हैदराबाद न्यूज़: तेलंगाना की धरती पर उद्योग जगत के दिग्गजों का जमावड़ा, और मंच पर थे अडानी पोर्ट्स एंड एसईजेड लिमिटेड के सीईओ करण अडानी. उन्होंने न सिर्फ राज्य में अपनी कंपनी की बढ़ती परियोजनाओं का ब्योरा दिया, बल्कि मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की कार्यशैली की खुलकर तारीफ भी की. आखिर क्या वो खास बात है, जिसने अडानी ग्रुप को तेलंगाना में बड़े निवेश के लिए इतना आश्वस्त किया है?
तेलंगाना राइजिंग ग्लोबल समिट 2025 का मंच, जहां देश-विदेश से आए उद्योगपतियों और निवेशकों का जमावड़ा था. इसी प्रतिष्ठित कार्यक्रम में अडानी पोर्ट्स एंड एसईजेड लिमिटेड के सीईओ करण अडानी ने तेलंगाना में अडानी समूह की विस्तार योजनाओं और राज्य सरकार की नीतियों के सकारात्मक प्रभाव पर विस्तार से प्रकाश डाला. हैदराबाद में आयोजित इस महत्वपूर्ण सम्मेलन में मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी सहित कई प्रमुख उद्योग जगत के नेताओं की उपस्थिति दर्ज की गई.
अपने संबोधन की शुरुआत में, करण अडानी ने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की कार्यशैली की जमकर प्रशंसा की. उन्होंने कहा कि तेलंगाना उन अग्रणी राज्यों में से एक है, जहाँ प्रशासनिक निर्णय बेहद तेज़ी और पूर्ण पारदर्शिता के साथ लिए जाते हैं. अडानी के मुताबिक, मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के नेतृत्व में राज्य एक स्पष्ट दृष्टि और सुदृढ़ उद्देश्य के साथ आगे बढ़ रहा है, जो भारतीय राजनीति में अक्सर देखने को नहीं मिलता. उन्होंने यह भी कहा कि यही कारण है कि उद्योग जगत तेलंगाना में दीर्घकालिक निवेश के लिए पूरी तरह से आश्वस्त महसूस करता है.
मुख्यमंत्री रेड्डी की ‘दृष्टि’ और ‘पारदर्शिता’
करण अडानी ने तेलंगाना सरकार द्वारा विकसित किए गए उद्योग-अनुकूल शासन मॉडल की सराहना की. उन्होंने बताया कि राज्य ने तेज़ क्लियरेंस सिस्टम, स्पष्ट नियामक ढाँचे और दीर्घकालिक आर्थिक योजनाओं पर ज़ोर देकर ऐसा व्यावसायिक वातावरण तैयार किया है, जो बड़े उद्योगों के लिए अत्यधिक अनुकूल है. उन्होंने कहा कि बड़े पैमाने पर निवेश करने वाले उद्योगों के लिए पारदर्शिता, त्वरित निर्णय-प्रक्रिया और लंबी अवधि की आर्थिक योजनाएं तीन प्रमुख स्तंभों का काम करती हैं. राज्य की स्थिरता और स्पष्ट नीतिगत ढांचा व्यवसायों को अपने लक्ष्यों को बड़े पैमाने पर हासिल करने का अवसर प्रदान करता है.
कारोबार सुगमता का नया मॉडल
अडानी ने अपने संबोधन में हैदराबाद में स्थापित अडानी समूह के रक्षा और एयरोस्पेस केंद्र को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया. यह केंद्र भारत का पहला लॉन्ग-एंड्योरेंस UAV (मानव रहित हवाई वाहन) निर्माण केंद्र है. यहां भारतीय सशस्त्र बलों के लिए अत्याधुनिक ड्रोन विकसित और निर्मित किए जाते हैं, साथ ही अंतरराष्ट्रीय ग्राहकों को भी इनकी आपूर्ति की जाती है. उन्होंने बताया कि यह अत्याधुनिक सुविधा ‘आत्मनिर्भर भारत’ मिशन के तहत स्थापित की गई है, जहाँ 1,500 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोज़गार मिला हुआ है. इसके अलावा, आपूर्ति श्रृंखला में भी बड़ी संख्या में अप्रत्यक्ष रोज़गार के अवसर पैदा हुए हैं. यह केंद्र भारत की रक्षा-निर्माण क्षमताओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है.
रक्षा क्षेत्र में भारत की बढ़ती आत्मनिर्भरता
डिजिटल अवसंरचना के क्षेत्र में, करण अडानी ने तेलंगाना में समूह द्वारा विकसित किए जा रहे 2,500 करोड़ रुपये के ग्रीन डेटा सेंटर को एक महत्वाकांक्षी परियोजना बताया. यह 48 मेगावाट क्षमता वाला एक हाई-परफॉर्मेंस डेटा सेंटर होगा, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्लाउड सेवाओं और बड़े डिजिटल वर्कलोड के लिए अत्याधुनिक ढांचा प्रदान करेगा. यह केंद्र देश की डिजिटल सुरक्षा, डेटा क्षमता और तकनीकी तैयारियों को मजबूत करने में सहायक होगा.
समूह ने तेलंगाना के सड़क और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को मजबूत करने पर भी खासा ध्यान दिया है. पिछले कुछ वर्षों में, मंचेरियाल, सूर्यापेट, कोडाड़ और खम्मम जैसे विभिन्न जिलों में लगभग 4,000 करोड़ रुपये के निवेश से 100 किलोमीटर से अधिक का सड़क नेटवर्क बनाया गया है. इन आधुनिक सड़क गलियारों से वस्तुओं की आवाजाही में तेज़ी आई है, जिससे परिवहन लागत में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है. इसका सीधा लाभ राज्य के व्यापार और उद्योगों को मिल रहा है.
डिजिटल क्रांति और मजबूत होती सड़कें
तेलंगाना में बढ़ती निर्माण गतिविधियों को देखते हुए, अडानी सीमेंट ने भी राज्य में अपनी उत्पादन क्षमता में विस्तार किया है. गणेशपहाड़, तांदूर और देवापुर में नई इकाइयां स्थापित की गई हैं, जिनकी कुल उत्पादन क्षमता 7 एमटीपीए (मिलियन टन प्रति वर्ष) है. इन संयंत्रों में लगभग 2,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया गया है, जो राज्य के अवसंरचनात्मक विकास की आवश्यकताओं को लगातार पूरा कर रहे हैं.
कुल मिलाकर, पिछले तीन वर्षों में अडानी समूह ने तेलंगाना में लगभग 10,000 करोड़ रुपये का विशाल निवेश किया है, जिससे 7,000 से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोज़गार के अवसर सृजित हुए हैं. ये निवेश रक्षा, डिजिटल अवसंरचना, लॉजिस्टिक्स, सड़क विकास और सीमेंट निर्माण जैसे विविध क्षेत्रों में फैले हुए हैं. अपने भाषण के समापन पर, करण अडानी ने राज्य सरकार को उनके निरंतर सहयोग के लिए धन्यवाद दिया. उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि अडानी समूह तेलंगाना में और अधिक परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह से तैयार है, हालाँकि उन्होंने किसी नई बड़ी परियोजना की घोषणा नहीं की, बल्कि मौजूदा परियोजनाओं के विस्तार पर ही उनका मुख्य ज़ोर रहा.







