Bihar Solar Light Scam: उम्मीदों के दीये जब बुझने लगें और विकास की किरणें भ्रष्टाचार के अंधेरे में खो जाएं, तो सवाल उठना लाजिमी है। बिहार के समस्तीपुर में एक ऐसी ही योजना पर गंभीर आरोप लगे हैं।
समस्तीपुर में उजागर हुआ Bihar Solar Light Scam: बिथान पंचायत में अनियमितता का पर्दाफाश
मुख्यमंत्री ग्रामीण सोलर स्ट्रीट लाइट योजना में Bihar Solar Light Scam के आरोप
समस्तीपुर जिले के बिथान पंचायत में मुख्यमंत्री ग्रामीण सोलर स्ट्रीट लाइट योजना में भारी अनियमितता का मामला सामने आया है। यह योजना ग्रामीण इलाकों को रोशन करने और स्थानीय लोगों को सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू की गई थी, लेकिन अब इसकी कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने इस पूरी परियोजना में बड़े पैमाने पर धांधली और गड़बड़ी का आरोप लगाया है।
ग्रामीणों के अनुसार, बिथान पंचायत में लगाई गई कई सोलर लाइटें या तो खराब हैं, या उनकी गुणवत्ता बेहद निम्न स्तर की है। कहीं खंभे झुके हुए हैं तो कहीं लाइटें जल ही नहीं रही हैं। इस तरह का भ्रष्टाचार विकास की योजनाओं को खोखला कर रहा है और जनता के पैसे का दुरुपयोग हो रहा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
इस पूरे मामले पर स्थानीय प्रशासन से तुरंत संज्ञान लेने और उच्चस्तरीय जांच की मांग तेज हो गई है। लोगों का कहना है कि जब तक दोषियों पर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक ऐसी योजनाओं में पारदर्शिता लाना मुश्किल होगा। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
यह सिर्फ बिथान पंचायत का मामला नहीं है, बल्कि बिहार में ऐसी कई ग्रामीण विकास योजनाओं में अनियमितताओं की खबरें आती रहती हैं। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि सोलर लाइट लगाने में निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया गया है और लागत को भी बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया गया है, जिससे सरकारी खजाने को चूना लगा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग
पंचायती राज विभाग के अधिकारियों को इस संबंध में शिकायतें भेजी गई हैं। ग्रामीणों का दावा है कि योजना के तहत लगाए गए उपकरणों की खरीद में भी अनियमितताएं बरती गई हैं। उच्च गुणवत्ता वाले उपकरणों की जगह सस्ते और घटिया सामान का इस्तेमाल किया गया है, जिसका सीधा असर उनकी कार्यक्षमता और टिकाऊपन पर पड़ रहा है। मुख्यमंत्री ग्रामीण सोलर स्ट्रीट लाइट योजना जैसे महत्वपूर्ण परियोजनाओं में ऐसे भ्रष्टाचार के मामले सामने आना चिंता का विषय है। स्थानीय प्रशासन से मांग की गई है कि वे इस पूरे मामले की गहनता से जांच करें और दोषी पाए जाने वालों पर सख्त कार्रवाई करें। यह खबर आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस मामले की गहन जांच से ही सच्चाई सामने आ सकती है और भविष्य में ऐसी धांधलियों को रोका जा सकता है।

