
सासाराम में भयानक Fair Accident: मेले में झूला टूटकर गिरा, 10 से अधिक घायल, आयोजक फरार!
Fair Accident: सासाराम के मेले में मौत का झूला! शनिवार रात एक ऐसा दर्दनाक हादसा हुआ, जिसने लोगों को झकझोर कर रख दिया। एक विशालकाय झूला अचानक टूटकर जमीन पर आ गिरा, जिसमें 10 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।
सासाराम के मुफस्सिल थाना क्षेत्र स्थित पायलट बाबा आश्रम के पास लगे लंदन थीम मेले में शुक्रवार की रात एक भयावह मेले में हादसा हो गया। रात करीब 9 बजे, जब झूले पर 35 से अधिक लोग, जिनमें बच्चे और महिलाएं भी शामिल थीं, सवार थे, तभी यह दुर्घटना हुई। झूला अभी एक राउंड ही ऊपर गया था कि अचानक उसमें तकनीकी खराबी आ गई। झूले का भारी-भरकम इंजन अचानक रिवर्स हो गया, जिससे पूरे ढांचे का संतुलन बिगड़ गया और वह तेज रफ्तार में टूटकर सीधे जमीन पर आ गिरा।
सासाराम झूला हादसा: सासाराम से एक बेहद खौफनाक और दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। मुफस्सिल थाना क्षेत्र में लगे लंदन थीम मेले में शुक्रवार रात एक विशालकाय झूला अचानक टूटकर जमीन पर आ गिरा। इस भीषण हादसे में बच्चों सहित 10 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।
सासाराम झूला हादसा: यह दुर्घटना मुफस्सिल थाना क्षेत्र के पायलट बाबा आश्रम के पास लगे लंदन थीम मेले में शुक्रवार रात करीब 9 बजे हुई। मेले में लगा एक विशालकाय झूला, जिसमें 35 से अधिक लोग सवार थे, तकनीकी खराबी के कारण अचानक टूट गया और सीधे जमीन पर आ गिरा। इस भयावह घटना में 10 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घायलों में सिनुआर गांव का 8 वर्षीय धीरज कुमार शामिल है, जिसकी हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है। वहीं, बघेला थाना क्षेत्र की उषा देवी और मुफस्सिल थाना क्षेत्र के बिशुनपुरा गांव की सीमा देवी का भी इलाज चल रहा है। हादसे के बाद पूरे मेले में चीख-पुकार मच गई और भारी अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
Fair Accident और घायलों का हाल
इस भीषण हादसे में 10 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों में सिनुआर गांव का 8 वर्षीय किशोर धीरज कुमार है, जिसकी हालत बेहद गंभीर है। इसके अलावा, बघेला थाना क्षेत्र की उषा देवी और विशुनपुरा गांव की सीमा देवी भी घायल हुई हैं, जिनका इलाज चल रहा है। घटना के बाद पूरे मेले में चीख-पुकार मच गई और भारी अफरा-तफरी का माहौल बन गया। दहशत का ऐसा आलम था कि लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
सूचना मिलते ही मुफस्सिल थाने की पुलिस भारी दलबल के साथ मौके पर पहुंची। मुफस्सिल थानाध्यक्ष राजीव रंजन सिंह ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को तुरंत रेस्क्यू कर सासाराम सदर अस्पताल और नजदीकी निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। कई घायलों की स्थिति अभी भी नाजुक बनी हुई है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
आयोजक फरार, सुरक्षा पर गंभीर सवाल
दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है कि इस दर्दनाक घटना के बाद से मेले के आयोजक और झूले का ऑपरेटर मौके से फरार बताए जा रहे हैं। इस खौफनाक हादसे ने जिला प्रशासन की कार्यशैली और मेले में सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या इतने बड़े मैकेनिकल झूले के संचालन के लिए संबंधित विभाग से फिटनेस सर्टिफिकेट और प्रशासनिक अनुमति ली गई थी, यह एक बड़ा प्रश्न है। फिलहाल पुलिस राहत और बचाव कार्य के साथ-साथ इस बात की भी गहन जांच कर रही है कि मेले में झूले के संचालन में सुरक्षा मानकों की अनदेखी किन स्तरों पर की गई थी। तकनीकी खराबी के बावजूद झूले को चलने की अनुमति कैसे मिली, इसकी भी जांच होगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
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कैसे हुआ सासाराम झूला हादसा: प्रत्यक्षदर्शियों का बयान
प्रत्यक्षदर्शियों और मेले में मौजूद लोगों ने बताया कि शुक्रवार रात करीब नौ बजे जब यह हादसा हुआ, उस वक्त झूला अभी शुरू ही हुआ था और एक राउंड ऊपर गया था। तभी अचानक उसमें कोई तकनीकी खराबी आ गई। झूले का भारी-भरकम इंजन एकाएक रिवर्स हो गया, जिससे पूरे ढांचे का संतुलन बिगड़ गया और वह तेज रफ्तार में नीचे आ गिरा। लोगों को कुछ समझने का मौका ही नहीं मिला।
घटना की सूचना मिलते ही मुफस्सिल थाने की पुलिस तुरंत भारी दलबल के साथ मौके पर पहुंची। मुफस्सिल थानाध्यक्ष राजीव रंजन सिंह ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को तत्काल रेस्क्यू कर इलाज के लिए सासाराम सदर अस्पताल और नजदीकी निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। कई घायलों की स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है। दूसरी ओर, इस दर्दनाक हादसे के बाद मेले के आयोजक और झूले का ऑपरेटर मौके से फरार हो गए हैं, जिससे लोगों में भारी आक्रोश है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/
सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर गंभीर सवाल
इस खौफनाक हादसे ने जिला प्रशासन की कार्यशैली और मेले में लगे झूलों के सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों और प्रशासन के बीच यह चर्चा का विषय बन गया है कि क्या इतने बड़े यांत्रिक झूले के संचालन के लिए संबंधित विभाग से फिटनेस सर्टिफिकेट और प्रशासनिक अनुमति ली गई थी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
फिलहाल, पुलिस राहत एवं बचाव कार्य के साथ-साथ इस बात की भी जांच कर रही है कि मेले में झूले के संचालन में सुरक्षा मानकों की अनदेखी किन स्तरों पर की गई है और इस लापरवाही के लिए कौन जिम्मेदार है। इस गंभीर मसले पर प्रशासन की तरफ से सख्त कार्रवाई की उम्मीद की जा रही है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।







