back to top
⮜ शहर चुनें
फ़रवरी, 23, 2026
spot_img

GOOD NEWS| MBBS में 3 बार से अधिक फेल छात्र भी बन सकेंगे असिस्टेंट प्रोफेसर –Patna High Court का ऐतिहासिक फैसला

चुनिए वही जो सर्वश्रेष्ठ हो-DeshajTimes – मेडिकल छात्रों की आवाज़!

spot_img
- Advertisement - Advertisement

MBBS में 3 बार से ज्यादा फेल? अब नहीं रुकेगा प्रोफेसर बनने का सपना!BPSC के पुराने नियम पर अंतरिम रोक। MBBS में बार-बार फेल होने पर भी अब बन सकेंगे असिस्टेंट प्रोफेसर। BPSC के पुराने नियम को कोर्ट ने अंतरिम रूप से रोका। अगली सुनवाई 3 जुलाई 2025 को होगी।

- Advertisement -

MBBS में तीन बार से ज्यादा फेल हुए छात्रों को राहत: Patna High Court का बड़ा फैसला

पटना, देशज टाइम्स – मेडिकल छात्रों के लिए पटना हाईकोर्ट ने एक ऐतिहासिक अंतरिम राहत दी है। अब MBBS में तीन बार से ज्यादा असफल होने वाले छात्र भी बिहार के मेडिकल कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर (Assistant Professor) भर्ती में हिस्सा ले सकेंगे।

- Advertisement -

हाईकोर्ट की अंतरिम व्यवस्था
पटना हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश आशुतोष कुमार की खंडपीठ ने याचिकाकर्ता डॉ. चक्रपाणी कुमार की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह फैसला फिलहाल अंतरिम है और यह याचिका के अंतिम निर्णय पर निर्भर करेगा।

- Advertisement -
यह भी पढ़ें:  Patna NEET Student Death: 11 दिन, 42 लोगों से पूछताछ… CBI के हाथ खाली, क्या खुलेगा स्पर्म का राज?

महत्वपूर्ण बिंदु:

  • BPSC ने हाल ही में जारी विज्ञापन में यह शर्त रखी थी कि जो छात्र MBBS में 3 बार से ज्यादा फेल हुए हैं, वे भर्ती के योग्य नहीं होंगे।

  • याचिकाकर्ता के वकील प्रणव कुमार और सृष्टि सिंह ने दलील दी कि यह नियम अनुचित और भेदभावपूर्ण है। उन्होंने कहा कि MD/MS जैसे पोस्टग्रेजुएट कोर्स में ऐसी कोई शर्त नहीं है, फिर MBBS छात्रों के लिए इस तरह का प्रतिबंध समानता के अधिकार का उल्लंघन है। कई छात्र MBBS में फेल होने के बावजूद आगे के कोर्स में शानदार प्रदर्शन करते हैं, ऐसे में यह नियम उनकी योग्यता को दरकिनार करता है।

यह भी पढ़ें:  Patna News: बिहार की खाकी अब सलाखों में, IPS एम सुनील नायक की गिरफ्तारी से हड़कंप, पढ़िए. .. दलदल में धंसे एक चमकते सितारे का पतन

राज्य सरकार के रुख में नरमी

राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता पी.के. शाही ने कोर्ट को सूचित किया कि सरकार इस नियम पर पुनर्विचार के लिए तैयार है।

क्या था पुराना नियम?

यह विवादास्पद नियम वर्ष 2013 से लागू था। इसकी वजह से कई योग्य उम्मीदवार केवल शुरुआती असफलताओं की वजह से नियुक्ति प्रक्रिया से बाहर हो जाते थे।

अगली सुनवाई की तिथि:

3 जुलाई 2025 को इस याचिका पर अगली सुनवाई होगी, जिसमें कोर्ट अंतिम निर्णय ले सकता है।

क्या बदलेगा इस फैसले से?

  • बिहार में सैकड़ों मेडिकल छात्रों को नई उम्मीद मिली है। यह आदेश मेडिकल शिक्षा में न्यायपूर्ण बदलाव और सुधार की दिशा में सकारात्मक कदम माना जा रहा है।

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

टोयोटा फॉर्च्यूनर: नए अवतार में आ रही है SUV किंग!

Toyota Fortuner: भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में कुछ ही वाहन ऐसे हैं जो अपनी श्रेणी...

Darbhanga News: MNREGA Scheme में बड़ा खेल, एक पुलिया पर दो योजनाओं का पैसा? JE का ‘जादुई’ दिमाग देख चकरा जाएंगे आप

MNREGA Scheme: दरभंगा के हनुमाननगर में सरकारी बाबूगिरी का ऐसा अजब खेल सामने आया...

Sheikhpura Crime News: गुटखा न मिलने पर CISF जवानों का खूनी तांडव, दुकानदार पर चलाई गोली!

Sheikhpura Crime News: अंधेरी रात में दबंगई का नशा जब सिर चढ़ा, तो वर्दी...

इनकम टैक्स ITR Refund धोखाधड़ी: सावधान! फर्जी संदेशों से बचने के तरीके और पूरी जानकारी

ITR Refund: जब आयकर रिटर्न (ITR) फाइल करने के बाद लोग अपने रिफंड का...
error: कॉपी नहीं, शेयर करें