
Ranchi Flight Services: झारखंड के हवाई यात्रियों के लिए एक बड़ी परेशानी सामने आई है। राज्य में गहराते एयरक्राफ्ट फ्यूल संकट का सीधा असर विमान सेवाओं पर पड़ना शुरू हो गया है। इस गंभीर समस्या के चलते 1 जुलाई 2026 से रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से संचालित होने वाली चार प्रमुख विमान सेवाएं पूरी तरह बंद कर दी जाएंगी। वहीं, देवघर एयरपोर्ट से भी कुछ उड़ानों की संख्या में कटौती की गई है, जिससे यात्रियों को खासी असुविधा होगी।
रांची से किन शहरों की उड़ानें हुईं रद्द?
मिली जानकारी के अनुसार, एयर इंडिया एक्सप्रेस की झारखंड की राजधानी रांची से दिल्ली और हैदराबाद के लिए चलने वाली विमान सेवाएं 1 जुलाई 2026 से उपलब्ध नहीं होंगी। इसके साथ ही, इंडिगो एयरलाइंस ने भी रांची-कोलकाता और रांची-हैदराबाद मार्गों पर अपनी उड़ानें स्थगित करने का फैसला किया है। इन महत्वपूर्ण Ranchi Flight Services के बंद होने से राजधानी रांची से देश के प्रमुख महानगरों की यात्रा करने वाले लोगों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा। विशेष तौर पर व्यावसायिक यात्री और नियमित उड़ान सेवाओं पर निर्भर रहने वाले लोग इससे सबसे अधिक प्रभावित होंगे।




देवघर एयरपोर्ट पर भी संकट का असर, ये बदलाव होंगे
विमान ईंधन संकट का प्रभाव सिर्फ रांची तक ही सीमित नहीं है, देवघर एयरपोर्ट पर भी इसका असर दिख रहा है। देवघर से दिल्ली के लिए संचालित होने वाली रात्रिकालीन उड़ान सेवा को भी 1 जुलाई 2026 से बंद करने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा, देवघर से बेंगलुरु जाने वाली फ्लाइट के संचालन में भी बड़ा बदलाव किया गया है। पहले यह सेवा प्रतिदिन उपलब्ध थी, लेकिन अब इसे सप्ताह में केवल तीन दिन ही संचालित किया जाएगा।
देवघर एयरपोर्ट पर इंडिगो के फ्लाइंग मैनेजर प्रवीण कुमार ने बताया, ‘एयरक्राफ्ट फ्यूल की उपलब्धता में आ रही समस्याओं के कारण यह फैसला लिया गया है। अब देवघर-बेंगलुरु विमान सेवा केवल मंगलवार, गुरुवार और शनिवार को ही संचालित होगी।’
यात्रियों के लिए सलाह और आगे क्या?
एविएशन सेक्टर से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि अगर विमान ईंधन संकट जल्द दूर नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में और भी उड़ानों पर इसका प्रतिकूल असर पड़ सकता है। एयरलाइंस कंपनियां फिलहाल उपलब्ध संसाधनों के आधार पर उड़ानों के संचालन की लगातार समीक्षा कर रही हैं। यात्रियों से अनुरोध किया गया है कि वे अपनी यात्रा की योजना बनाने से पहले संबंधित एयरलाइंस से उड़ानों की नवीनतम स्थिति के बारे में जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें, ताकि किसी भी परेशानी से बचा जा सके।
यह स्थिति झारखंड के हवाई संपर्क के लिए एक चुनौती पेश करती है, जिसका सीधा असर राज्य की अर्थव्यवस्था और पर्यटन पर भी पड़ सकता है।







