back to top
⮜ शहर चुनें
फ़रवरी, 27, 2026
spot_img

भारतीय अर्थव्यवस्था में बूम: 7.8% GDP Growth के साथ दिसंबर तिमाही में रिकॉर्ड प्रदर्शन

spot_img
- Advertisement - Advertisement

GDP Growth: भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर एक उत्साहजनक खबर सामने आई है। त्योहारी सीजन में बढ़ी घरेलू मांग और विभिन्न क्षेत्रों में जीएसटी दरों में कटौती के सकारात्मक प्रभाव के चलते दिसंबर तिमाही में देश की सकल घरेलू उत्पाद (GDP) वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत दर्ज की गई है। यह आंकड़ा विश्लेषकों द्वारा पहले लगाए गए 7.4 प्रतिशत के अनुमान से भी कहीं बेहतर है। इस अवधि में आर्थिक आंकड़ों में संशोधन के साथ उत्पादन गतिविधियों में भी उल्लेखनीय मजबूती देखने को मिली है, जिसने देश की अर्थव्यवस्था को और अधिक सशक्त बनाया है। आइए इस महत्वपूर्ण विकास दर के पीछे के कारणों और इसके व्यापक प्रभाव को विस्तार से समझते हैं।

- Advertisement -

भारतीय अर्थव्यवस्था में बूम: 7.8% GDP Growth के साथ दिसंबर तिमाही में रिकॉर्ड प्रदर्शन

GDP Growth: दिसंबर तिमाही के प्रमुख आंकड़े और उनका विश्लेषण

नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, पिछले वर्ष की इसी तिमाही में जीडीपी वृद्धि 6.2 प्रतिशत रही थी, जबकि इससे पिछली तिमाही (सितंबर) में यह 8.2 प्रतिशत दर्ज की गई थी। इस तरह, पिछली तिमाही की तुलना में थोड़ी नरमी जरूर दिखी है, लेकिन सालाना आधार पर विकास दर में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है। इन बेहतर आर्थिक आंकड़ों ने वैश्विक निवेशकों का भारत में विश्वास और बढ़ाया है।

- Advertisement -

एक खास बात यह भी है कि सरकार ने अब राष्ट्रीय आय के आकलन के लिए आधार वर्ष बदल दिया है। पहले 2011-12 को आधार वर्ष माना जाता था, लेकिन अब 2022-23 को नया आधार वर्ष मानते हुए जीडीपी के ये अद्यतन आंकड़े जारी किए गए हैं। सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने संशोधित आधार वर्ष के आधार पर नई डेटा प्रस्तुत की है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

- Advertisement -
यह भी पढ़ें:  ओला इलेक्ट्रिक के शेयरों में भारी गिरावट: क्या शेयर बाजार में निवेशकों का भरोसा डिगा?

देश की राजकोषीय स्थिति पर गौर करें तो, जनवरी 2026 तक देश का फिस्कल डेफिसिट (राजकोषीय घाटा) 9.81 लाख करोड़ रुपये दर्ज किया गया है। वहीं, वित्त वर्ष 2026 के पहले नौ महीनों (9M FY26) में सरकार का कुल खर्च 36.9 लाख करोड़ रुपये रहा है। जबकि इसी अवधि में कुल सरकारी प्राप्तियाँ 27.1 लाख करोड़ रुपये तक पहुँचीं हैं।

राष्ट्रीय आय के वार्षिक और तिमाही आंकड़े नई राष्ट्रीय आय श्रृंखला के आधार पर जारी किए गए हैं, जिसमें सरकार ने 2011-12 की पुरानी श्रृंखला के स्थान पर 2022-23 को नया आधार वर्ष चुना है। आधार वर्ष वह अवधि है जिसके वस्तुओं की कीमतें और उत्पादन स्तर को आधार मानकर भविष्य की आर्थिक वृद्धि का आकलन और तुलना की जाती है।

यह नया आधार वर्ष आर्थिक प्रवृत्तियों को समझने और नीतियों को बेहतर ढंग से तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। सरकार का यह कदम देश की आर्थिक पारदर्शिता और सटीक मूल्यांकन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। रियल-टाइम बिजनेस – टेक्नोलॉजी खबरों के लिए यहां क्लिक करें

आर्थिक विकास की राह में नए आधार वर्ष का महत्व

इस तरह, भारत ने एक बार फिर अपनी आर्थिक दृढ़ता का प्रदर्शन किया है। त्योहारी मांग, जीएसटी दरों में सुधार और उत्पादन गतिविधियों में निरंतर वृद्धि जैसे कारकों ने मिलकर देश को इस बेहतर जीडीपी वृद्धि दर तक पहुँचाया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह गति आगे भी बनी रह सकती है, जो भारत को वैश्विक आर्थिक पटल पर एक मजबूत स्थिति प्रदान करेगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

MS Dhoni को झारखंड आवास बोर्ड का नोटिस: क्या है ‘कैप्टन कूल’ के घर पर पैथ लैब का पूरा मामला?

MS Dhoni: भारतीय क्रिकेट के सबसे सफल कप्तान और करोड़ों दिलों की धड़कन महेंद्र...

विजय देवरकोंडा रश्मिका मंदाना वेडिंग: उदयपुर में रचाई शादी, सोशल मीडिया पर तोड़े रिकॉर्ड!

Vijay Deverakonda Rashmika Mandanna Wedding: साउथ के पावर कपल विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना...

VMMC और सफदरजंग अस्पताल में Project Nurse Recruitment: पाएं शानदार अवसर और 25,000 रुपये तक वेतन

Project Nurse Recruitment: दिल्ली के वर्धमान महावीर मेडिकल कॉलेज और सफदरजंग अस्पताल में प्रोजेक्ट...

आमलकी एकादशी 2026: आंवला वृक्ष और भगवान विष्णु की पूजा से पाएं मोक्ष और समृद्धि

Amalaki Ekadashi 2026: फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष में पड़ने वाली आमलकी एकादशी का...
error: कॉपी नहीं, शेयर करें