Bihar Sanskrit Week: संस्कृत भाषा के प्रचार-प्रसार और उसके महत्व को जन-जन तक पहुंचाने के लिए कामेश्वरसिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय एक भव्य आयोजन की तैयारी कर रहा है। कुलपति प्रो० लक्ष्मी निवास पाण्डेय की अध्यक्षता में 25 से 31 अगस्त 2026 तक संस्कृत सप्ताह समारोह मनाया जाएगा। यह सात दिवसीय उत्सव विश्वविद्यालय के मुख्य भवन के दरबार हॉल में आयोजित होगा, जिसमें स्नातकोत्तर विभाग, शिक्षाशास्त्र विभाग, म.अ.रमेश्वरलता संस्कृत महाविद्यालय और संस्कृत भारती संयुक्त रूप से शामिल होंगे। इस आयोजन के जरिए बिहार संस्कृत सप्ताह को एक नई पहचान मिलने की उम्मीद है।
उद्घाटन सत्र में डीएम कौशल कुमार होंगे मुख्य अतिथि
समारोह का उद्घाटन सत्र 25 अगस्त मंगलवार को दरबार हॉल में होगा। इस महत्वपूर्ण अवसर पर दरभंगा के जिलाधिकारी कौशल कुमार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। एलएनएमयू के सेवानिवृत प्राध्यापक प्रो.अशोक कुमार बच्चन विशिष्ट अतिथि होंगे, जबकि संस्कृत विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो.शशिनाथ झा सारस्वत अतिथि के तौर पर शामिल होंगे। कुलपति प्रो.लक्ष्मीनिवास पाण्डेय इस सत्र की अध्यक्षता करेंगे। स्नातकोत्तर प्रभारी प्रो.दिलीप कुमार झा और कुलसचिव डॉ.दिनेश झा की विशिष्ट उपस्थिति कार्यक्रम को गरिमा प्रदान करेगी।
पीआरओ डॉ निशिकांत ने जानकारी देते हुए बताया, “25 अगस्त मंगलवार को दरबार हॉल में उद्घाटन सत्र के मुख्यातिथि दरभंगा के जिलाधिकारी कौशल कुमार होंगे।”
शैक्षिक स्पर्धाएं और शास्त्र चर्चा का विशेष आयोजन
संस्कृत सप्ताह के दूसरे दिन 26 अगस्त को शास्त्र चर्चा का आयोजन किया जाएगा। इसमें विश्वविद्यालय के सभी विभागों के प्राध्यापक और शोधछात्र शास्त्रीय विषयों पर गहन चर्चा करेंगे। 27 अगस्त को शैक्षिक स्पर्धाएं होंगी, जिनमें दरभंगा शहर के सरकारी और निजी विद्यालयों की कक्षा 06 से 10 तक के छात्र-छात्राओं को आमंत्रित किया गया है। दो स्तरों पर होने वाली इन स्पर्धाओं में विद्यालय स्तर पर 10 श्लोकों का वाचन और ‘संस्कृतभाषायाः महत्त्वम्’ पर भाषण प्रतियोगिता होगी। उच्च स्तर पर उपशास्त्री, शास्त्री, शिक्षाशास्त्री और आचार्य कक्षाओं के छात्र-छात्राएं ‘संस्कृतक्षेत्रे उद्यमितायाः अवसराः’ विषय पर भाग लेंगे। सफल प्रतिभागियों को पुरस्कार राशि और प्रमाणपत्र भी दिए जाएंगे।
संस्कृत शोभायात्रा से लेकर सांस्कृतिक संध्या तक
समारोह के चौथे दिन, 28 अगस्त को श्रावणी पूर्णिमा और रक्षाबंधन के पावन अवसर पर संस्कृत दिवस मनाया जाएगा। इस मौके पर विश्वविद्यालय परिसर से प्रातः एक भव्य संस्कृत शोभा यात्रा निकाली जाएगी। इसके बाद सुबह साढ़े आठ बजे से परिसर में उपाकर्म का कार्यक्रम होगा। 29 अगस्त को ‘संस्कृतं विज्ञानं च’ विषय पर एक संगोष्ठी आयोजित की गई है। इसमें दरभंगा के न्यायिक दण्डाधिकारी नयन कुमार सिंह मुख्यातिथि और एलएनएमयू के रसायनशास्त्र पीजी विभाग के डॉ.सोऩूराम शंकर मुख्य वक्ता होंगे। छठे दिन, 30 अगस्त को दोपहर 2 बजे से सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे, जिसमें संस्कृत नाटक, गीतम, वाद्य और अभिनय की मनमोहक प्रस्तुतियां दी जाएंगी। भागलपुर के जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश प्रशान्त कुमार झा मुख्यातिथि तथा दरभंगा के जिला कला संस्कृति पदाधिकारी विशिष्टातिथि के रूप में आमंत्रित किए गए हैं।
समारोह का समापन 31 अगस्त को होगा, जिसमें पूर्व कुलपति प्रो.रामचन्द्र झा सारस्वत अतिथि, संस्कृतभारती बिहार-झारखंड के क्षेत्र मन्त्री प्रो.श्री प्रकाश पाण्डेय मुख्यातिथि और वित्त परामर्शी इन्द्र कुमार विशिष्टातिथि होंगे। विशेष कार्य पदाधिकारी (शैक्षणिक) डॉ.रामसेवक झा ने यह भी बताया कि इस तरह के आयोजन 25 से 31 अगस्त तक संस्कृत विश्वविद्यालय से संबद्ध सभी महाविद्यालयों में भी किए जाएंगे।
डॉ.रामसेवक झा ने बताया, “इस तरह का आयोजन 25-31 अगस्त तक संस्कृत विश्वविद्यालय से सम्बन्धित सभी महाविद्यालयों में किये जायेंगे।”
संस्कृत सप्ताह के सफल आयोजन के लिए एक समिति का गठन किया गया है, जिसमें कुलपति प्रो० लक्ष्मीनिवास पाण्डेय संरक्षक हैं। अध्यक्ष छात्र कल्याण प्रो० पुरेन्द्र वारिक को समिति का अध्यक्ष, राष्ट्रीय सेवा योजना के समन्वयक डॉ० सुधीर कुमार को संयोजक और कुलसचिव डॉ० दिनेश झा को निवेदक नामित किया गया है। आयोजन समिति में डॉ० एल् सविता आर्या, डॉ० श्याम सुन्दर ठाकुर, डॉ० रामसेवक झा, डॉ० वरुण कुमार झा और डॉ० प्रमोद कुमार मिश्र जैसे गणमान्य सदस्य शामिल हैं। यह आयोजन संस्कृत भाषा और संस्कृति को बढ़ावा देने में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।







