Patna Khan Sir FIR News: बिहार की राजधानी पटना के मशहूर शिक्षक खान सर अब एक गंभीर कानूनी संकट का सामना कर रहे हैं। उनके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी के बाद यह लगभग तय हो चुका है कि वे पुलिस के सामने आत्मसमर्पण नहीं करेंगे। इसके बजाय, खान सर के वकील सोमवार को पटना सिविल कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर करने की तैयारी में हैं, जिससे इस हाई-प्रोफाइल मामले में एक नया मोड़ आ गया है। उनके अधिवक्ता ने इस पूरे मामले को एक सुनियोजित साजिश करार दिया है।
खान सर के वकील ने एफआईआर को बताया साजिश, बदला लेने का आरोप
खान सर के कानूनी सलाहकार, वरिष्ठ वकील अरविंद कुमार मउआर ने इस पूरे घटनाक्रम पर खुलकर बात की है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि खान सर के खिलाफ दर्ज की गई यह प्राथमिकी बदला लेने की कार्रवाई है। मउआर ने इस बात पर जोर दिया कि यह उनके मुवक्किल को बदनाम करने और उन्हें फंसाने के लिए रची गई एक गहरी साजिश का हिस्सा है। उनका दावा है कि इस मामले में खान सर को अनावश्यक रूप से घसीटा जा रहा है।
वकील ने विस्तार से बताया कि विवाद की शुरुआत तब हुई जब खान ग्लोबल के गेट पर कुछ अप्रिय घटना हुई। इसके तुरंत बाद, खान सर के संस्थान के एक सदस्य ने पास के एक अन्य संस्थान के निदेशक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसी शिकायत के जवाब में, दूसरे पक्ष ने भी एक मामला दर्ज करवाया। इस जवाबी एफआईआर में, आत्मरक्षा में हवाई फायरिंग करने वाले गार्डों के साथ-साथ, खान सर का नाम भी जानबूझकर शामिल कर दिया गया है।
अरविंद कुमार मउआर ने तर्क दिया कि घटनास्थल पर मौजूद गार्डों ने केवल अपनी और परिसर की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हवाई फायरिंग की थी। उन्होंने कहा कि गार्डों द्वारा की गई यह कार्रवाई विशुद्ध रूप से आत्मरक्षा की श्रेणी में आती है और इसमें किसी को कोई शारीरिक चोट नहीं पहुंची। वकील ने पुलिस पर आरोप लगाया कि उन्होंने बिना किसी पुख्ता सबूत के खान सर को इस मामले में घसीट लिया है, जबकि उनका कोई सीधा संबंध नहीं था।
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आखिर कहां हैं खान सर? ठिकाना अज्ञात, पुलिस की तलाश जारी
इस कानूनी खींचतान के बीच, सबसे बड़ा सवाल यह है कि खान सर आखिर कहां हैं? एफआईआर दर्ज होने के बाद से वे सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए हैं। उनका ठिकाना फिलहाल अज्ञात बना हुआ है और पुलिस भी उनकी तलाश कर रही है। उनके समर्थकों और छात्रों के बीच भी उनके बारे में जानने को लेकर उत्सुकता बनी हुई है।
यह पूरा प्रकरण 2 जून को हुए एक घटनाक्रम से जुड़ा है। उस दिन खान ग्लोबल इंस्टीट्यूट पर तोड़फोड़ और हमले की खबर सामने आई थी। इंस्टीट्यूट के प्रबंधन ने तत्परता दिखाते हुए पास में ही स्थित ज्ञान बिंदू जी.एस. एकेडमी पर हमले का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एकेडमी के निदेशक रौशन आनंद को गिरफ्तार भी कर लिया था।
लेकिन कहानी ने तब एक नया मोड़ लिया, जब घटना के कुछ समय बाद एक वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल होने लगी। इस वीडियो में साफ देखा जा सकता था कि खान सर के दो बॉडीगार्ड कोचिंग कैंपस के अंदर हवाई फायरिंग कर रहे थे। इस चौंकाने वाले फुटेज के आधार पर पुलिस ने अपनी जांच का रुख बदल दिया और दोनों गार्डों को हिरासत में ले लिया।
पुलिस हिरासत में पूछताछ के दौरान, दोनों गार्डों ने न केवल फायरिंग की बात कबूल की, बल्कि यह सनसनीखेज खुलासा भी किया कि उन्होंने यह गोलीबारी खान सर के कहने पर की थी। इस बयान के बाद, पुलिस ने खान सर के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 307 (हत्या का प्रयास) और आर्म्स एक्ट की विभिन्न गैर-जमानती धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है, जिससे उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं। इस Khan Sir Bail News से जुड़े घटनाक्रम पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
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खान सर के वकील अरविंद कुमार मउआर ने एक बार फिर दोहराया है कि उनके मुवक्किल के खिलाफ यह पूरी कार्रवाई केवल बदला लेने की भावना से प्रेरित है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया है कि उनके पास अग्रिम जमानत याचिका के लिए पर्याप्त और मजबूत आधार मौजूद हैं, जो खान सर को राहत दिला सकते हैं। अब सारा दारोमदार अदालत पर है कि वह इस मामले में क्या फैसला सुनाती है और खान सर को गिरफ्तारी से पहले राहत मिल पाती है या नहीं।







