Patna Robotic Surgery News: पटना के इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (IGIMS) में इंडियन सेक्शन ऑफ इंटरनेशनल कॉलेज ऑफ सर्जन्स (ICS) और गैस्ट्रो सर्जरी विभाग के संयुक्त तत्वावधान में 6 जून को रोबोटिक सर्जरी पर एक सेमिनार का आयोजन किया गया। इस सेमिनार में देश-विदेश के सर्जन, चिकित्सा पेशेवर और स्वास्थ्य विशेषज्ञ एक साथ आए, जिन्होंने रोबोटिक सर्जरी में नवीनतम विकास, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सहायता प्राप्त प्रक्रियाओं और ट्रॉमा केयर पर गहन चर्चा की। इसी के साथ इंटरनेशनल कॉलेज ऑफ सर्जन्स का फेलोशिप दीक्षांत समारोह भी संपन्न हुआ।
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रोबोटिक सर्जरी प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान
इंटरनेशनल कॉलेज ऑफ सर्जन्स के गवर्नर (एशिया) और IGIMS के गैस्ट्रो सर्जरी विभाग के प्रमुख सह-चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मनीष मंडल ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि बिहार में रोबोटिक सर्जरी हाल ही में शुरू की गई है, जिसमें सरकारी IGIMS और पटना के कुछ निजी अस्पताल शामिल हैं। उन्होंने बताया कि यह सेमिनार बिहार के सर्जनों को रोबोटिक सर्जिकल तकनीकों और स्वास्थ्य सेवा में उनके बढ़ते अनुप्रयोगों का ज्ञान और अनुभव प्रदान करने के लिए आयोजित किया गया था।
AI और रोबोटिक तकनीक: चिकित्सा में नए आयाम
सेमिनार के आयोजन सचिव और IGIMS के गैस्ट्रो सर्जरी विभाग के प्रोफेसर डॉ. संजय कुमार ने बताया कि पहले सत्र में डॉ. राकेश कुमार सिंह ने “रोबोटिक सर्जरी में टिप्स और ट्रिक्स” पर बात की। उन्होंने बताया कि AI को रोबोटिक सर्जरी में एकीकृत करने से सर्जन अधिक सटीकता, न्यूनतम रक्त हानि और आसपास के ऊतकों को कम नुकसान के साथ जटिल प्रक्रियाएं कर सकते हैं। दूसरे सत्र में इंटरनेशनल कॉलेज ऑफ सर्जन्स के यूएस सेक्शन के अध्यक्ष डॉ. शारिक नजीर ने “ट्रॉमा में स्मार्ट सर्जरी” पर व्याख्यान दिया। उन्होंने बताया कि गंभीर आघात के मामलों में रोबोटिक सर्जरी और AI का उपयोग हड्डियों और मांसपेशियों को संरक्षित करते हुए रक्तस्राव को अधिक प्रभावी ढंग से नियंत्रित करने में मदद कर सकता है, जिससे मरीजों को तेजी से रिकवरी मिलती है। तीसरा व्याख्यान IGIMS के आपातकालीन विभाग के डॉ. आनंद शंकर द्वारा “सीमित संसाधन सेटिंग्स में आपातकालीन और ट्रॉमा सर्जरी” पर प्रस्तुत किया गया, जिसमें उन्होंने ऐसे वातावरण में गुणवत्तापूर्ण सर्जिकल हस्तक्षेप की संभावना पर जोर दिया। सर्जिकल ऑन्कोलॉजी के अतिरिक्त प्रोफेसर डॉ. मनीष कुमार ने कैंसर का शीघ्र पता लगाने और रोकथाम के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि समय पर निदान उपचार के परिणामों और जीवित रहने की दरों में काफी सुधार करता है, जिसमें PET-CT स्कैन और बायोप्सी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
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फेलोशिप दीक्षांत समारोह और भविष्य की राह
IGIMS के गैस्ट्रो सर्जरी विभाग के अतिरिक्त प्रोफेसर डॉ. साकेत कुमार ने बताया कि इस कार्यक्रम के दौरान इंटरनेशनल कॉलेज ऑफ सर्जन्स का फेलोशिप दीक्षांत समारोह आयोजित किया गया, जहां दस से अधिक चिकित्सा पेशेवरों को ICS फेलोशिप डिग्री प्रदान की गईं। फेलोशिप प्रमाणपत्र वरिष्ठ सर्जन और एसोसिएशन ऑफ सर्जन्स ऑफ इंडिया के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. ए.ए. हैदर द्वारा प्रस्तुत किए गए। प्राप्तकर्ताओं में डॉ. परमानंद प्रसाद, डॉ. शांतो शिला गुहा, डॉ. नायर रेम्या रघुनांदन, डॉ. नवीन कुमार, डॉ. फरहान मोहसिन, डॉ. सौम्या सिंह, डॉ. कोमल भारती, डॉ. रिंकू कुमारी, डॉ. विश्वपाल विश्वेन्दु, डॉ. अनुनय कुमार, डॉ. राजीव रंजन, डॉ. उत्कर्ष आनंद और डॉ. गौरव पटेल शामिल थे।
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सेमिनार और दीक्षांत समारोह का उद्घाटन करते हुए डॉ. ए.ए. हैदर ने बिहार की सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली में रोबोटिक सर्जरी को बढ़ावा देने और स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षित करने के लिए डॉ. मनीष मंडल को श्रेय दिया। उन्होंने संस्थान में डा विंची रोबोटिक सर्जरी प्रणाली की स्थापना और संचालन की सुविधा प्रदान करने के लिए IGIMS के निदेशक डॉ. बिंदे कुमार को भी बधाई दी, इसे बिहार में सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया। डॉ. बिंदे कुमार ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि IGIMS में रोबोटिक सर्जिकल प्रक्रियाएं 50,000 रुपये की लागत पर उपलब्ध हैं और उन्होंने प्रतिभागियों का स्वागत किया। कार्यक्रम का समापन डॉ. अमरजीत राज द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।







