back to top
⮜ शहर चुनें
मार्च, 11, 2026
spot_img

GOOD NEWS| MBBS में 3 बार से अधिक फेल छात्र भी बन सकेंगे असिस्टेंट प्रोफेसर –Patna High Court का ऐतिहासिक फैसला

चुनिए वही जो सर्वश्रेष्ठ हो-DeshajTimes – मेडिकल छात्रों की आवाज़!

spot_img
- Advertisement -

MBBS में 3 बार से ज्यादा फेल? अब नहीं रुकेगा प्रोफेसर बनने का सपना!BPSC के पुराने नियम पर अंतरिम रोक। MBBS में बार-बार फेल होने पर भी अब बन सकेंगे असिस्टेंट प्रोफेसर। BPSC के पुराने नियम को कोर्ट ने अंतरिम रूप से रोका। अगली सुनवाई 3 जुलाई 2025 को होगी।

- Advertisement -

MBBS में तीन बार से ज्यादा फेल हुए छात्रों को राहत: Patna High Court का बड़ा फैसला

पटना, देशज टाइम्स – मेडिकल छात्रों के लिए पटना हाईकोर्ट ने एक ऐतिहासिक अंतरिम राहत दी है। अब MBBS में तीन बार से ज्यादा असफल होने वाले छात्र भी बिहार के मेडिकल कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर (Assistant Professor) भर्ती में हिस्सा ले सकेंगे।

- Advertisement -

हाईकोर्ट की अंतरिम व्यवस्था
पटना हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश आशुतोष कुमार की खंडपीठ ने याचिकाकर्ता डॉ. चक्रपाणी कुमार की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह फैसला फिलहाल अंतरिम है और यह याचिका के अंतिम निर्णय पर निर्भर करेगा।

- Advertisement -
यह भी पढ़ें:  Bihar Parking News: बिहार में पार्किंग पर उपमुख्यमत्री का बड़ा ऐलान, राह चलते वाहनों से अवैध वसूली पर लगेगी रोक

महत्वपूर्ण बिंदु:

  • BPSC ने हाल ही में जारी विज्ञापन में यह शर्त रखी थी कि जो छात्र MBBS में 3 बार से ज्यादा फेल हुए हैं, वे भर्ती के योग्य नहीं होंगे।

  • याचिकाकर्ता के वकील प्रणव कुमार और सृष्टि सिंह ने दलील दी कि यह नियम अनुचित और भेदभावपूर्ण है। उन्होंने कहा कि MD/MS जैसे पोस्टग्रेजुएट कोर्स में ऐसी कोई शर्त नहीं है, फिर MBBS छात्रों के लिए इस तरह का प्रतिबंध समानता के अधिकार का उल्लंघन है। कई छात्र MBBS में फेल होने के बावजूद आगे के कोर्स में शानदार प्रदर्शन करते हैं, ऐसे में यह नियम उनकी योग्यता को दरकिनार करता है।

यह भी पढ़ें:  Bihar News: बिहार में गैस-तेल की जमाखोरी पर चला सरकार का डंडा, युद्ध के साये में कड़े निर्देश जारी

राज्य सरकार के रुख में नरमी

राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता पी.के. शाही ने कोर्ट को सूचित किया कि सरकार इस नियम पर पुनर्विचार के लिए तैयार है।

क्या था पुराना नियम?

यह विवादास्पद नियम वर्ष 2013 से लागू था। इसकी वजह से कई योग्य उम्मीदवार केवल शुरुआती असफलताओं की वजह से नियुक्ति प्रक्रिया से बाहर हो जाते थे।

अगली सुनवाई की तिथि:

3 जुलाई 2025 को इस याचिका पर अगली सुनवाई होगी, जिसमें कोर्ट अंतिम निर्णय ले सकता है।

क्या बदलेगा इस फैसले से?

  • बिहार में सैकड़ों मेडिकल छात्रों को नई उम्मीद मिली है। यह आदेश मेडिकल शिक्षा में न्यायपूर्ण बदलाव और सुधार की दिशा में सकारात्मक कदम माना जा रहा है।

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

शाहरुख खान की धूम! 2026-27 में चार बड़ी फिल्मों से हिलाएंगे बॉक्स ऑफिस

Shah Rukh Khan News: साल 2023 में अपनी तीन ब्लॉकबस्टर फिल्मों से बॉक्स ऑफिस...

गूगल क्रोम में Gemini AI की धमाकेदार एंट्री, यूज़र्स को मिलेगा नया अनुभव

Gemini AI: तकनीक की दुनिया में लगातार हो रहे बदलावों के बीच गूगल ने...

Bihar News: अररिया में CM Nitish का ऐतिहासिक तोहफा, 545 करोड़ की योजनाओं से चमकेगा बिहार, फारबिसगंज में एयरपोर्ट की भी घोषणा

Bihar News: सियासत की बिसात पर विकास का मोहरा चलकर, नीतीश कुमार ने अररिया...

Bhagalpur News: मूल्यांकन में लापरवाही, 45 शिक्षक अनुपस्थित, बिहार बोर्ड की साख पर सवाल!

Bhagalpur News: शिक्षा के महाकुंभ में जब इम्तिहान की बारी आई, तो कुछ गुरुजन...
error: कॉपी नहीं, शेयर करें