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मार्च, 12, 2026
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Bihar Prohibition: सासाराम में नशे में धुत डॉक्टर ने किया कमिश्नर की पत्नी का इलाज, शराबबंदी पर फिर उठे सवाल!

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Bihar Prohibition: बिहार में शराबबंदी का सख़्त पहरा है, लेकिन व्यवस्था को ठेंगा दिखाते हुए एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। सासाराम के सदर अस्पताल में एक डॉक्टर पर गंभीर आरोप लगे हैं, जिसने नशे की हालत में कमिश्नर की पत्नी का इलाज करने की कोशिश की।

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Bihar Prohibition: सासाराम में नशे में धुत डॉक्टर ने किया कमिश्नर की पत्नी का इलाज, शराबबंदी पर फिर उठे सवाल!

बिहार में नीतीश सरकार द्वारा लागू की गई सख्त शराबबंदी के बावजूद, रोहतास जिले के सासाराम से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने पूरे प्रदेश में हड़कंप मचा दिया है। सदर अस्पताल के एक वरिष्ठ चिकित्सक पर आरोप है कि वे न केवल नशे की हालत में अस्पताल पहुंचे, बल्कि उन्होंने कमिश्नर अनिमेष पराशर की पत्नी का इलाज करने का भी प्रयास किया। यह घटना एक बार फिर कानून के कार्यान्वयन पर सवाल खड़े करती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

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Bihar Prohibition के बीच डॉक्टरों पर गंभीर आरोप

सूत्रों के अनुसार, यह कथित घटना देर रात घटी जब कमिश्नर की पत्नी चिकित्सा सहायता के लिए अस्पताल पहुंचीं। बताया जा रहा है कि संबंधित डॉक्टर अत्यधिक नशे की हालत में थे और अपनी ड्यूटी ठीक से नहीं कर पा रहे थे। इस तरह के ‘Drunk doctor Bihar’ मामले न सिर्फ मरीजों के जीवन को खतरे में डालते हैं, बल्कि स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी बड़ा सवाल उठाते हैं।

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इस गंभीर मामले के सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन और जिला प्रशासन में गहमागहमी बढ़ गई है। उच्च अधिकारियों द्वारा मामले की गहन जांच के आदेश दिए गए हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि इस पूरे प्रकरण में दोषियों पर क्या कार्रवाई की जाती है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

अस्पताल प्रशासन पर जांच का दबाव

सासाराम सदर अस्पताल से जुड़े इस वाकये ने आम जनता के बीच स्वास्थ्य सेवाओं की विश्वसनीयता पर चिंता बढ़ा दी है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब एक वरिष्ठ अधिकारी के परिवार के साथ ऐसा हो सकता है, तो आम मरीजों का क्या होगा। प्रशासन को इस मामले में कड़ी और पारदर्शी कार्रवाई करनी होगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। यह घटना दर्शाती है कि राज्य में शराबबंदी कानून को और भी सख्ती से लागू करने की आवश्यकता है, खासकर सार्वजनिक सेवा प्रदाताओं के लिए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

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