
IPO: मणिपाल हॉस्पिटल्स, भारत के सबसे बड़े अस्पताल नेटवर्कों में से एक, अपने बहुप्रतीक्षित इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) के साथ शेयर बाजार में धमाकेदार एंट्री के लिए तैयार है। यह कदम न केवल कंपनी के विस्तार योजनाओं को गति देगा, बल्कि भारतीय स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र के लिए एक मील का पत्थर भी साबित होगा। कंपनी इस सप्ताह अपना ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) दाखिल करने की तैयारी में है, जिसका लक्ष्य 10,500 से 11,000 करोड़ रुपये जुटाना है। यदि यह आईपीओ सफल होता है, तो यह देश के हॉस्पिटल सेक्टर का अब तक का सबसे बड़ा सार्वजनिक ऑफरिंग बन जाएगा।
निवेशकों की नज़र में: मणिपाल हॉस्पिटल्स का ऐतिहासिक IPO
मणिपाल हॉस्पिटल्स: IPO का ढाँचा और रणनीति
आईपीओ के माध्यम से जुटाए जाने वाले फंड में नए शेयरों की बिक्री और लगभग 2,000 करोड़ रुपये का ऑफर-फॉर-सेल (OFS) शामिल होगा। ओएफएस के तहत टेमासेक जैसे मौजूदा निवेशक अपनी हिस्सेदारी बेच सकते हैं। कंपनी 1.2 लाख करोड़ रुपये (लगभग 13 बिलियन डॉलर) के मूल्यांकन का लक्ष्य लेकर चल रही है, जो इसे भारत की सबसे मूल्यवान हेल्थकेयर कंपनियों में से एक बना देगा। इस बड़े आईपीओ के लिए कोटक महिंद्रा कैपिटल मुख्य बैंकर के तौर पर काम कर रहा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
कंपनी का प्राथमिक उद्देश्य आईपीओ से मिलने वाली राशि का उपयोग कर्ज कम करने और भविष्य में अन्य अस्पतालों के अधिग्रहण के लिए करना है। मणिपाल हॉस्पिटल्स ने हाल ही में अपोलो हॉस्पिटल्स को पीछे छोड़ते हुए, बेडिंग क्षमता के मामले में देश की सबसे बड़ी हॉस्पिटल चेन का खिताब हासिल किया है। वर्तमान में इसके नेटवर्क में लगभग 50 अस्पताल और 13,000 बिस्तर शामिल हैं। यह विस्तार देश में बढ़ती स्वास्थ्य सेवा मांगों और एक मजबूत हॉस्पिटल सेक्टर को दर्शाता है।
हाल ही में, मणिपाल हॉस्पिटल्स ने सह्याद्री हॉस्पिटल्स में लगभग 6,000-6,400 करोड़ रुपये में 100 प्रतिशत हिस्सेदारी का अधिग्रहण किया था, जिसने इसकी बाजार स्थिति को और मजबूत किया। तीन साल पहले, टेमासेक होल्डिंग्स ने मणिपाल हेल्थ एंटरप्राइजेज में 2 अरब डॉलर से अधिक का निवेश किया था, जो उस समय भारत के हेल्थकेयर सेक्टर की सबसे बड़ी डील मानी गई थी। इस निवेश के बाद कंपनी का मूल्यांकन बढ़कर लगभग 5 अरब डॉलर हो गया था। रियल-टाइम बिजनेस – टेक्नोलॉजी खबरों के लिए यहां क्लिक करें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
वित्तीय प्रदर्शन और भविष्य की संभावनाएं
मणिपाल हॉस्पिटल्स के इस बड़े पब्लिक ऑफरिंग को लेकर निवेशकों के बीच जबरदस्त उत्साह है। कंपनी का वित्तीय प्रदर्शन भी आशाजनक रहा है। कारोबारी साल 2025 में कंपनी का राजस्व बढ़कर 8,242 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जबकि इससे एक साल पहले यह 6,172 करोड़ रुपये था। इसी अवधि के दौरान, कंपनी का EBITDA (ब्याज, कर, मूल्यह्रास और परिशोधन से पहले की कमाई) 2,127 करोड़ रुपये रहा, जिसमें EBITDA मार्जिन लगभग 25.8 प्रतिशत दर्ज किया गया। मार्च 2025 तक कंपनी पर फिलहाल लगभग 5,200 करोड़ रुपये का कर्ज था, और आईपीओ से प्राप्त धन का एक बड़ा हिस्सा इसी कर्ज को चुकाने में इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे कंपनी की बैलेंस शीट मजबूत होगी और भविष्य के विस्तार के लिए रास्ता खुलेगा। यह आईपीओ न केवल मणिपाल के लिए बल्कि पूरे भारतीय हॉस्पिटल सेक्टर के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह निजी इक्विटी निवेशकों के लिए बाहर निकलने का अवसर भी प्रदान करेगा और नई पूंजी आकर्षित करेगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

