spot_img

सरकार ने बदले IPO नियम: बड़ी कंपनियों के लिए शेयर बाजार में एंट्री हुई आसान

spot_img
- Advertisement -

IPO: भारतीय शेयर बाजार में लिस्ट होने की चाह रखने वाली बड़ी कंपनियों के लिए अब राह थोड़ी आसान हो गई है। सरकार ने इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) से जुड़े नियमों में एक बड़ा बदलाव किया है, जिसका सीधा असर उन कंपनियों पर पड़ेगा जिनका बाजार मूल्य लिस्टिंग के बाद 5 लाख करोड़ रुपये से अधिक होगा। अब ऐसी दिग्गज़ कंपनियों को अपनी चुकता पूंजी का केवल 2.5 प्रतिशत हिस्सा ही सार्वजनिक करना होगा, जिससे उनके लिए पूंजी जुटाना और बाजार में उतरना सुगम हो जाएगा। यह बदलाव निवेशकों और कंपनियों दोनों के लिए क्या मायने रखता है, आइए विस्तार से जानते हैं।

- Advertisement -

सरकार ने बदले IPO नियम: बड़ी कंपनियों के लिए शेयर बाजार में एंट्री हुई आसान

नए IPO नियमों से क्या बदलेगा?

सरकार के नए नियमों के तहत अब हर इक्विटी शेयर वर्ग का कम से कम 2.5 प्रतिशत हिस्सा आम निवेशकों के लिए आरक्षित रखना होगा। इसके साथ ही, पब्लिक शेयरहोल्डिंग को धीरे-धीरे बढ़ाने के लिए एक निश्चित समयसीमा भी निर्धारित की गई है, जिसका उद्देश्य बाजार में निवेशकों की भागीदारी को बढ़ाना है। यह कदम बाजार की तरलता (liquidity) और पारदर्शिता (transparency) को बढ़ावा देगा।

- Advertisement -

यदि किसी कंपनी की लिस्टिंग के समय सार्वजनिक हिस्सेदारी 15 प्रतिशत से कम है, तो उसे 5 साल के भीतर इसे बढ़ाकर 15 प्रतिशत और 10 साल के अंदर 25 प्रतिशत तक करना अनिवार्य होगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। वहीं, जिन कंपनियों के IPO के समय ही पब्लिक शेयरहोल्डिंग 15 प्रतिशत से ज्यादा है, उन्हें अगले 5 साल के भीतर इसे 25 प्रतिशत तक पहुंचाना होगा। इन बदलावों से कंपनियों को पर्याप्त समय मिलेगा ताकि वे नियमों का पालन कर सकें।

- Advertisement -

बाजार पूंजीकरण के आधार पर नए नियम:

  • 1 लाख करोड़ रुपये से 5 लाख करोड़ रुपये के बीच मार्केट कैपिटलाइजेशन वाली कंपनियां: इन्हें IPO के दौरान कम से कम 2.75 प्रतिशत शेयर आम निवेशकों को देने होंगे।
  • 50,000 करोड़ रुपये से 1 लाख करोड़ रुपये के बीच मार्केट कैप वाली कंपनियां: इन्हें कम से कम 8 प्रतिशत शेयर जनता के लिए जारी करने होंगे, ताकि बाजार में पब्लिक ऑफरिंग में निवेशकों की मजबूत भागीदारी बनी रहे।
  • छोटे आकार की कंपनियां: इनके लिए सार्वजनिक हिस्सेदारी का प्रतिशत अपेक्षाकृत अधिक रखा गया है।

नए नियमों में एक और महत्वपूर्ण प्रावधान यह है कि यदि किसी कंपनी के पास सुपीरियर वोटिंग राइट्स (SVR) वाले इक्विटी शेयर हैं और वह अपने सामान्य शेयरों को शेयर बाजार में लिस्ट करना चाहती है, तो ऐसे SVR शेयरों को भी साथ में लिस्ट करना अनिवार्य होगा। यह पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।

इन दिग्गज़ कंपनियों के लिए खुला रास्ता

सरकार ने इन नए नियमों को आधिकारिक तौर पर लागू कर दिया है। विषय की समझ रखने वाले बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले के बाद कई बड़ी कंपनियों के सार्वजनिक निर्गम आने की संभावना काफी बढ़ सकती है। खास तौर पर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और रिलायंस जियो जैसी कंपनियों के लिए शेयर बाजार में लिस्टिंग का रास्ता अब पहले से कहीं ज्यादा आसान माना जा रहा है। यह भारतीय पूंजी बाजार के लिए एक सकारात्मक संकेत है।

रियल-टाइम बिजनेस – टेक्नोलॉजी खबरों के लिए यहां क्लिक करें

आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह बदलाव न केवल कंपनियों के लिए पूंजी जुटाना आसान बनाएगा, बल्कि निवेशकों को भी गुणवत्तापूर्ण कंपनियों में निवेश करने के अधिक अवसर प्रदान करेगा। बाजार की बढ़ती गहराई और तरलता देश की आर्थिक वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

Bihar News: बिहार में Electricity Theft, अब नहीं बचेंगे बिजली चोर, ऐसे पकड़े जाएंगे रंगे हाथ!

Electricity Theft: बिहार में अब बिजली चोरों की खैर नहीं! राज्य सरकार ने बिजली...

Bihar News: बिहार में हीटवेव का टॉर्चर, IMD की चेतावनी, अगले 4 दिन भीषण गर्मी, 44 डिग्री पहुंचेगा पारा!

बिहार हीटवेव: बिहार में सूरज के तेवर ऐसे हुए हैं कि लगता है मानो...

Baby death after vaccination: दरभंगा में टीकाकरण के बाद बच्ची की संदिग्ध मौत, परिजनों में आक्रोश

Baby death after vaccination: बिहार के दरभंगा जिले से एक बेहद दुखद और चौंकाने...