Patna News: पटना के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल पीएमसीएच में एक 16 वर्षीय छात्र की मौत ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सड़क दुर्घटना के बाद भर्ती अमन कुमार गुप्ता की कथित लापरवाही के कारण हुई मौत के मामले में अब जांच समिति ने सख्त रुख अपनाया है। इस घटना को लेकर पूरे अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है।
क्या है पूरा मामला और जांच समिति का गठन?
पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (पीएमसीएच) में 16 वर्षीय अमन कुमार गुप्ता को सड़क दुर्घटना के बाद भर्ती कराया गया था। परिजनों ने आरोप लगाया कि इलाज में घोर लापरवाही बरती गई, जिसके कारण अमन की मौत हो गई। इस गंभीर आरोप के बाद अस्पताल प्रशासन ने मामले की गहन जांच के लिए एक समिति का गठन किया। स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की प्राध्यापक प्रो. मीनू शरण को इस जांच समिति का अध्यक्ष बनाया गया है।
7 डॉक्टर और 2 प्रबंधक घेरे में, 24 घंटे का अल्टीमेटम
अमन कुमार गुप्ता की मौत के मामले में गठित जांच समिति ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। समिति ने इस मामले से जुड़े सात चिकित्सकों और दो स्वास्थ्य प्रबंधकों को पत्र जारी किया है। इन सभी नौ लोगों से 24 घंटे के भीतर अपना पक्ष रखने और लापरवाही के आरोपों पर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया गया है। समिति उनके जवाबों का इंतजार कर रही है, जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जांच समिति की अध्यक्ष प्रो. मीनू शरण ने मामले में नामित सात चिकित्सकों और दो स्वास्थ्य प्रबंधकों को पत्र जारी कर 24 घंटे के भीतर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है।
इस मामले में जांच समिति का यह सख्त रवैया पीएमसीएच में मरीजों के इलाज की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाता है। 24 घंटे के भीतर मिलने वाले जवाबों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी, जिससे पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने में मदद मिल सकेगी।






