spot_img

Stock Market में गिरावट जारी: जेफरीज ने इन शेयरों पर ‘अंडरपरफॉर्म’ रेटिंग दी

spot_img
- Advertisement -

Stock Market: मध्य-पूर्व में जारी भू-राजनीतिक उथल-पुथल ने वैश्विक बाजारों को झकझोर दिया है, जिसका असर भारतीय Stock Market पर भी स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है। पिछले तीन कारोबारी सत्रों से घरेलू शेयर बाजार लगातार गिरावट का सामना कर रहा है, जिससे निवेशकों की चिंताएं बढ़ गई हैं। शुक्रवार को भी प्रमुख बेंचमार्क इंडेक्स लाल निशान पर बंद हुए, जो बाजार में अनिश्चितता का संकेत दे रहा है।

- Advertisement -

Stock Market में गिरावट जारी: जेफरीज ने इन शेयरों पर ‘अंडरपरफॉर्म’ रेटिंग दी

- Advertisement -

शुक्रवार के कारोबारी सत्र में सेंसेक्स 1470.50 अंक या 1.93 प्रतिशत की भारी गिरावट के साथ 74,563.92 अंक पर बंद हुआ, वहीं एनएसई निफ्टी 50 भी 488.05 अंक या 2.06 प्रतिशत फिसलकर 23,151.10 के स्तर पर आ गया। इस माहौल में ब्रोकरेज फर्म जेफरीज ने कुछ प्रमुख कंपनियों के शेयरों को अपनी ‘अंडरपरफॉर्म’ लिस्ट में शामिल किया है, जो निवेशकों के लिए सतर्कता का संकेत है। आइये जानते हैं किन कंपनियों पर जेफरीज ने अपनी रेटिंग में कमी की है और इसके पीछे क्या कारण हैं, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

- Advertisement -

Stock Market में गिरावट के प्रमुख कारण

हालिया गिरावट का मुख्य कारण मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव और वैश्विक स्तर पर बढ़ती अनिश्चितता को माना जा रहा है। निवेशक सुरक्षित निवेश की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे इक्विटी बाजारों में बिकवाली का दबाव बढ़ गया है। भारतीय बाजार ही नहीं, बल्कि कई अंतरराष्ट्रीय बाजार भी इस भू-राजनीतिक जोखिम से प्रभावित हुए हैं। इस बीच, जेफरीज जैसी प्रमुख ब्रोकरेज फर्मों द्वारा चुनिंदा शेयरों को ‘अंडरपरफॉर्म’ श्रेणी में रखना निवेशकों के बीच और अधिक सतर्कता का माहौल बना रहा है।

विप्रो: परामर्श सेवाओं में कमजोर मांग

ब्रोकरेज हाउस जेफरीज ने आईटी दिग्गज विप्रो को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी है। फर्म का अनुमान है कि विप्रो का शेयर मौजूदा स्तर से लगभग 21 प्रतिशत गिरकर 180 रुपये तक आ सकता है। बीएसई पर इसका पिछला बंद भाव 202.51 रुपये था। जेफरीज का कहना है कि वित्त वर्ष 2026 में कंपनी के मुख्य राजस्व में लगातार दूसरे साल गिरावट देखने को मिल सकती है। इसका प्रमुख कारण परामर्श सेवाओं वाले सेगमेंट में कमजोर मांग का बना रहना है। यह स्थिति कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है।

सिप्ला: अमेरिकी बाजार में कड़ी चुनौती और आपूर्ति समस्या

फार्मा सेक्टर की प्रमुख कंपनी सिप्ला को लेकर भी जेफरीज ने सतर्क रुख अपनाया है। ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि आने वाले समय में कंपनी की अमेरिका से होने वाली कमाई पर दबाव बढ़ सकता है। सिप्ला की तीन प्रमुख दवाओं में से दो को अमेरिका में कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उनकी बाजार हिस्सेदारी प्रभावित हो सकती है। इसके अतिरिक्त, एक महत्वपूर्ण दवा लैंरेओटाइड की आपूर्ति सहयोगी मैन्युफैक्चरिंग पार्टनर से जुड़ी दिक्कतों के कारण प्रभावित हो रही है। इन चुनौतियों के चलते जेफरीज का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2027 में कंपनी का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स सालाना आधार पर करीब 15 प्रतिशत तक घट सकता है। इसी कारण फर्म ने इस शेयर पर “अंडरपरफॉर्म” रेटिंग बरकरार रखी है, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

हुंडई मोटर इंडिया: ऑटो सेक्टर में बढ़ती प्रतिस्पर्धा

ऑटोमोबाइल सेक्टर में हुंडई मोटर इंडिया के शेयरों को लेकर भी ब्रोकरेज हाउस जेफरीज का मानना है कि इनमें तेजी की गुंजाइश सीमित है। जेफरीज ने इसका टारगेट प्राइस लगभग 1,900 रुपये तय किया है, जो इसके पिछले बंद भाव के लगभग बराबर है। हालांकि, ब्रोकरेज ने यह भी स्वीकार किया है कि जीएसटी में संभावित कटौती, बाजार में बेहतर लिक्विडिटी और सरकारी वेतन बढ़ोतरी जैसे कारक भारत में पैसेंजर व्हीकल की मांग को मजबूत बनाए रख सकते हैं। इसके बावजूद, भारतीय ऑटो सेक्टर में बढ़ती प्रतिस्पर्धा हुंडई के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई है, जो कंपनी के शेयर प्रदर्शन को प्रभावित कर सकती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस चुनौतीपूर्ण समय में निवेशकों को विशेष रूप से सावधान रहने की आवश्यकता है।

रियल-टाइम बिजनेस – टेक्नोलॉजी खबरों के लिए यहां क्लिक करें

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

Samastipur Road Accident: भीषण सड़क हादसे में 2 की मौत, एथलीट और ऑटो ड्राइवर ने तोड़ा दम

Samastipur Road Accident: बिहार के समस्तीपुर में एक दिल दहला देने वाले सड़क हादसे...