शिक्षा के मंदिर में जब अव्यवस्था का तांडव होता है, तो हजारों भविष्य अधर में लटक जाते हैं। केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (CTET) जैसी राष्ट्रव्यापी परीक्षा में हुई चूक ने एक बार फिर प्रशासनिक ढिलाई की पोल खोल दी है। CTET Exam: बिहार के वैशाली जिले में यह परीक्षा हजारों अभ्यर्थियों के लिए एक कड़वा अनुभव साबित हुई, जब निर्धारित समय पर प्रश्नपत्र ही नहीं पहुंचे।
वैशाली में CTET Exam की बदहाली: घंटों इंतजार में बीता समय
मिली जानकारी के अनुसार, वैशाली जिले के सेंट जॉन्स एकेडमी परीक्षा केंद्र पर CTET परीक्षा के दौरान भारी तनाव का माहौल बन गया। सुबह की पाली के लिए हजारों की संख्या में अभ्यर्थी निर्धारित समय से पहले ही परीक्षा केंद्र पर पहुंच चुके थे, लेकिन उन्हें यह नहीं पता था कि आने वाले घंटों में उन्हें कैसी निराशा हाथ लगने वाली है। जब परीक्षा शुरू होने का समय हुआ, तो पता चला कि प्रश्नपत्र ही नहीं पहुंचे हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
वैशाली प्रखंड स्थित सेंट जॉन्स एकेडमी में आयोजित CTET परीक्षा सुबह 9:30 बजे शुरू होनी थी, लेकिन अभ्यर्थी 11 बजे तक परीक्षा शुरू होने का इंतजार करते रहे। लंबे इंतजार से परेशान परीक्षार्थियों का गुस्सा आखिरकार बाहर आ गया। परीक्षा केंद्र के अंदर और बाहर जमकर हंगामा हुआ। अभ्यर्थियों का कहना था कि वे समय से पहले केंद्र पर पहुंच गए थे, लेकिन व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई थी। न तो समय पर कोई सूचना दी गई और न ही देरी की वजह साफ की गई।
इस खबर के फैलते ही अभ्यर्थियों में गुस्सा भड़क उठा। प्रशासनिक अधिकारियों और केंद्र अधीक्षक के पास कोई संतोषजनक जवाब नहीं था। घंटों तक इंतजार करने के बाद भी स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई, जिससे अभ्यर्थियों का धैर्य जवाब देने लगा। कई अभ्यर्थी दूर-दराज के इलाकों से आए थे और उन्हें न सिर्फ मानसिक परेशानी हुई, बल्कि आर्थिक रूप से भी नुकसान उठाना पड़ा।
परीक्षा केंद्र के बाहर भारी भीड़ जमा हो गई। गुस्साए अभ्यर्थियों ने जमकर हंगामा किया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। उनका कहना था कि जब राष्ट्रीय स्तर की इतनी महत्वपूर्ण परीक्षा की तैयारियों में ऐसी लापरवाही बरती जा रही है, तो फिर पारदर्शिता और व्यवस्था की उम्मीद कैसे की जाए। परीक्षा के दौरान इस तरह की चूक देश की साख पर बट्टा लगाती है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
इस घटना ने एक बार फिर राज्य में परीक्षा संचालन प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शिक्षा विभाग और संबंधित एजेंसियों को इस मामले में कड़ी कार्रवाई करनी होगी, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएँ दोबारा न हों और अभ्यर्थियों के भविष्य से खिलवाड़ न हो। यह केवल एक मामले की बात नहीं है, बल्कि यह दर्शाता है कि प्रशासनिक स्तर पर कहीं न कहीं बड़ी चूक हुई है।
लापरवाही का खामियाजा भुगतते अभ्यर्थी
देर शाम तक भी कई अभ्यर्थियों को यह स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पाई थी कि उनकी परीक्षा दोबारा कब आयोजित की जाएगी या इस मामले में आगे क्या कदम उठाए जाएंगे। इस अनिश्चितता ने उनकी चिंताएं और बढ़ा दी हैं। इस पूरी घटना ने न केवल अभ्यर्थियों के समय और ऊर्जा को बर्बाद किया, बल्कि उनके मनोबल को भी तोड़ा है। संबंधित अधिकारियों को इस मामले में तुरंत संज्ञान लेते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए और अभ्यर्थियों को एक स्पष्ट समाधान प्रदान करना चाहिए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।







