
TRE-4 Notification: पटना की सड़कों पर फिर उबाल है। बिहार शिक्षक भर्ती के चौथे चरण के नोटिफिकेशन की मांग को लेकर हजारों अभ्यर्थी सड़क पर उतरे, जिसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच जमकर झड़प हुई। इस घटना में कई अभ्यर्थी घायल हुए और पुलिस ने छात्र नेताओं समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है, साथ ही 5000 अज्ञात लोगों पर FIR भी दर्ज की है।
शुक्रवार को हुए इस विरोध प्रदर्शन में हजारों की संख्या में अभ्यर्थी जेपी गोलंबर से डाकबंगला चौराहा तक मार्च कर रहे थे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की, जिससे दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की और बल प्रयोग हुआ। इस दौरान कई अभ्यर्थियों को चोटें आईं।
गांधी मैदान थाना प्रभारी अखिलेश मिश्रा ने बताया कि मजिस्ट्रेट के बयान के आधार पर मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान सड़क जाम की गई, आम लोगों को परेशानी हुई और सुरक्षाकर्मियों के साथ भी बदसलूकी की गई। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। पुलिस ने दावा किया कि कुछ लोगों ने भीड़ को उकसाने का काम किया, इन्हीं आरोपों के आधार पर छात्र नेता दिलीप कुमार, शहबाज सहित चार लोगों की गिरफ्तारी हुई है। फिलहाल उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने की तैयारी की जा रही है।
क्यों हो रहा है TRE-4 Notification के लिए आंदोलन?
दूसरी तरफ, अभ्यर्थियों का कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रख रहे थे। प्रदर्शन में शामिल छात्रों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने अचानक बल प्रयोग किया, जिससे कई छात्रों के सिर फूट गए और महिला अभ्यर्थियों के साथ भी धक्का-मुक्की हुई। घटनास्थल पर जूते-चप्पल बिखरे दिखाई दिए, जिनकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं।
अभ्यर्थियों की नाराजगी की सबसे बड़ी वजह पदों की संख्या को लेकर लगातार बदलते दावे हैं। पहले करीब 1.20 लाख पदों पर शिक्षक भर्ती की बात कही गई थी। बाद में यह संख्या 46 हजार बताई गई और अब सीटें घटकर 26 से 27 हजार तक पहुँचने की चर्चा है। इससे तैयारी कर रहे युवाओं में असमंजस और गुस्सा दोनों बढ़ा है।
युवाओं पर बढ़ रहा दबाव और भविष्य की चिंता
प्रदर्शन में शामिल कई छात्रों ने बताया कि वे वर्षों से शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहे हैं। कुछ अभ्यर्थियों ने कोचिंग के लिए कर्ज भी लिया है, जबकि कई युवाओं ने निजी नौकरियाँ छोड़ दी हैं। ऐसे में भर्ती प्रक्रिया में लगातार देरी उनके भविष्य पर असर डाल रही है। छात्रों का कहना है कि अब शिक्षक भर्ती बिहार के युवाओं के लिए सबसे बड़ा रोजगार विकल्प बन चुकी है, इसलिए हर देरी हजारों परिवारों की चिंता बढ़ा रही है।
पटना में हुए इस आंदोलन के बाद अब नजर सरकार और शिक्षा विभाग की अगली घोषणा पर टिकी है। अभ्यर्थियों की मांग साफ है कि जल्द से जल्द TRE-4 Notification जारी किया जाए और पदों की वास्तविक संख्या सार्वजनिक की जाए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
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