
India US Trade Deal: भारतीय वाणिज्य मंत्रालय ने उन खबरों को सिरे से खारिज कर दिया है, जिनमें दावा किया जा रहा था कि अमेरिका के साथ भारत के बहुप्रतीक्षित द्विपक्षीय व्यापार समझौते को रोक दिया गया है या उसमें देरी हो रही है। इस पर सरकार का रुख स्पष्ट है: बातचीत जारी है और दोनों पक्ष लगातार सक्रिय हैं। यह केवल एक व्यापारिक समझौता नहीं, बल्कि दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को नई दिशा देने वाला महत्वपूर्ण कदम है।
# India US Trade Deal: क्या रुक गई है भारत-अमेरिका व्यापार डील? सरकार ने दिया स्पष्टीकरण
## इंडिया यूएस ट्रेड डील पर अफवाहों का बाजार गर्म
वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान में कहा है कि मीडिया में चल रही कुछ रिपोर्टें निराधार हैं और समझौते को लेकर वार्ता सामान्य रूप से आगे बढ़ रही है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि दोनों देशों के बीच इस समझौते को लेकर बातचीत जारी है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। सरकार की यह सफाई ऐसे समय आई है जब समाचार एजेंसी रॉयटर्स की एक रिपोर्ट में कहा गया था कि भारत टैरिफ नीति को लेकर अगले कुछ महीनों तक ‘वेट एंड वॉच’ की रणनीति अपना सकता है और अमेरिका के साथ व्यापार समझौते को टाल सकता है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया था कि फरवरी में संयुक्त राज्य अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट द्वारा अमेरिकी टैरिफ को खत्म करने के फैसले के बाद इस समझौते की रफ्तार धीमी पड़ गई थी। इसके बाद से दोनों देशों के बीच इस मुद्दे पर कोई बड़ी प्रगति नहीं हुई, क्योंकि वॉशिंगटन का ध्यान फिलहाल ईरान से जुड़े तनाव पर केंद्रित है।
रॉयटर्स ने चार सरकारी अधिकारियों के हवाले से बताया था कि यह व्यापार डील अगले कई महीनों तक टल सकती है। हालांकि, वाणिज्य मंत्रालय ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि दोनों पक्ष लगातार बातचीत कर रहे हैं और समझौते की दिशा में प्रक्रिया जारी है। यह द्विपक्षीय समझौता दोनों देशों के लिए व्यापारिक बाधाओं को कम करने और आर्थिक सहयोग बढ़ाने का मार्ग प्रशस्त करेगा। रियल-टाइम बिजनेस – टेक्नोलॉजी खबरों के लिए यहां क्लिक करें
## व्यापारिक संबंधों में अमेरिकी जांच का असर
यह स्थिति ऐसे समय सामने आई है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत और चीन सहित करीब 60 देशों के खिलाफ कथित “अनफेयर ट्रेड प्रैक्टिस” की जांच फिर से शुरू कर दी है। इस जांच का फोकस आयात में कथित फोर्स्ड लेबर के इस्तेमाल पर रहेगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इसके साथ ही अमेरिका ने 16 प्रमुख व्यापारिक साझेदार देशों के खिलाफ अतिरिक्त औद्योगिक क्षमता (Excess Industrial Capacity) से जुड़े मामलों की भी जांच शुरू कर दी है। इन जांचों का मकसद अमेरिकी उद्योगों को संरक्षण देना है, लेकिन यह वैश्विक व्यापार संबंधों में तनाव भी बढ़ा सकता है। भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक संबंधों की गति इन्हीं वैश्विक और घरेलू घटनाक्रमों से निर्धारित होगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।




