
Stock Market: सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी इन्फोसिस में आई ज़ोरदार तेजी ने भारतीय शेयर बाजार में बीते दो दिनों की मायूसी को खत्म कर दिया। शुक्रवार को प्रमुख सूचकांकों ने हल्की बढ़त के साथ कारोबार का समापन किया, जिससे निवेशकों में नई उम्मीद जगी। इस वापसी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि बाजार की चाल तय करने में बड़ी कंपनियों के प्रदर्शन का कितना अहम योगदान होता है।
Stock Market: इन्फोसिस की उड़ान से शेयर बाजार में लौटी रौनक
भारतीय Stock Market में निवेशकों का उत्साह लौटा: इन्फोसिस ने दी बड़ी बढ़त
शुक्रवार को घरेलू शेयर बाजारों में इन्फोसिस के शानदार प्रदर्शन ने जान फूंक दी। दो लगातार कारोबारी सत्रों की गिरावट के बाद, बीएसई सेंसेक्स 187.64 अंक यानी 0.23 प्रतिशत की बढ़त के साथ 83,570.35 अंक पर बंद हुआ। यह बढ़त सुबह के सत्र में और भी प्रभावशाली थी, जब सेंसेक्स 752 अंक उछलकर 84,134.97 अंक तक पहुंच गया था। इसी तरह, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का 50 शेयरों वाला मानक सूचकांक Nifty भी 28.75 अंक यानी 0.11 प्रतिशत की तेजी के साथ 25,694.35 अंक पर समाप्त हुआ। यह रिकवरी आईटी कंपनियों के बेहतर नतीजों और घरेलू संस्थागत निवेशकों की सक्रियता के कारण संभव हुई। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
इन्फोसिस इस तेजी का सबसे बड़ा उत्प्रेरक रही, जिसके शेयरों में 5.67 प्रतिशत की प्रभावशाली उछाल दर्ज की गई। दिसंबर तिमाही में कंपनी का परिचालन राजस्व 8.9 प्रतिशत बढ़कर 45,479 करोड़ रुपये रहा। इसके साथ ही, इन्फोसिस ने मौजूदा वित्त वर्ष के लिए अपने राजस्व वृद्धि अनुमान को बढ़ाकर 3–3.5 प्रतिशत कर दिया है, जिसने निवेशकों के विश्वास को और मजबूत किया। कंपनी के बेहतर नतीजों ने पूरे आईटी सेक्टर में सकारात्मक माहौल बनाया, जिसका असर अन्य कंपनियों के शेयरों पर भी दिखा।
प्रमुख शेयरों का प्रदर्शन और बाजार पर प्रभाव
सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में इन्फोसिस के अलावा टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक, भारतीय स्टेट बैंक, अल्ट्राटेक सीमेंट और एचडीएफसी बैंक के शेयरों में भी मजबूती दर्ज की गई। इन कंपनियों ने बाजार को ऊपर उठाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
वहीं, कुछ शेयरों में गिरावट भी देखी गई, जिससे बाजार की समग्र तेजी थोड़ी सीमित रही:
- इटर्नल
- एशियन पेंट्स
- भारत इलेक्ट्रॉनिक्स
- सन फार्मा
- मारुति
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, आईटी और मझोले बैंकिंग शेयरों के बेहतर तिमाही नतीजों ने बाजार को सकारात्मक रुझान दिया। हालांकि, कारोबारी सत्र के अंतिम घंटे में मुनाफावसूली ने तेजी को कुछ हद तक रोक दिया। विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बुधवार को 4,781.24 करोड़ रुपये मूल्य के शेयरों की बिकवाली की, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 5,217.28 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे, जो बाजार को स्थिरता प्रदान करने में सहायक रहा। रियल-टाइम बिजनेस – टेक्नोलॉजी खबरों के लिए यहां क्लिक करें। गौरतलब है कि महाराष्ट्र में नगर निकाय चुनाव के मतदान के चलते बृहस्पतिवार को शेयर बाजार बंद रहा था। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
वैश्विक बाजारों की स्थिति और कच्चे तेल का असर
एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी सूचकांक बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि जापान का निक्की, चीन का शंघाई कंपोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग नुकसान में रहे। यूरोपीय बाजार भी गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे, हालांकि अमेरिकी बाजार गुरुवार को बढ़त के साथ बंद हुए थे। वैश्विक बाजारों की मिली-जुली प्रतिक्रिया के बीच भारतीय बाजार ने मजबूती दिखाई।
अंतर्राष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड 1.05 प्रतिशत चढ़कर 64.43 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है, जिसका असर आने वाले दिनों में बाजार की चाल पर देखने को मिल सकता है। कच्चे तेल की कीमतें अक्सर मुद्रास्फीति और कंपनियों की लागत को प्रभावित करती हैं, जो अंततः शेयर बाजार पर अपना प्रभाव डालती हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि भू-राजनीतिक घटनाक्रम और वैश्विक आर्थिक संकेत आने वाले समय में भारतीय बाजारों को किस दिशा में ले जाते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

