Araria Urdu News: अररिया में उर्दू भाषा के प्रोत्साहन और विकास के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। यहां समाहरणालय के डीआरडीए सभा भवन में एक दिवसीय वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य नई पीढ़ी को उर्दू भाषा की ओर आकर्षित करना और उसके प्रचार-प्रसार को बढ़ावा देना था।यह प्रतियोगिता उर्दू निदेशालय, मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग, बिहार, पटना और जिला प्रशासन अररिया के सौजन्य से ‘उर्दू भाषा विद्यार्थी प्रोत्साहन राज्य योजना’ के अंतर्गत संपन्न हुई। कार्यक्रम का उद्घाटन जिला पदाधिकारी अररिया विनोद दूहन ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया, जहां उप विकास आयुक्त रोजी कुमारी सहित अन्य गणमान्य अतिथि भी मौजूद थे।आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
लोकतंत्र के लिए वाद-विवाद क्यों आवश्यक?
जिला पदाधिकारी विनोद दूहन ने अपने संबोधन में वाद-विवाद के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वाद-विवाद लोकतंत्र के लिए अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि यह लोकतंत्र की जड़ों को मजबूत करता है और ज्ञान के नए द्वार खोलता है। उन्होंने जोर दिया कि उर्दू भाषा के विकास में ऐसी प्रतियोगिताएं महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। दूहन ने बताया कि उर्दू हमें केवल किताबों तक ही सीमित नहीं रखती, बल्कि हमें एक नई सोच और नए विचारों से भी परिचित कराती है।
छात्रों में दिखा उत्साह: अररिया उर्दू न्यूज़
यह प्रतियोगिता तीन अलग-अलग स्तरों पर आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
- पहला स्तर (मैट्रिक एवं समकक्ष): इसमें कुल 38 विद्यार्थियों ने भाग लिया।
- प्रथम स्थान: फरहान
- द्वितीय स्थान: इरम, सुम्बुल नाज, मोहम्मद शादाब
- तृतीय स्थान: आफरीन फातिमा, शबिस्तान प्रवीण, सलमान, नजराना प्रवीण
- दूसरा स्तर (इंटर एवं समकक्ष): इसमें 35 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया।
- प्रथम स्थान: अरबाज आलम
- द्वितीय स्थान: तरन्नुम आरा, समरीन खातून, शगुफा
- तृतीय स्थान: आशियाना नाज, नूर सबा, चांदनी, फातिमा कशिश
- तीसरा स्तर (स्नातक वर्ग): इस वर्ग में इरफान हसन ने बाजी मारी।
- प्रथम स्थान: इरफान हसन
- द्वितीय स्थान: हसन कमर, शमा परवीन, सबा आलम
- तृतीय स्थान: काशिफ इकबाल, बीबी गुलिस्ता
प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले सभी विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र और मेडल प्रदान कर सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त, पुरस्कार राशि आरटीजीएस के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की जाएगी। इस कार्यक्रम में निर्णायक की भूमिका अररिया महाविद्यालय के व्याख्याता डॉ. मोहम्मद तंजील अतहर, उर्दू पत्रकार श्री जसीमुद्दीन और अररिया के काजी श्री अतिकुल्लाह ने निभाई।देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करेंकार्यक्रम के अंत में, जिला उर्दू भाषा कोषांग, अररिया के प्रभारी पदाधिकारी श्री जुल्फिकार अली अंसारी ने विजेताओं के नामों की घोषणा की और सभी उपस्थित अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। धन्यवाद ज्ञापन उर्दू अनुवादक, जिला उर्दू भाषा कोषांग अररिया, ताजिम अहमद द्वारा किया गया। यह पहल निश्चित रूप से अररिया में उर्दू भाषा के प्रति जागरूकता और प्रेम बढ़ाने में सहायक सिद्ध होगी।आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।







