

Patna NEET student death: न्याय की तराजू पर जब कोई केस उतरता है, तो सच्चाई की परतें एक-एक कर खुलने लगती हैं। पटना में एक दुखद घटना ने पूरे शहर को झकझोर दिया था, और अब उस मामले में कानूनी दांव-पेच गहराते जा रहे हैं।
Patna NEET student death: नीट छात्रा की मौत मामले में आरोपी को कोर्ट से बड़ा झटका, जमानत याचिका खारिज
NEET छात्रा की मौत: कोर्ट में एक घंटे तक चली तीखी बहस
पटना सिविल कोर्ट ने `NEET student death` मामले में मुख्य आरोपी और शंभु गर्ल्स हॉस्टल के मालिक मनीष रंजन को बड़ा झटका दिया है। कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका को खारिज कर दिया, जिसके बाद मनीष रंजन को न्यायिक हिरासत में ही रहना होगा। इस मामले में सुनवाई के दौरान करीब एक घंटे तक कोर्ट में तीखी बहस चली। अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष के वकीलों ने अपनी-अपनी दलीलें पेश कीं, लेकिन अदालत ने पुलिस जांच पर कई गंभीर सवाल उठाए। यह फैसला मामले की संवेदनशीलता और पुलिस जांच में पाई गई कथित कमियों को उजागर करता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
पुलिस की जांच पर उठे गंभीर सवाल
सूत्रों के अनुसार, कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में कहा कि पुलिस की अब तक की जांच में कई महत्वपूर्ण पहलुओं को ठीक से कवर नहीं किया गया है। खासकर, `छात्रा की मौत` के कारणों और परिस्थितियों से जुड़े कुछ अहम सबूतों पर उचित ध्यान नहीं दिया गया है। बचाव पक्ष के वकील ने हालांकि मनीष रंजन को निर्दोष बताते हुए जमानत देने की अपील की थी, लेकिन अभियोजन पक्ष ने इसका कड़ा विरोध किया। अभियोजन पक्ष ने तर्क दिया कि आरोपी को जमानत मिलने से वह साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ कर सकता है और गवाहों को प्रभावित कर सकता है। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए, और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से, जमानत याचिका खारिज करने का निर्णय लिया। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
इस मामले ने पूरे बिहार में अभिभावकों और छात्रों के बीच चिंता पैदा कर दी थी। हॉस्टल सुरक्षा और छात्राओं की निगरानी के तरीकों पर भी सवाल उठे थे। मनीष रंजन की जमानत याचिका खारिज होने से पीड़ित परिवार को कुछ राहत मिली है, जो लगातार न्याय की मांग कर रहे हैं। इस `छात्रा की मौत` के बाद से ही पटना पुलिस पर जल्द से जल्द निष्पक्ष जांच पूरी करने का दबाव बना हुआ है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
आगे क्या होगा इस हाई-प्रोफाइल मामले में?
जमानत याचिका खारिज होने के बाद, मनीष रंजन के पास अब उच्च न्यायालय में अपील करने का विकल्प है। उम्मीद है कि पुलिस जांच अब और तेजी से आगे बढ़ेगी, और अदालत द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब दिया जाएगा। इस हाई-प्रोफाइल मामले पर पूरे प्रदेश की नजर बनी हुई है। यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में जांच किस दिशा में मुड़ती है और क्या नए तथ्य सामने आते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।




