बिहार में गोपालगंज-बेतिया शराब कांड का मामला शांत भी नहीं हुआ कि समस्तीपुर में चार लोगों की संदिग्ध स्थिति में मौत से हड़कंप मच गया है। पांच अन्य लोगों का अलग-अलग जगहों पर इलाज चल रहा है।
जय बाबा केदार..!
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समस्तीपुर जिले के पटोरी प्रखंड के रुपौली पंचायत में संदिग्ध हालत में एक साथ चार लोगों की मौत और धा दर्जन लोगों के गंभीर रूप से बीमार होने और अलग-अलग जगहों पर ले जाकर इलाज कराने की मजबूरी से पूरे गांव में कोहराम मचा है। कारण, मृतकों में एक बीएसएफ का और एक सेना का जवान भी शामिल है। दोनों छुट्टी में घर आए हुए थे।
जानकारी के अनुसार, समस्तीपुर जिले के पटोरी थाना अन्तर्गत रुपौली पंचायत में बीती रात संदिग्ध स्थिति में चार लोगों की मौत हो गई। मृतकों में दो सेना के जवान बताए गए हैं। इस बीच पांच अन्य लोगों का अलग अलग जगहों पर इलाज चल रहा है। इनमें तीन की स्थिति नाजुक बनी हुई है।
इन मौत के पीछे भी जहरीली शराब की आशंका जताई जा रही है । हालांकि आधिकारिक रूप से इसकी पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
चर्चा है कि सभी ने गांव में शराब पी थी। जिसके बाद सभी की स्थिति बिगड़ी, लेकिन इसकी पुष्टि करने को कोई तैयार नहीं है। इस संबंध में पटोरी डीएसपी ओमप्रकाश अरुण ने बताया कि मृतकों के शव को पोस्टमार्टम के लिए कब्जे में लेने का प्रयास किया जा रहा है। मामले की जांच के बाद ही मौत के कारण के बारे में बताया जा सकता है।
मिली जानकारी के अनुसार शुक्रवार शाम रुपौली में लोगों के बीमार पड़ने और मरने का सिलसिला शुरू हुआ। गांव में व्याप्त चर्चा के अनुसार शुक्रवार शाम तीन से चार बजे के बीच लोगों की तबीयत बिगड़ने का सिलसिला शुरू हुआ। एक-एक कर करीब दस लोगों की तबीयत बिगड़ने से गांव में हड़कंप मच गया।
ग्रामीणों के सहयोग से परिजन बीमार लोगों को इलाज के लिए ले गए। बताया गया है सबसे पहले बीएसएफ के जवान विनय सिंह (54) की शाम करीब आठ बजे मौत हुई। उसके बाद एक-एक करके चार ने दम तोड़ा। सेना के जवान मोहन कुमार (27) को परिजन इलाज के लिए दानापुर कैंट ले गए थे। उसकी वहीं इलाज के दौरान मौत हो गई।
इसके अलावा मरने वालों में किसान श्यामनंदन चौधरी और वीरचंद्र राय शामिल हैं। वहीं इलाजरत लोगों में अभिलाख राय, बेंगा राय, सुमन कुमार, दीपक कुमार और कुंदन कुमार का नाम बताया जा रहा है। एक साथ चार लोगों की मौत और आधा दर्जन के गंभीर रूप से बीमार पड़ने के बावजूद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी कहीं हरकत में नहीं दिखें।
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