Bihar Artists: संस्कृति मंत्रालय के सांस्कृतिक स्त्रोत एवं प्रशिक्षण केंद्र (CCRT) ने बिहार के कलाकारों के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। राज्य के 14 प्रतिभाशाली कलाकारों को जूनियर और सीनियर फेलोशिप प्रदान की जाएगी, जिससे उन्हें कला के विभिन्न क्षेत्रों में गहन शोध और अध्ययन का अवसर मिलेगा।
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हर महीने मिलेंगे 20 हजार रुपये, दो साल तक शोध का मौका
यह फेलोशिप कलाकारों को अपनी कला को निखारने और उसमें गहराई से अध्ययन करने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करेगी। चयनित कलाकारों को प्रतिमाह 10,000 रुपये से लेकर 20,000 रुपये तक की राशि मिलेगी। संस्कृति मंत्रालय के तहत कार्य करने वाला सांस्कृतिक स्त्रोत एवं प्रशिक्षण केंद्र (CCRT) प्रतिवर्ष कला के क्षेत्र में गहन अध्ययन को बढ़ावा देने के लिए ऐसी फेलोशिप प्रदान करता है। इस पहल का उद्देश्य कला और संस्कृति के संरक्षण, संवर्धन और विकास में योगदान देना है।
कला और संस्कृति को मिलेगा नया आयाम
इस फेलोशिप के माध्यम से बिहार के कलाकार अपनी रचनात्मकता को और अधिक विकसित कर सकेंगे। दो साल की अवधि के लिए मिलने वाली यह सहायता उन्हें बिना किसी आर्थिक चिंता के अपने शोध कार्य पर ध्यान केंद्रित करने में मदद करेगी। इससे राज्य की समृद्ध कला और संस्कृति को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी। यह निर्णय राज्य के कला समुदाय के लिए एक बड़ी राहत है, जो अक्सर वित्तीय बाधाओं के कारण अपनी प्रतिभा को पूरी तरह से प्रदर्शित नहीं कर पाते हैं। केंद्र सरकार की यह पहल स्थानीय कला रूपों को पुनर्जीवित करने में भी सहायक होगी।
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इस फेलोशिप की घोषणा से कलाकारों में उत्साह का माहौल है। उम्मीद है कि यह पहल बिहार के कला परिदृश्य को और अधिक जीवंत बनाएगी और युवा कलाकारों को भी इस क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी। आने वाले समय में इन कलाकारों के शोध कार्य के परिणाम सामने आएंगे, जिससे कला जगत को नई दिशा मिल सकती है।
2025-26 के लिए सीनियर फेलोशिप में रंगमंच के लिए पटना से शारदा सिंह, कुणाल कुमार सिन्हा, मैथिली साहित्य के लिए दरभंगा से डॉ. अरविंद कुमार झा, लोक रंगमंच के लिए वैशाली से विजेंद्र कुमार हैं।
वहीं ,जूनियर फेलोशिप के लिए पटना से लोक संगीत के लिए मदन माेहन कुमार, मैथिली साहित्य के लिए केशव कुमार झा, रंगमंच के लिए मृत्युंजय शर्मा, कथक के लिए दरभंगा से अनुराग कुमार, लोक कला के लिए समस्तीपुर से विनीत कुमार, मधुबनी से भावना झा, रंगमंच के लिए बेगूसराय से सिकंदर कुमार, सहरसा से राजीव रंजन झा, बेगूसराय से सचिन कुमार एवं पेंटिंग के लिए भागलपुर से निशांत कुमार हैं।








