नई दिल्ली न्यूज़। भारतीय अर्थव्यवस्था की रफ्तार एक बार फिर दुनिया को चौंकाने वाली है! एशियाई विकास बैंक (ADB) ने भारत की विकास दर को लेकर एक बड़ा ऐलान किया है, जिसने उम्मीदों को पंख लगा दिए हैं। आखिर किन वजहों से भारत इस गति से आगे बढ़ने को तैयार है और महंगाई के मोर्चे पर क्या राहत मिलने वाली है?
एशियाई विकास बैंक (ADB) ने भारत की आर्थिक वृद्धि दर के अपने अनुमान को बढ़ा दिया है। बैंक ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए भारत की विकास दर 6.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 7.2 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है। इस अनुमान में बढ़ोतरी का मुख्य कारण जीएसटी दरों में हालिया कटौती बताया गया है, जिसने देश में घरेलू खपत को एक नई मजबूती दी है।
एशियाई अर्थव्यवस्था को भी मिला बूस्ट
भारत की यह तेज आर्थिक रफ्तार केवल देश तक ही सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह पूरे एशिया को भी तेजी से बढ़ने में मदद करेगी। एडीबी की रिपोर्ट के अनुसार, इस साल एशियाई अर्थव्यवस्था 4.8 प्रतिशत के पिछले अनुमान के मुकाबले अब 5.1 प्रतिशत की दर से बढ़ सकती है। यह दिखाता है कि भारतीय अर्थव्यवस्था क्षेत्रीय विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
मजबूत रही भारत की आर्थिक रफ्तार
एडीबी की दिसंबर के लिए जारी ‘एशिया विकास परिदृश्य रिपोर्ट’ भारत की मजबूत आर्थिक स्थिति को उजागर करती है। रिपोर्ट बताती है कि साल 2025 के लिए भारत का वृद्धि अनुमान 7.2 प्रतिशत कर दिया गया है, जो दूसरी तिमाही में अपेक्षा से अधिक मजबूत विस्तार का परिणाम है। कर में कटौतियों ने खपत को भी मजबूत किया है। सितंबर में समाप्त हुई दूसरी तिमाही के दौरान भारत की अर्थव्यवस्था ने 8.2 प्रतिशत की शानदार दर से वृद्धि दर्ज की, जो पिछली छह तिमाहियों में सबसे अधिक है। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में यह दर 7.8 प्रतिशत थी। इस तरह, चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में भारत ने प्रभावशाली आठ प्रतिशत की वृद्धि दर हासिल की है।
मनीला स्थित इस बहुपक्षीय विकास बैंक की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में यह मजबूत वृद्धि कई कारकों का परिणाम है:
- आपूर्ति पक्ष में विनिर्माण और सेवा क्षेत्रों का मजबूत विस्तार।
- मांग पक्ष में खपत और निवेश में लगातार वृद्धि।
हालांकि, बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए अपने अनुमान को 6.5 प्रतिशत पर बरकरार रखा है।
महंगाई पर भी मिली बड़ी राहत
आर्थिक वृद्धि के साथ-साथ महंगाई के मोर्चे पर भी राहत मिलने की उम्मीद है। एडीबी ने वित्त वर्ष 2026 के लिए मुद्रास्फीति का अपना अनुमान घटाकर 2.6 फीसदी कर दिया है, जो पहले 3.1 प्रतिशत था।
रिपोर्ट के अनुसार, महंगाई में इस गिरावट के पीछे कई सकारात्मक कारण हैं:
- फसलों का बेहतर उत्पादन।
- अच्छे मानसून का प्रभाव।
- जीएसटी सुधारों ने खाद्य कीमतों को नीचे रखने में मदद की।
रिपोर्ट में विशेष रूप से बताया गया है कि सब्जियों और दालों की कीमत कम होने से पिछले कुछ महीनों में मुद्रास्फीति में तेजी से गिरावट दर्ज की गई है।







