



Under-19 Cricket World Cup: बिहार की धरती से निकला एक धूमकेतु, जिसने क्रिकेट जगत में अपनी चमक बिखेर दी है। समस्तीपुर के छोटे से गाँव से निकलकर इस युवा खिलाड़ी ने अपने बल्ले से ऐसा तूफान मचाया कि पूरी दुनिया दांतों तले उंगलियां दबा बैठी।
समस्तीपुर का लाल, अंडर-19 क्रिकेट विश्व कप का बेताज बादशाह: वैभव सूर्यवंशी ने बनाया कीर्तिमान!
अंडर-19 क्रिकेट विश्व कप में वैभव का तूफानी आगाज
वैभव सूर्यवंशी, मात्र 14 साल की उम्र में, क्रिकेट की दुनिया में अपनी अलग पहचान बना चुके हैं। हाल ही में संपन्न हुए आईसीसी अंडर-19 विश्व कप 2026 में उन्होंने अपने शानदार प्रदर्शन से सभी को अचंभित कर दिया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इंग्लैंड के खिलाफ फाइनल मुकाबले में उनकी धमाकेदार पारी इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गई।
इस खिताबी भिड़ंत में वैभव ने महज 80 गेंदों का सामना करते हुए 175 रनों की अविश्वसनीय पारी खेली। उनकी इस पारी में 15 शानदार चौके और 15 गगनचुंबी छक्के शामिल थे, जिसने स्टेडियम में मौजूद हर दर्शक को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनकी यह पारी यह दर्शाती है कि बिहार की खेल प्रतिभा किसी से कम नहीं है।
वैभव के इस असाधारण प्रदर्शन के बाद बिहार विधानमंडल में भी उनकी जमकर तारीफ हुई। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने स्वयं वैभव की सराहना करते हुए उन्हें भविष्य का सितारा बताया। खेल मंत्री ने भी वैभव को सम्मानित करने की घोषणा की और राज्य में खेल सुविधाओं को बेहतर बनाने का वादा किया।
युवा वैभव सूर्यवंशी की इस सफलता ने ना सिर्फ उनके परिवार बल्कि पूरे समस्तीपुर जिले और बिहार राज्य को गौरवान्वित किया है। उनका यह सफर ग्रामीण परिवेश से निकलकर राष्ट्रीय और फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चमकने का एक प्रेरणादायक उदाहरण है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/
क्रिकेट पंडितों का मानना है कि वैभव में वो सभी गुण मौजूद हैं जो उन्हें भारतीय क्रिकेट का अगला बड़ा नाम बना सकते हैं। उनकी बल्लेबाजी में परिपक्वता और आक्रमण का अद्भुत मिश्रण देखने को मिलता है। उम्मीद है कि वे जल्द ही सीनियर टीम का हिस्सा बनेंगे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
बिहार के गौरव, देश की उम्मीद
वैभव की कहानी कई युवा खिलाड़ियों के लिए एक मिसाल है जो छोटे शहरों और गांवों से निकलकर बड़े सपने देखते हैं। उनकी कड़ी मेहनत और समर्पण ने यह साबित कर दिया है कि प्रतिभा को किसी पहचान की मोहताज नहीं होती। बिहार सरकार और क्रिकेट एसोसिएशन को ऐसी बिहार की खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए और अधिक प्रयास करने चाहिए।
बिहार में खेल के प्रति जुनून बढ़ता जा रहा है, और वैभव जैसे खिलाड़ी इस जुनून को और हवा दे रहे हैं। उनके जैसे खिलाड़ियों को सही मार्गदर्शन और सुविधाएं मिलें तो वे निश्चित रूप से देश का नाम रोशन करेंगे।



