Bihar Supreme Court ECI: देश में चल रही मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया और मतदाताओं के नाम काटे जाने को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। गुरुवार को सर्वोच्च न्यायालय ने भारत निर्वाचन आयोग (ECI) को नोटिस जारी कर दिया है, जिससे INDIA गठबंधन को बड़ी राहत मिली है। विपक्षी दलों के नेताओं द्वारा दायर इस याचिका में कई महत्वपूर्ण सवाल उठाए गए हैं।
चुनाव आयोग से मांगा जवाब, बेंच ने की सुनवाई
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, तृणमूल कांग्रेस के सांसद सौगत रॉय, समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव, राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव, राकांपा (एसपी) की नेता सुप्रिया सुले, शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत और भाकपा के डी राजा समेत कई विपक्षी नेताओं ने यह याचिका दायर की है। भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाला की बेंच इस मामले की सुनवाई कर रही थी। बेंच ने चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त से जवाब तलब किया है।
कोर्ट ने कहा, ‘हम नोटिस जारी कर रहे हैं और इसे पहले से लंबित मामलों के साथ टैग कर रहे हैं। भारत के चुनाव आयोग की तरफ से कोई इस नोटिस को ले। नहीं तो उन्हें भेजा जाए।’
एक याचिकाकर्ता के आचरण पर कोर्ट ने मांगी सफाई
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने एक याचिकाकर्ता के आचरण पर सफाई मांगने की बात भी कही। हालांकि, कोर्ट ने यह स्पष्ट नहीं किया कि किस नेता से सवाल पूछे जाएंगे। अदालत ने कहा, ‘नोटिस जारी कर दिया है, लेकिन उससे पहले एक आपत्ति है। हम अगली सुनवाई पर एक याचिकाकर्ता से उनके आचरण के बारे में पूछना चाहेंगे। नोटिस जारी करने का मतलब यह नहीं है कि हम किसी चीज की निंदा कर रहे हैं।’ कोर्ट ने आगे कहा कि याचिकाकर्ताओं में से एक के संबंध में नोटिस को फिलहाल अस्थायी तौर पर स्वीकार किया जाएगा, लेकिन शर्त यह है कि वह अपने आचरण के बारे में सफाई पेश करेगा।
याचिका में क्या हैं प्रमुख मांगें?
विपक्षी नेताओं ने अपनी याचिका में कई महत्वपूर्ण मांगें रखी हैं। उनकी प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं:
- रिटायर्ड जज और एक्सपर्ट्स की एक स्वतंत्र जांच समिति का गठन किया जाए, ताकि एसआईआर में काटे गए नामों का ऑडिट हो सके।
- बिना किसी पूर्व नोटिस और सुनवाई का अवसर दिए किसी भी मतदाता का नाम सूची से न काटा जाए।
- आगामी चुनावी राज्यों में सभी पात्र लोगों को कानून के अनुसार आखिरी तारीख तक मतदाता सूची में नाम शामिल कराने की अनुमति मिले।
INDIA गठबंधन का लगातार प्रदर्शन
यह याचिका ऐसे समय में आई है जब INDIA गठबंधन 6 अक्टूबर से ही दिल्ली की सड़कों पर ‘एक्शन मोड’ में नजर आ रहा है। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी दलों के सांसदों ने पहले दिन मार्च निकाला था, जिसके बाद दूसरे दिन धरना प्रदर्शन किया गया। तब से लगातार पार्टियां इस मुद्दे पर प्रदर्शन कर रही हैं। राहुल गांधी ने हाल ही में कहा था कि आगे बड़े प्रदर्शन की तैयारी की जा रही है, हालांकि उन्होंने इसकी जानकारी सार्वजनिक करने से इनकार कर दिया था। अब सुप्रीम कोर्ट के नोटिस के बाद इस मामले में नया मोड़ आ गया है।
चुनाव आयोग को अब सुप्रीम कोर्ट के समक्ष इन गंभीर आरोपों पर अपना पक्ष रखना होगा। इस फैसले से लाखों मतदाताओं के अधिकारों पर सीधा असर पड़ने की उम्मीद है, जिनके नाम मतदाता सूची से हटाए जाने का दावा किया जा रहा है।







