की समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान देना होगा। अब सभी की निगाहें 1 जून को होने वाली इस महत्वपूर्ण बैठक पर टिकी हैं, जहां से बिहार के सरकारी अस्पतालों के भविष्य के लिए नई दिशा मिल सकती है।
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