
Crude Oil Price: भू-राजनीतिक तनावों की आंच अब वैश्विक अर्थव्यवस्था को सीधे झुलसा रही है। ईरान-इजरायल और अमेरिका के बीच गहराते संघर्ष ने होर्मुज स्ट्रेट जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को बंद करने की धमकी दी है, जो दुनिया के तेल व्यापार का एक बड़ा हिस्सा संभालता है। इस गंभीर स्थिति के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं, जिसका सीधा असर पेट्रोल और डीजल के दामों पर पड़ रहा है। यदि यह तनाव ऐसे ही बरकरार रहा तो जल्द ही आम आदमी की जेब पर इसका बड़ा बोझ पड़ना तय है।
भू-राजनीतिक तनाव का बढ़ता असर: आसमान छूने लगी Crude Oil Price, क्या भारत पर भी पड़ेगा बोझ?
वैश्विक स्तर पर Crude Oil Price में भारी उछाल
ईरान में जारी युद्ध जैसी स्थिति के बीच कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखा गया है। ब्रेंट क्रूड की कीमत जो पहले 71 डॉलर प्रति बैरल के आसपास थी, वह अब 100 डॉलर प्रति बैरल से भी ऊपर निकल गई है। यह लगभग 45 प्रतिशत की एक बड़ी बढ़ोतरी है। होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने की धमकी ने तेल की वैश्विक आपूर्ति को बाधित करने की चिंताएं बढ़ा दी हैं, जिसका सीधा प्रभाव अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कीमतों पर पड़ रहा है।
कच्चे तेल की कीमत में इस बढ़ोतरी का असर पेट्रोल-डीजल की खुदरा कीमतों पर भी साफ दिख रहा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। ग्लोबल पेट्रोल प्राइस डॉट कॉम के आंकड़ों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पेट्रोल की औसत कीमत 1.20 डॉलर प्रति लीटर से बढ़कर 1.27 डॉलर प्रति लीटर तक पहुंच गई है। वहीं, डीजल की औसत कीमत भी 1.20 डॉलर प्रति लीटर से छलांग लगाते हुए 1.33 डॉलर प्रति लीटर तक जा पहुंची है। युद्ध की स्थिति और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच कम से कम 85 देशों में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़े हैं।
- कंबोडिया में सबसे ज्यादा लगभग 68-72 प्रतिशत तक की तेजी आई है। वहीं, यहां डीजल के दाम 70 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं। मार्च की शुरुआत में 3850 रिएल में बिकने वाला डीजल अब 6550 रिएल में बिक रहा है।
- वियतनाम में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लगभग 50 प्रतिशत तक का उछाल आया है।
- लाओस और नाइजीरिया में भी स्थिति कुछ ऐसी ही है। यहां पेट्रोल की कीमत में क्रमशः 33 प्रतिशत और 35 प्रतिशत का उछाल आया है। वहीं, लाओस में डीजल की कीमत ने 74 प्रतिशत और नाइजीरिया में 62.5 प्रतिशत की छलांग लगाई है।
- पड़ोसी देश पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमतें 24.49 प्रतिशत तक बढ़ी हैं। पाकिस्तान में इस वक्त एक लीटर पेट्रोल की कीमत 321.17 PKR है। पाकिस्तान में इस दौरान डीजल की कीमतें भी तेजी से बढ़ी हैं। यहां डीजल की कीमत अभी 328.50 PKR प्रति लीटर के उच्च स्तर पर है।
भारत पर मौजूदा स्थिति का क्या असर?
भारत में अभी तक पेट्रोल-डीजल की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं, जो एक राहत की बात है। सरकार का कहना है कि भारत के पास पर्याप्त मात्रा में तेल के रणनीतिक भंडार मौजूद हैं और अंतरराष्ट्रीय वैश्विक आपूर्ति में किसी भी संभावित व्यवधान से निपटने के लिए वैकल्पिक मार्गों पर भी काम किया जा रहा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यहां तक कि जब अंतरराष्ट्रीय बाजारों में ब्रेंट क्रूड की कीमत 130 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई थी, तब भी भारत में कीमतें स्थिर थीं। पेट्रोलियम मंत्रालय ने भी स्पष्ट कर दिया है कि फिलहाल दाम बढ़ाने की उनकी कोई योजना नहीं है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं, तो भारत पर भी अप्रत्यक्ष रूप से इसका दबाव पड़ सकता है।
रियल-टाइम बिजनेस – टेक्नोलॉजी खबरों के लिए यहां क्लिक करें

