Bokaro News: जैसे रेगिस्तान में पानी की बूंद के लिए होड़ मचती है, कुछ वैसा ही नज़ारा बोकारो के शब्द सरिता महोत्सव में एक किताब के लिए देखने को मिला। आलम ये रहा कि शाम होते-होते किताब की एक भी कॉपी नहीं बची।
Bokaro News: ‘हू कैन डू इट’ ने मचाया तहलका, खरीदने के लिए लगी ऐसी होड़ कि स्टॉल हो गया खाली!
बोकारो में आयोजित शब्द सरिता महोत्सव साहित्य प्रेमियों के लिए किसी उत्सव से कम नहीं है, जहां शब्दों और विचारों का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। इस महोत्सव में नई दिल्ली के प्रतिष्ठित ‘समय प्रकाशन’ के पुस्तक स्टॉल पर पाठकों की भारी भीड़ उमड़ रही है, जो प्रकाशन की गुणवत्ता और प्रासंगिकता का प्रमाण है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।




महोत्सव स्थल पर बुधवार का दिन बेहद खास रहा। शाम लगभग सात बजे तक, समय प्रकाशन का स्टॉल पाठकों, साहित्य प्रेमियों और शहर के गणमान्य व्यक्तियों से खचाखच भरा हुआ था। सभी की नजरें एक खास किताब पर टिकी थीं, जिसका नाम है “हू कैन डू इट”। इस पुस्तक को लेकर लोगों में ऐसा जबरदस्त उत्साह था कि देखते ही देखते इसकी सारी प्रतियां बिक गईं।
Bokaro News: पाठकों के सिर चढ़कर बोला ‘हू कैन डू इट’ का जादू
पुस्तक “हू कैन डू इट” की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शाम ढलने तक स्टॉल पर इसकी एक भी प्रति शेष नहीं रही। यह मंजर प्रकाशकों के लिए भी सुखद आश्चर्य जैसा था। पुस्तक की मांग इतनी अधिक थी कि कई पाठकों को निराश होकर लौटना पड़ा। यह घटना बोकारो में पुस्तक संस्कृति की जीवंतता को दर्शाती है।
स्टॉल पर पहुंचे कई गणमान्य व्यक्तियों और वरिष्ठ साहित्यकारों ने भी प्रकाशन के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि समय प्रकाशन की पुस्तकें न केवल समकालीन विषयों को बेहतरीन ढंग से प्रस्तुत करती हैं, बल्कि उनकी गुणवत्ता भी उत्कृष्ट है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। पाठकों ने विशेष रूप से इस बात की प्रशंसा की कि प्रकाशन हर आयु वर्ग के पाठकों की रुचि का ध्यान रखता है।
युवाओं से लेकर वरिष्ठों तक, सबने की सराहना
यह केवल युवा पाठक ही नहीं थे जो किताबों के प्रति आकर्षित थे, बल्कि वरिष्ठ नागरिकों ने भी स्टॉल पर गहरी रुचि दिखाई। उन्होंने प्रकाशन द्वारा प्रस्तुत विविध विषयों और उच्च स्तरीय सामग्री की प्रशंसा की। यह महोत्सव वास्तव में हर उम्र के पुस्तक प्रेमियों के लिए एक मिलन स्थल बन गया है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। प्रकाशन की सफलता इस बात का संकेत है कि अच्छी और सार्थक सामग्री के लिए पाठक हमेशा तैयार रहते हैं।







