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मार्च, 14, 2026
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Bihar Politics: तेजस्वी की ताजपोशी पर चिराग का सवाल, क्या है ‘हार’ के बाद की यह ‘जीत’?

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Bihar Politics: बिहार के सियासी अखाड़े में दांव-पेंच चलते रहते हैं, कभी कोई जीत का सेहरा पहनता है तो कभी हार का स्वाद चखता है। लेकिन राष्ट्रीय जनता दल में हार के बाद भी जीत का ऐसा उत्सव मना है जिस पर विरोधियों ने सवाल खड़े कर दिए हैं।

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Bihar Politics में नया मोड़: तेजस्वी यादव को मिली बड़ी जिम्मेदारी

राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की हालिया महत्वपूर्ण बैठक में एक बड़ा फैसला लिया गया, जिसने बिहार के राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। पार्टी ने तेजस्वी यादव को अपना राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब हालिया चुनावों में राजद को उम्मीद के मुताबिक सफलता नहीं मिली थी, जिसके कारण इस निर्णय पर सवाल उठने स्वाभाविक हैं। राजद नेतृत्व ने इस फैसले के पीछे जो भी तर्क दिए हों, लेकिन इसने विरोधियों को हमलावर होने का मौका जरूर दे दिया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

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केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने तेजस्वी यादव की इस नई जिम्मेदारी पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने सवाल उठाया कि हाल के चुनावों में मिली ऐतिहासिक हार के बावजूद तेजस्वी यादव को पार्टी में सबसे बड़ा पद क्यों दिया गया है? पासवान ने अप्रत्यक्ष रूप से लालू परिवार के अंदरूनी वर्चस्व की ओर इशारा करते हुए कहा कि आज नहीं तो कल यह होना ही था। यह टिप्पणी राजद के भीतर परिवारवाद को लेकर हमेशा से उठते रहे सवालों को फिर से हवा देती है।

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राजद के सामने चुनौतियां और भविष्य की राह

चिराग पासवान ने अपने बयान में राजद के अंदरूनी राजनीतिक समीकरणों पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि “क्या इस फैसले के पीछे कोई मजबूरी थी, या फिर यह पूरी तरह से सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है?” इस तरह के बयान बिहार में महागठबंधन के भीतर भी कई तरह के कयासों को जन्म दे रहे हैं।

तेजस्वी यादव को यह अहम जिम्मेदारी ऐसे समय में मिली है जब राजद को न सिर्फ अपनी चुनावी रणनीति पर पुनर्विचार करना है, बल्कि पार्टी के जनाधार को भी मजबूत करना है। राजद नेतृत्व के हाथ में कमान सौंपने का यह फैसला क्या पार्टी के लिए संजीवनी का काम करेगा, यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा। हालांकि, पार्टी के भीतर और बाहर इस नियुक्ति को लेकर बहस जारी है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

कई राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह फैसला राजद को भविष्य की राजनीति के लिए तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। लेकिन, चिराग पासवान जैसे नेताओं के सवाल यह भी दर्शाते हैं कि तेजस्वी को अपनी नेतृत्व क्षमता साबित करने के लिए अभी और भी कड़ी अग्निपरीक्षा से गुजरना होगा। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह नियुक्ति राजद के भविष्य और बिहार की राजनीति की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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