back to top
⮜ शहर चुनें
मार्च, 11, 2026
spot_img

कच्चा तेल: भारत ने रूस से फिर खरीदी कच्ची तेल, अमेरिकी सराहना ने दी वैश्विक बाजार को नई दिशा

spot_img
- Advertisement -

Crude Oil: पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने वैश्विक ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता पैदा कर दी है, जिसका सीधा असर भारत जैसे बड़े तेल आयातक देशों पर पड़ रहा है। ऐसे में भारत ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है, जिसकी अमेरिका ने भी सराहना की है।

- Advertisement -

# Crude Oil: भारत ने रूस से फिर खरीदी कच्ची तेल, अमेरिकी सराहना ने दी वैश्विक बाजार को नई दिशा

- Advertisement -

## Crude Oil बाजार में भारत का रणनीतिक कदम

- Advertisement -

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के मद्देनजर, भारत ने अपनी ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित रखने के लिए रूस से फिर से कच्चा तेल खरीदने का निर्णय लिया है। भारत के इस फैसले को संयुक्त राज्य अमेरिका ने सकारात्मक रूप से लेते हुए उसे “ग्रेट पार्टनर” बताया है। अमेरिका का मानना है कि संकट के इस दौर में भारत द्वारा उठाया गया यह कदम वैश्विक कच्चा तेल बाजार में स्थिरता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

अमेरिका में भारत के राजदूत सर्जियो गोर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि भारत अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में एक प्रमुख खरीदार और उपभोक्ता है। ऐसी स्थिति में, बाजार में संतुलन बनाए रखने के लिए अमेरिका और भारत के बीच सहयोग अत्यंत आवश्यक है। यह साझेदारी केवल दो देशों के बीच नहीं, बल्कि वृहद वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

## ऊर्जा सुरक्षा और भू-राजनीतिक समीकरण

मध्य पूर्व की मौजूदा स्थिति और उससे उत्पन्न ऊर्जा संबंधी चिंताओं को देखते हुए, अमेरिका ने भारत को रूस से सीमित मात्रा में कच्चा तेल खरीदने की अस्थायी छूट प्रदान की है। वाशिंगटन ने स्पष्ट किया है कि इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य संकट के समय में वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को सुचारु बनाए रखना है। व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलीन लीविट ने बताया कि ईरान से जुड़े तनाव के कारण मध्य पूर्व में ऊर्जा आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता बढ़ी है। ऐसे में, यह एक अस्थायी कदम है ताकि वैश्विक ऊर्जा बाजार में स्थिरता बनी रहे।

यह भी पढ़ें:  मध्य-पूर्व संकट का भारत में LPG Supply पर गहरा असर: मुंबई के होटल संकट में

इससे पहले, रूस से कच्चा तेल खरीदने के कारण अमेरिका ने भारत पर 25 प्रतिशत तक का टैरिफ लगाया था। हालांकि, बाद में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक घोषणा के माध्यम से इस अतिरिक्त टैरिफ को हटाने का निर्णय लिया। अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि भारत ने पूर्व में रूस से तेल खरीद में कमी की थी और उसका रुख हमेशा सहयोगात्मक रहा है। मौजूदा ईरान संबंधी संकट के कारण ऊर्जा आपूर्ति में जो कमी आ रही है, उसे पूरा करने के लिए भारत को अस्थायी रूप से रूसी तेल खरीदने की अनुमति दी गई है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह दर्शाता है कि भू-राजनीतिक परिस्थितियां और ऊर्जा सुरक्षा की आवश्यकताएं किस प्रकार अंतरराष्ट्रीय संबंधों को प्रभावित करती हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

यह भी पढ़ें:  शेयर बाजार में बड़ी गिरावट: क्यों सहमा भारतीय बाजार और आगे क्या?

रियल-टाइम बिजनेस – टेक्नोलॉजी खबरों के लिए यहां क्लिक करें

भारत का यह कदम उसकी विदेश नीति में ऊर्जा सुरक्षा को दी जाने वाली प्राथमिकता को उजागर करता है, साथ ही यह भी दिखाता है कि वैश्विक शक्तियां किस प्रकार रणनीतिक साझेदारियों के माध्यम से अस्थिरता के दौर में संतुलन बनाए रखने का प्रयास करती हैं।

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

PhonePe का ‘RuPay On-The-Go’: बिना इंटरनेट के भी अब होगा Digital Payments

Digital Payments: भारत के फिनटेक परिदृश्य में एक क्रांतिकारी बदलाव लाते हुए, PhonePe ने...

IPL 2026 Schedule: शुरुआती 20 मैचों का ऐलान, जानें कब भिड़ेंगे आपके पसंदीदा धुरंधर!

IPL 2026 Schedule: क्रिकेट प्रेमियों के लिए आ गई है सबसे बड़ी खुशखबरी! जिसका...

शेयर बाजार में बड़ी गिरावट: क्यों सहमा भारतीय बाजार और आगे क्या?

Stock Market: पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने भारतीय शेयर बाजार को बुरी...

Monalisa Viral Girl: महाकुंभ की माला वाली मोनालिसा ने रचाई शादी, लाल जोड़े में वायरल हुई तस्वीरें!

Monalisa Viral Girl: प्रयागराज महाकुंभ मेले से रातों-रात इंटरनेट सेंसेशन बनीं माला बेचने वाली...
error: कॉपी नहीं, शेयर करें