
Bihar Politics: राजनीति के रण में शब्दों के बाण कब, कैसे और किस पर चलें, कोई नहीं जानता। बिहार की धरती पर ऐसे ही एक तीखे वार से सियासी पारा चढ़ गया है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता तेजस्वी यादव ने आज सुबह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए बिहार में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) सरकार को आड़े हाथों लिया।
बिहार की राजनीति: तेजस्वी का ‘अनोखा प्रदेश’ वाला तंज
अपने सोशल मीडिया पोस्ट में तेजस्वी यादव ने तंज कसते हुए कहा कि बिहार एक ऐसा ‘अनोखा और अनूठा प्रदेश’ बन गया है जहां दशकों से डबल इंजन की सरकार होने के बावजूद विकास के लगभग सभी सूचकांकों में राज्य लगातार पिछड़ रहा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और कृषि जैसे प्रमुख विकास के मुद्दों पर बिहार की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है, जबकि केंद्र और राज्य दोनों में एक ही गठबंधन की सरकार लंबे समय से है।
यादव ने एनडीए सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि ‘डबल इंजन’ का नारा केवल चुनावी जुमला बनकर रह गया है, जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां करती है। उनका इशारा बिहार के उन आंकड़ों की ओर था जो मानव विकास सूचकांक में राज्य की पिछड़ी स्थिति को दर्शाते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार राज्य के वास्तविक विकास के बजाय केवल दिखावटी योजनाओं पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
यह पहली बार नहीं है जब तेजस्वी यादव ने बिहार के विकास के मुद्दे पर सरकार को घेरा हो। वे लगातार सरकार पर युवाओं को रोजगार देने और किसानों की आय बढ़ाने जैसे वादों को पूरा न करने का आरोप लगाते रहे हैं। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। उनका यह बयान आगामी विधानसभा चुनावों से पहले एक बड़े राजनीतिक मुद्दे के रूप में देखा जा रहा है।
बिहार एक अनोखा और अनूठा प्रदेश है जहां दशकों से एनडीए की डबल इंजन सरकार है वहां:-
देश का सबसे गरीब राज्य- बिहार
देश में सबसे अधिक पलायन-बिहार
देश में सबसे अधिक अपराध- बिहार
देश में सबसे अधिक भ्रष्टाचार- बिहार
देश में सबसे अधिक बेरोजगारी- बिहार
देश में सबसे अधिक बहुआयामी गरीबी-बिहार
देश में सबसे अधिक स्कूल ड्राप आउट- बिहार
देश में सबसे कम साक्षरता दर- बिहार
देश में सबसे कम प्रति व्यक्ति आय-बिहार
देश में सबसे कम किसानों की आय- बिहार
देश में सबसे कम प्रति व्यक्ति निवेश- बिहार
देश में सबसे कम प्रति व्यक्ति उपभोग- बिहार
देश में सबसे कम कंप्यूटर साक्षरता- बिहार
देश में सबसे कम बिजली खपत- बिहार
देश में सबसे कम बुनियादी सुविधा- बिहार
देश में सबसे कम गुणवत्तापूर्ण शिक्षा- बिहार
देश में सबसे कम औद्योगिक इकाइयां- बिहार
देश में सबसे कम स्कूलों में कंप्यूटर और ICT लैब- बिहार
देश में विकास के सभी सूचकांक में सबसे फिसड्डी- बिहार
देश में शिक्षा-स्वास्थ्य सेवा/सुविधा में सबसे फिसड्डी- बिहार
महंगी गैस खरीदने में आगे- बिहार
महंगी बिजली खरीदने में आगे- बिहार
महंगा पेट्रोल-डीज़ल खरीदने में आगे- बिहार
दिल्ली-मुंबई से महंगी प्रॉपर्टी और जमीन- बिहार
21 वर्षों की एनडीए सरकार में बिहार विकास के सभी मानकों, मानदंड और सूचकांक में सबसे फिसड्डी है लेकिन इन शर्मनाक तथ्यों और रैंकिंग पर किसी की कभी कोई जवाबदेही नहीं, बस पलटा-पलटी, प्रशासनिक तंत्र, सरकारी खजाने से वोट खरीदी, वोट की लूट और जातिवाद के सहारे कथित सुशासनी लोग सत्ता का आनंद भोग रहे है।
इतना ही नहीं तेजस्वी यादव ने बर्तमान संकट पर मीडिया को भी लपेटा। लिखा कोई बात नहीं, चुनाव आएगा तो किसी त्योहार के नाम पर LPG में कुछ रुपये सरकार कम कर ही देगी। गोदी मीडिया बैठी है, उसे मास्टरस्ट्रोक बता ही देगी।
NDA सरकार पर लगातार बढ़ता दबाव
तेजस्वी यादव के इस बयान के बाद सियासी गलियारों में एक बार फिर बहस छिड़ गई है। सत्तारूढ़ दल की ओर से अभी तक इस पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन उम्मीद है कि जल्द ही भाजपा और जदयू के नेता तेजस्वी के आरोपों का जवाब देंगे। विपक्ष इस ‘विकास के मुद्दे’ को लेकर सरकार को घेरने का कोई मौका नहीं छोड़ना चाहता है। बिहार में विकास की धीमी गति और अन्य राज्यों के मुकाबले पिछड़ने का मुद्दा हमेशा से राजनीतिक बहस का केंद्र रहा है।
आम जनता भी यह जानने को उत्सुक है कि आखिर दशकों तक ‘डबल इंजन’ सरकार होने के बावजूद बिहार अपेक्षित गति से विकास क्यों नहीं कर पाया। इस पर सरकार को ठोस जवाब देना होगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।


